India-Oman CEPA: आज से लागू हुई भारत-ओमान ट्रेड डील, कपड़ा, जेम्स-ज्वैलरी और IT प्रोफेशनल्स की खुली किस्मत
India-Oman CEPA लागू, 99% भारतीय निर्यात पर जीरो टैक्स का बड़ा फायदा
नई दिल्ली। भारत और Oman के बीच व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता (CEPA) आज यानी 1 जून 2026 से लागू हो गया है। इस ऐतिहासिक व्यापार समझौते को दोनों देशों के आर्थिक संबंधों में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। सरकार का मानना है कि इससे भारतीय निर्यातकों, उद्योगों और सेवा क्षेत्र को व्यापक लाभ मिलेगा।
समझौते के तहत भारत के लगभग 99.38 प्रतिशत निर्यात पर ओमान में आयात शुल्क (टैरिफ) शून्य हो जाएगा। इससे भारतीय उत्पाद ओमान के बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगे और निर्यात को नई गति मिलने की उम्मीद है। विशेष रूप से कपड़ा, परिधान, जेम्स एंड ज्वैलरी, इंजीनियरिंग सामान, ऑटो कंपोनेंट्स, खाद्य प्रसंस्करण और रसायन क्षेत्र को बड़ा फायदा मिलने का अनुमान है।
कपड़ा और जेम्स-ज्वैलरी सेक्टर को बड़ी राहत
भारत का टेक्सटाइल और जेम्स-ज्वैलरी उद्योग लंबे समय से खाड़ी देशों में अपने बाजार का विस्तार करने की कोशिश कर रहा था। CEPA लागू होने के बाद इन क्षेत्रों के उत्पादों पर शुल्क में कमी या समाप्ति से भारतीय कंपनियों को ओमान में बेहतर अवसर मिलेंगे। इससे निर्यात बढ़ने के साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं।
IT और प्रोफेशनल्स के लिए खुलेंगे नए रास्ते
इस समझौते का सबसे बड़ा लाभ भारतीय सेवा क्षेत्र को भी मिलने वाला है। आईटी प्रोफेशनल्स, इंजीनियरों, आर्किटेक्ट्स, अकाउंटेंट्स और अन्य कुशल पेशेवरों के लिए ओमान में काम करने के अवसर बढ़ेंगे। समझौते के तहत भारतीय पेशेवरों के लिए विशेष कोटा और आसान प्रक्रियाओं का प्रावधान किया गया है, जिससे रोजगार और व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
व्यापार बढ़ाने का लक्ष्य
भारत और ओमान के बीच वर्षों से मजबूत आर्थिक और रणनीतिक संबंध रहे हैं। दोनों देशों का लक्ष्य अब द्विपक्षीय व्यापार को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है। विशेषज्ञों का मानना है कि CEPA लागू होने से आने वाले वर्षों में दोनों देशों के बीच व्यापारिक गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिल सकती है।
निवेश को भी मिलेगा बढ़ावा
व्यापार समझौते से केवल निर्यात ही नहीं, बल्कि निवेश के क्षेत्र में भी नए अवसर खुलने की उम्मीद है। भारतीय कंपनियां ओमान में और ओमानी कंपनियां भारत में निवेश बढ़ा सकती हैं। इससे विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स, ऊर्जा और तकनीकी क्षेत्रों को फायदा मिलने की संभावना है।
भारत की वैश्विक व्यापार रणनीति को मजबूती
विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता भारत की वैश्विक व्यापार रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। हाल के वर्षों में भारत विभिन्न देशों के साथ मुक्त व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौतों पर जोर दे रहा है। ओमान के साथ CEPA लागू होना उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

कुल मिलाकर, भारत-ओमान CEPA के लागू होने से भारतीय उद्योग, निर्यातक, स्टार्टअप, सेवा क्षेत्र और कुशल पेशेवरों के लिए नए अवसर पैदा होंगे। सरकार को उम्मीद है कि यह समझौता दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को और मजबूत करेगा तथा व्यापार और निवेश में नई तेजी लाएगा।





