BPSSC भर्ती परीक्षा का पेपर लीक! बायोमेट्रिक सुपरवाइजर के जरिए पहुंचाए गए थे जवाब, 3 गिरफ्तार
BPSSC भर्ती परीक्षा पेपर लीक, बायोमेट्रिक सुपरवाइजर समेत तीन गिरफ्तार
बिहार में भर्ती परीक्षा में हाईटेक नकल का खुलासा, मोबाइल से मिले डिजिटल सबूतों ने खोला पूरा खेल
बिहार में सरकारी भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) की हवलदार इंस्ट्रक्टर (होमगार्ड सेवा) भर्ती परीक्षा में कथित पेपर लीक और हाईटेक नकल गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। मामले की जांच कर रही आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि परीक्षा के दौरान एक बायोमेट्रिक सुपरवाइजर की मदद से प्रश्नों के उत्तर अभ्यर्थी तक पहुंचाए जा रहे थे। मामले का खुलासा होने के बाद आयोग ने परीक्षा को अगली सूचना तक स्थगित कर दिया है।
कैसे हुआ पूरे मामले का खुलासा?
EOU के अनुसार, पुलिस को सूचना मिली थी कि हाजीपुर में आयोजित होमगार्ड हवलदार इंस्ट्रक्टर भर्ती परीक्षा में अनुचित तरीके अपनाए जा सकते हैं। सूचना के आधार पर निगरानी बढ़ाई गई और एक संदिग्ध अभ्यर्थी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आईं, जिसके बाद पुलिस ने पूरे नेटवर्क का खुलासा करने का दावा किया।
कौन-कौन गिरफ्तार हुआ?
जांच एजेंसी ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है—
- राज समदर्शी उर्फ राजा (पटना)
- अभिषेक कुमार (वैशाली)
- नितेश कुमार (बायोमेट्रिक सुपरवाइजर, वैशाली)
तीनों को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
बायोमेट्रिक सुपरवाइजर की क्या थी भूमिका?
जांच में सामने आया है कि परीक्षा केंद्र पर मौजूद बायोमेट्रिक सुपरवाइजर पर आरोप है कि उसने प्रश्नों के उत्तर अभ्यर्थी तक पहुंचाने में मदद की। पुलिस का दावा है कि उत्तर इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से भेजे गए। यह पूरी प्रक्रिया बेहद सुनियोजित तरीके से संचालित की जा रही थी, ताकि परीक्षा के दौरान किसी को संदेह न हो। इन आरोपों की जांच अभी जारी है।
मोबाइल फोन से मिले अहम सबूत
EOU ने आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच में कई परीक्षा संबंधी दस्तावेज, एडमिट कार्ड, उत्तर-पत्र और अन्य डिजिटल सामग्री बरामद करने का दावा किया है। जांच एजेंसी का कहना है कि इन्हीं डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं।
पहले की परीक्षा से भी जुड़ रहे तार
पूछताछ के दौरान एक आरोपी ने कथित तौर पर यह भी दावा किया कि इसी तरह का तरीका अप्रैल 2026 में आयोजित Assistant Election Development Officer (AEDO) परीक्षा में भी अपनाया गया था। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और पुलिस इसकी जांच कर रही है।
आयोग ने परीक्षा स्थगित की
मामले की गंभीरता को देखते हुए BPSSC ने हवलदार इंस्ट्रक्टर भर्ती परीक्षा को अगली सूचना तक स्थगित कर दिया है। आयोग की ओर से आगे की तिथि जांच और प्रशासनिक समीक्षा के बाद घोषित की जाएगी।
किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला?
आर्थिक अपराध इकाई ने आरोपियों के खिलाफ बिहार सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। जांच एजेंसी यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह में और कितने लोग शामिल थे तथा क्या अन्य परीक्षाओं में भी इसी नेटवर्क का इस्तेमाल किया गया।
निष्कर्ष
BPSSC भर्ती परीक्षा में कथित पेपर लीक का यह मामला एक बार फिर सरकारी भर्ती परीक्षाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। फिलहाल तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, परीक्षा स्थगित कर दी गई है और जांच जारी है। आने वाले दिनों में जांच के आधार पर और गिरफ्तारियां या नए खुलासे हो सकते हैं। आरोप अभी जांच के दायरे में हैं और अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएंगे।





