NEET UG 2026 री-एग्जाम: सुरक्षा और पारदर्शिता पर केंद्र सरकार का बड़ा फोकस
19 मई 2026 को केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने NEET UG 2026 री-एग्जाम की तैयारियों को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि परीक्षा पूरी तरह सुरक्षित, पारदर्शी और त्रुटिरहित तरीके से आयोजित की जाए।

बैठक में क्या हुआ?
शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि पिछली परीक्षा प्रक्रिया में जहां भी कमजोरियां सामने आईं, उन्हें पूरी तरह दूर किया जाए। उन्होंने परीक्षा केंद्रों की निगरानी बढ़ाने, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना खत्म करने पर जोर दिया।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय बढ़ाया जाए ताकि परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी रखी जा सके।
सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए गए?
- परीक्षा केंद्रों पर सख्त निगरानी।
- केंद्रीय और राज्य एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय।
- सोशल मीडिया पर फैलने वाली फर्जी पेपर लीक अफवाहों पर कार्रवाई।
- संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था।
- प्रश्नपत्रों और परीक्षा संचालन की निगरानी के लिए विशेष प्रोटोकॉल।
कुछ रिपोर्टों के अनुसार, री-एग्जाम की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रश्नपत्रों के परिवहन और निगरानी के लिए अतिरिक्त व्यवस्थाएं भी की गई हैं।
छात्रों की सुविधाओं पर भी जोर
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बैठक में केवल सुरक्षा ही नहीं, बल्कि छात्रों की सुविधाओं पर भी चर्चा हुई। शिक्षा मंत्री ने निर्देश दिया कि परीक्षा केंद्रों पर:
- पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था हो।
- गर्मी से बचाव के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हों।
- छात्रों को परिवहन संबंधी सहायता दी जाए।
- प्रवेश और निकास व्यवस्था सुचारु रखी जाए।
री-एग्जाम क्यों हो रहा है?
NEET UG 2026 परीक्षा को लेकर पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं के आरोपों के बाद परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठे। इसके बाद सरकार और NTA ने री-एग्जाम कराने का फैसला किया। री-एग्जाम 21 जून 2026 को आयोजित किया जाना तय किया गया है।
आगे क्या?
सरकार का कहना है कि इस बार परीक्षा को पूरी तरह “लीक-प्रूफ” और पारदर्शी बनाने की कोशिश की जा रही है ताकि छात्रों और अभिभावकों का विश्वास बहाल हो सके। NTA ने भी सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि री-एग्जाम के लिए अतिरिक्त सुरक्षा और संरचनात्मक सुधार लागू किए गए हैं।





