ब्रिटेन में बड़ा राजनीतिक उलटफेर: लेबर पार्टी के दबाव के आगे झुके कीर स्टार्मर, प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा

कीर स्टार्मर ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री पद से दिया इस्तीफा, लेबर पार्टी में नेतृत्व संकट

ब्रिटेन की राजनीति में सोमवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब ब्रिटिश प्रधानमंत्री Keir Starmer ने अपने पद से इस्तीफे की घोषणा कर दी। करीब दो वर्ष पहले लेबर पार्टी को ऐतिहासिक जीत दिलाकर सत्ता में लाने वाले स्टार्मर ने बढ़ते आंतरिक विरोध और गिरती लोकप्रियता के बीच यह फैसला लिया। उन्होंने कहा कि पार्टी और देश से मिले संकेतों को समझते हुए उन्हें “अपना जवाब मिल गया है” और अब नेतृत्व परिवर्तन का समय आ गया है।

स्टार्मर ने डाउनिंग स्ट्रीट से राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने पार्टी की भावनाओं को सुना है और वे इस निर्णय को पूरी गरिमा के साथ स्वीकार कर रहे हैं। हालांकि नया नेता चुने जाने तक वे कार्यवाहक प्रधानमंत्री के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभाते रहेंगे। लेबर पार्टी जुलाई में नए नेता के चुनाव की प्रक्रिया शुरू करेगी और सितंबर में संसद के दोबारा सत्र शुरू होने से पहले नए प्रधानमंत्री के नाम की घोषणा होने की संभावना है।

क्यों बढ़ा स्टार्मर पर दबाव?

पिछले कई महीनों से स्टार्मर की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठ रहे थे। मई 2026 में हुए स्थानीय चुनावों में लेबर पार्टी को अपेक्षा से कमजोर प्रदर्शन का सामना करना पड़ा। पार्टी ने इंग्लैंड, स्कॉटलैंड और वेल्स में कई महत्वपूर्ण सीटें गंवाईं, जिसके बाद दर्जनों सांसदों और कई मंत्रियों ने खुले तौर पर उनके नेतृत्व पर सवाल उठाए।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बार-बार नीतियों में बदलाव, आर्थिक मोर्चे पर अपेक्षित परिणाम न मिलना और कुछ विवादित नियुक्तियों ने स्टार्मर की छवि को नुकसान पहुंचाया। इसके साथ ही पार्टी के भीतर नेतृत्व परिवर्तन की मांग लगातार मजबूत होती गई।

एंडी बर्नहैम सबसे मजबूत दावेदार

स्टार्मर के इस्तीफे के बाद अब सबसे ज्यादा चर्चा Andy Burnham की हो रही है। हाल ही में संसदीय उपचुनाव में बड़ी जीत दर्ज करने वाले बर्नहैम को लेबर पार्टी के अगले नेता और संभावित प्रधानमंत्री के रूप में देखा जा रहा है। कई वरिष्ठ नेताओं और सांसदों का समर्थन भी उन्हें मिल रहा है।

ब्रिटेन की राजनीति पर क्या होगा असर?

स्टार्मर का इस्तीफा ऐसे समय आया है जब ब्रिटेन आर्थिक चुनौतियों, बढ़ती महंगाई और राजनीतिक अस्थिरता का सामना कर रहा है। विपक्षी दलों ने सरकार पर निशाना साधते हुए जल्द आम चुनाव कराने की मांग तेज कर दी है। वहीं लेबर पार्टी के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती नए नेतृत्व के तहत जनता का विश्वास दोबारा हासिल करने की होगी।

राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि यह इस्तीफा केवल एक नेता के पद छोड़ने की घटना नहीं है, बल्कि ब्रिटिश राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत भी हो सकती है। आने वाले हफ्तों में लेबर पार्टी के नेतृत्व चुनाव पर पूरी दुनिया की नजरें रहेंगी।

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