iPhone में ‘i’ का क्या मतलब है? 90% Apple यूजर्स नहीं जानते इसका असली राज
iPhone में ‘i’ का क्या मतलब है? जानिए Steve Jobs की छिपी हुई सोच
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आज दुनिया भर में करोड़ों लोग Apple के iPhone, iPad और iMac जैसे डिवाइस इस्तेमाल करते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इन सभी प्रोडक्ट्स के नाम में जो छोटा सा ‘i’ लगा होता है, उसका असली मतलब क्या है?
दिलचस्प बात यह है कि ज्यादातर Apple यूजर्स को भी इसका सही जवाब नहीं पता। दरअसल, इस एक अक्षर के पीछे Steve Jobs की खास सोच और इंटरनेट क्रांति का बड़ा विजन छिपा हुआ था।

सबसे पहले iMac से हुई थी शुरुआत
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साल 1998 में Apple ने iMac लॉन्च किया था। उसी दौरान Steve Jobs ने पहली बार बताया था कि ‘i’ सिर्फ एक अक्षर नहीं बल्कि कई चीजों का प्रतीक है।
उस समय इंटरनेट तेजी से दुनिया बदल रहा था और Apple चाहता था कि उसके कंप्यूटर लोगों को आसानी से इंटरनेट से जोड़ें। इसलिए iMac में ‘i’ का सबसे पहला मतलब था — Internet।
‘i’ के पीछे छिपे हैं 5 बड़े मतलब
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Steve Jobs ने अपनी प्रेजेंटेशन में बताया था कि ‘i’ सिर्फ Internet तक सीमित नहीं है। इसके पीछे 5 बड़े आइडिया थे:
1. Internet
Apple के डिवाइस इंटरनेट इस्तेमाल को आसान बनाने के लिए बनाए गए थे।
2. Individual
यानी हर व्यक्ति के लिए पर्सनल टेक्नोलॉजी।
3. Instruct
लोगों को सीखने और जानकारी हासिल करने में मदद करना।
4. Inform
जानकारी और कम्युनिकेशन को आसान बनाना।
5. Inspire
लोगों को क्रिएटिव और इनोवेटिव बनने के लिए प्रेरित करना।
यही वजह है कि Apple ने बाद में iPod, iPhone, iPad और दूसरे कई प्रोडक्ट्स में भी ‘i’ जोड़ना जारी रखा।
iPhone ने बदल दी पूरी दुनिया
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साल 2007 में जब Steve Jobs ने पहला iPhone लॉन्च किया, तब शायद ही किसी ने सोचा होगा कि यह डिवाइस पूरी मोबाइल इंडस्ट्री बदल देगा।
iPhone सिर्फ एक फोन नहीं था, बल्कि इंटरनेट, म्यूजिक, कैमरा और कंप्यूटर का कॉम्बिनेशन बन गया। यही वजह है कि ‘i’ की सोच iPhone में पूरी तरह दिखाई देती है।
अब Apple कम इस्तेमाल करता है ‘i’
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हाल के वर्षों में Apple ने कई नए प्रोडक्ट्स लॉन्च किए हैं जिनमें ‘i’ का इस्तेमाल नहीं किया गया। जैसे:
- Apple Watch
- AirPods
- Vision Pro
फिर भी iPhone और iPad जैसे नाम आज भी Apple की पहचान बने हुए हैं।
क्यों खास है यह छोटा सा अक्षर?
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Apple के लिए ‘i’ सिर्फ ब्रांडिंग नहीं थी। यह उस दौर का प्रतीक था जब इंटरनेट लोगों की जिंदगी बदल रहा था और टेक्नोलॉजी को ज्यादा पर्सनल बनाया जा रहा था।
यही कारण है कि आज भी iPhone का ‘i’ टेक्नोलॉजी इतिहास के सबसे आइकॉनिक अक्षरों में गिना जाता है।





