मिलावटी दूध और शुद्ध दूध की पहचान कैसे करें? FSSAI से जानिए दूध में पानी, डिटर्जेंट और स्टार्च का कैसे चलेगा पता
मिलावटी या शुद्ध दूध? FSSAI से जानिए दूध में पानी, डिटर्जेंट और स्टार्च की पहचान
मिलावटी दूध और शुद्ध दूध की पहचान कैसे करें? FSSAI से जानिए दूध में पानी, डिटर्जेंट और स्टार्च का कैसे चलेगा पता
How To Identify Fake Milk: दूध को संपूर्ण आहार माना जाता है, क्योंकि इसमें कैल्शियम, प्रोटीन, विटामिन और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। लेकिन अगर यही दूध मिलावटी हो, तो यह शरीर को फायदा पहुंचाने के बजाय नुकसान भी पहुंचा सकता है। आजकल दूध में पानी, डिटर्जेंट, स्टार्च, सिंथेटिक केमिकल और अन्य पदार्थों की मिलावट के मामले सामने आते रहते हैं। ऐसे में भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने कुछ आसान तरीके बताए हैं, जिनकी मदद से घर पर ही दूध की प्राथमिक जांच की जा सकती है।
दूध में मिलावट क्यों की जाती है?
दूध की मात्रा बढ़ाने और अधिक मुनाफा कमाने के लिए कुछ लोग उसमें पानी मिलाते हैं। कई मामलों में दूध को गाढ़ा दिखाने के लिए स्टार्च या सिंथेटिक पदार्थ मिलाए जाते हैं, जबकि झाग बनाने के लिए डिटर्जेंट जैसी हानिकारक चीजों का इस्तेमाल भी किया जाता है। ऐसे दूध का नियमित सेवन पेट, लिवर, किडनी और पाचन तंत्र पर बुरा असर डाल सकता है।
1. दूध में पानी की मिलावट कैसे पहचानें?
FSSAI के अनुसार एक साफ और चिकनी सतह (जैसे कांच या स्टील की प्लेट) पर दूध की एक बूंद गिराएं।
- यदि बूंद धीरे-धीरे नीचे की ओर बहे और पीछे सफेद निशान छोड़ दे, तो दूध अपेक्षाकृत शुद्ध हो सकता है।
- यदि बूंद बिना कोई सफेद निशान छोड़े तेजी से बह जाए, तो उसमें पानी की मिलावट होने की संभावना हो सकती है।
2. डिटर्जेंट की मिलावट का पता कैसे लगाएं?
एक बोतल में थोड़ा दूध और बराबर मात्रा में पानी डालकर अच्छी तरह हिलाएं।
- यदि सामान्य झाग बनकर जल्दी खत्म हो जाए, तो यह सामान्य हो सकता है।
- यदि बहुत अधिक और लंबे समय तक झाग बना रहे, तो डिटर्जेंट की मिलावट की आशंका हो सकती है।
3. स्टार्च की मिलावट कैसे पहचानें?
दूध को हल्का ठंडा होने दें और उसमें आयोडीन सॉल्यूशन (Iodine Solution) की कुछ बूंदें डालें।
- यदि दूध का रंग नीला या गहरा नीला हो जाए, तो स्टार्च की मिलावट की संभावना हो सकती है।
- यदि रंग में कोई खास बदलाव न हो, तो स्टार्च मौजूद न होने की संभावना रहती है।
ध्यान दें: आयोडीन सॉल्यूशन का उपयोग सावधानी से करें और बच्चों की पहुंच से दूर रखें।
मिलावटी दूध से क्या नुकसान हो सकते हैं?
लगातार मिलावटी दूध पीने से कई स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं, जैसे—
- पेट दर्द और अपच
- उल्टी या दस्त
- एलर्जी
- बच्चों की वृद्धि पर असर
- किडनी और लिवर पर दबाव
- लंबे समय में अन्य स्वास्थ्य जटिलताएं
शुद्ध दूध खरीदते समय किन बातों का रखें ध्यान?
- हमेशा भरोसेमंद ब्रांड या विश्वसनीय डेयरी से दूध खरीदें।
- पैकेट पर निर्माण और एक्सपायरी तिथि जरूर देखें।
- दूध की गंध, रंग और स्वाद में असामान्यता महसूस हो तो उसका सेवन न करें।
- खुले दूध की गुणवत्ता को लेकर विशेष सावधानी बरतें।
- संदेह होने पर अधिकृत प्रयोगशाला में जांच कराई जा सकती है।
FSSAI की सलाह
FSSAI का कहना है कि उपभोक्ताओं को केवल विश्वसनीय स्रोतों से ही दूध खरीदना चाहिए। घर पर किए जाने वाले ये परीक्षण केवल प्राथमिक संकेत देते हैं। यदि मिलावट का गंभीर संदेह हो, तो प्रमाणित प्रयोगशाला में जांच कराना ही सबसे विश्वसनीय तरीका है।




