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Kal Ka Panchang, 21 June 2026: भानु सप्तमी पर त्रिपुष्कर और सर्वार्थ सिद्धि योग, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल
Kal Ka Panchang 21 June 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार, 21 जून 2026, रविवार का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ माना जा रहा है। इस दिन ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि है और भानु सप्तमी का पावन संयोग बन रहा है। सूर्य देव की आराधना के लिए यह दिन विशेष फलदायी माना जाता है। खास बात यह है कि इस दिन त्रिपुष्कर योग और सर्वार्थ सिद्धि योग जैसे शुभ योग भी बन रहे हैं, जो मांगलिक और शुभ कार्यों के लिए लाभकारी माने जाते हैं।
आइए जानते हैं 21 जून 2026 का संपूर्ण पंचांग, शुभ-अशुभ मुहूर्त, राहुकाल और पूजा का महत्व।
21 जून 2026 का पंचांग
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| दिन | रविवार |
| तिथि | ज्येष्ठ शुक्ल सप्तमी |
| विशेष पर्व | भानु सप्तमी |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | ज्येष्ठ |
| योग | त्रिपुष्कर योग, सर्वार्थ सिद्धि योग |
| नक्षत्र | उत्तरा फाल्गुनी (समयानुसार परिवर्तन संभव) |
| करण | वणिज एवं विष्टि (भद्रा) |
भानु सप्तमी का महत्व
भानु सप्तमी भगवान सूर्य को समर्पित मानी जाती है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करने और आदित्य हृदय स्तोत्र या सूर्य मंत्र का जाप करने से:
- मान-सम्मान में वृद्धि होती है।
- स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां दूर होती हैं।
- करियर और व्यापार में सफलता मिलती है।
- ग्रह दोषों के अशुभ प्रभाव कम होते हैं।
बन रहे हैं दो शुभ योग
1. त्रिपुष्कर योग
ज्योतिष शास्त्र में त्रिपुष्कर योग को अत्यंत शुभ माना गया है। इस योग में किए गए शुभ कार्यों का फल कई गुना बढ़कर मिलने की मान्यता है।
2. सर्वार्थ सिद्धि योग
यह योग नए कार्यों की शुरुआत, खरीदारी, निवेश, यात्रा और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए शुभ माना जाता है।
21 जून 2026 के शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त
सुबह लगभग 4:04 बजे से 4:44 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त
दोपहर लगभग 11:57 बजे से 12:53 बजे तक
विजय मुहूर्त
दोपहर बाद शुभ कार्यों के लिए अनुकूल समय।
(स्थानीय स्थान के अनुसार समय में थोड़ा अंतर हो सकता है।)
राहुकाल
रविवार को राहुकाल सामान्यतः:
शाम 4:30 बजे से 6:00 बजे तक
राहुकाल में शुभ कार्यों की शुरुआत करने से बचने की सलाह दी जाती है।
सूर्य पूजा की सरल विधि
भानु सप्तमी पर सुबह स्नान के बाद:
- तांबे के लोटे में जल लें।
- उसमें लाल फूल, रोली और अक्षत डालें।
- उगते सूर्य को अर्घ्य दें।
- “ॐ घृणि सूर्याय नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें।
- गेहूं, गुड़ और लाल वस्त्र का दान करें।
क्या करें और क्या न करें?
करें
✔ सूर्य देव को जल अर्पित करें।
✔ गरीबों को भोजन और वस्त्र दान करें।
✔ लाल रंग के पुष्प अर्पित करें।
✔ भगवान विष्णु और सूर्य की पूजा करें।
न करें
✘ किसी का अपमान न करें।
✘ झूठ बोलने और क्रोध से बचें।
✘ राहुकाल में शुभ कार्य शुरू न करें।
भानु सप्तमी पर विशेष उपाय
यदि कुंडली में सूर्य कमजोर हो तो:
- आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।
- गुड़ और गेहूं का दान करें।
- लाल चंदन का तिलक लगाएं।
- गाय को रोटी और गुड़ खिलाएं।
निष्कर्ष

21 जून 2026, रविवार का दिन भानु सप्तमी, त्रिपुष्कर योग और सर्वार्थ सिद्धि योग के कारण विशेष शुभ माना जा रहा है। इस दिन सूर्य देव की उपासना, दान-पुण्य और शुभ कार्य करने से सकारात्मक फल प्राप्त होने की धार्मिक मान्यता है। पंचांग के अनुसार शुभ मुहूर्त का ध्यान रखते हुए पूजा-पाठ और मांगलिक कार्य करना लाभकारी माना जाता है।





