NEET पेपर लीक के बाद सामने आया NEET रिफंड फ्रॉड, नवीनकुमार यादव की गिरफ्तारी से हुआ बड़ा खुलासा
NEET Refund Scam: पेपर लीक विवाद के बीच NEET रिफंड फ्रॉड का खुलासा, नवीनकुमार यादव गिरफ्तार
NEET पेपर लीक के बाद अब रिफंड फ्रॉड ने बढ़ाई चिंता
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG एक बार फिर सुर्खियों में है। पहले पेपर लीक के आरोपों ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए थे और अब छात्रों के रिफंड को निशाना बनाने वाला एक बड़ा साइबर फ्रॉड सामने आया है। इस मामले में बिहार के गया निवासी 19 वर्षीय नवीनकुमार शंकर प्रसाद यादव को गुजरात पुलिस की साइबर क्राइम शाखा और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के सहयोग से गिरफ्तार किया गया है।
यह मामला केवल पैसों की धोखाधड़ी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दर्शाता है कि लाखों छात्रों की निजी जानकारी और बैंकिंग डिटेल्स किस तरह साइबर अपराधियों के निशाने पर हैं।
क्या है पूरा मामला?
जांच एजेंसियों के मुताबिक, आरोपी ने NEET-UG पोर्टल पर मौजूद कुछ छात्रों के अकाउंट्स तक अवैध पहुंच बनाई। इसके लिए उसने कमजोर पासवर्ड और सुरक्षा खामियों का फायदा उठाया।
पुलिस के अनुसार आरोपी ने—
- छात्रों के लॉगिन क्रेडेंशियल्स का दुरुपयोग किया।
- रिफंड पाने वाले उम्मीदवारों की पहचान की।
- उनके बैंक खाते की जानकारी बदल दी।
- रिफंड की रकम अपने बैंक खाते में ट्रांसफर कराने की कोशिश की।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी ने लगभग 350 छात्रों के अकाउंट्स को निशाना बनाया, जिनमें से करीब 150 अकाउंट कमजोर पासवर्ड की वजह से आसानी से एक्सेस किए जा सके।
कैसे पकड़ा गया आरोपी?
NTA के चीफ इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी ऑफिसर (CISO) ने पोर्टल पर संदिग्ध गतिविधियों को नोटिस किया। डिजिटल फुटप्रिंट और बैंक ट्रांजैक्शन की जांच के बाद अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच ने आरोपी तक पहुंच बनाई।
तकनीकी विश्लेषण, बैंकिंग रिकॉर्ड और साइबर इंटेलिजेंस की मदद से बिहार से नवीनकुमार यादव को गिरफ्तार किया गया।
पेपर लीक विवाद के बीच नई मुसीबत
NEET-UG पहले से ही पेपर लीक विवाद को लेकर चर्चा में है। परीक्षा रद्द होने, दोबारा परीक्षा कराने और जांच एजेंसियों की कार्रवाई के बीच यह नया साइबर फ्रॉड सामने आया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा से जुड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सुरक्षा को और मजबूत बनाने की जरूरत है, क्योंकि इनमें छात्रों की व्यक्तिगत और वित्तीय जानकारी मौजूद होती है।
NTA ने क्या कहा?
NTA ने उम्मीदवारों को सतर्क रहने की सलाह दी है। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि—
- केवल आधिकारिक पोर्टल का ही उपयोग करें।
- किसी अनजान व्यक्ति को OTP या पासवर्ड न दें।
- बैंक डिटेल्स समय-समय पर जांचते रहें।
- रिफंड संबंधी किसी भी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक सूचना पर भरोसा करें।
हाल ही में NTA ने बैंकिंग त्रुटियों को सुधारने के लिए विशेष सुविधा भी शुरू की है और छात्रों को साइबर ठगी से सावधान रहने को कहा है।
छात्रों के लिए जरूरी सलाह
साइबर विशेषज्ञों के अनुसार उम्मीदवारों को:
मजबूत पासवर्ड बनाना चाहिए
- बड़े और छोटे अक्षर
- अंक
- स्पेशल कैरेक्टर
इन गलतियों से बचें
- जन्मतिथि को पासवर्ड न बनाएं।
- मोबाइल नंबर का उपयोग न करें।
- 123456 या Password जैसे आसान पासवर्ड से बचें।
OTP किसी को न दें
कोई भी अधिकारी फोन करके OTP या पासवर्ड नहीं मांगता।
केवल आधिकारिक वेबसाइट का इस्तेमाल करें
फर्जी लिंक और सोशल मीडिया संदेशों से सावधान रहें।
जांच अभी जारी
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी अकेले काम कर रहा था या उसके पीछे कोई बड़ा साइबर गिरोह सक्रिय है। यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस तरह की धोखाधड़ी अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में भी की गई है।
निष्कर्ष

NEET पेपर लीक विवाद के बाद सामने आया यह रिफंड फ्रॉड देश की परीक्षा प्रणाली के लिए एक नई चुनौती बनकर उभरा है। लाखों छात्रों की मेहनत और भविष्य से जुड़े इस परीक्षा तंत्र में अब केवल प्रश्नपत्र की सुरक्षा ही नहीं, बल्कि डिजिटल सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण हो गई है। नवीनकुमार यादव की गिरफ्तारी से इस मामले का खुलासा जरूर हुआ है, लेकिन यह घटना बताती है कि साइबर अपराधी लगातार नए तरीके अपनाकर छात्रों को निशाना बना रहे हैं।





