क्या सांस फूलना फेफड़ों के कैंसर का लक्षण है? WHO के अनुसार Lung Cancer के 7 संकेत कौन से हैं, जानिए यहां ????
Lung Cancer Symptoms: सांस फूलना समेत फेफड़ों के कैंसर के 7 संकेत......
क्या सांस फूलना फेफड़ों के कैंसर का लक्षण है? WHO के अनुसार Lung Cancer के 7 संकेत कौन से हैं, जानिए यहां
Fefdo Ke Cancer Ke Lakshan: फेफड़ों का कैंसर दुनिया में कैंसर से होने वाली मौतों के प्रमुख कारणों में शामिल है। इसकी शुरुआत में कई लक्षण सामान्य खांसी, सांस की परेशानी या कमजोरी जैसे लग सकते हैं, जिसके कारण लोग इन्हें नजरअंदाज कर देते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार फेफड़ों के कैंसर के सामान्य लक्षणों में लगातार खांसी, सीने में दर्द, सांस फूलना, खांसी में खून आना, थकान, बिना कारण वजन कम होना और बार-बार फेफड़ों का संक्रमण शामिल हैं।
फेफड़ों का कैंसर यानी Lung Cancer तब होता है जब फेफड़ों की असामान्य कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगती हैं। WHO के मुताबिक 2022 में दुनियाभर में करीब 25 लाख नए मामले सामने आए और लगभग 18 लाख लोगों की मौत फेफड़ों के कैंसर से हुई।
क्या सांस फूलना Lung Cancer का संकेत हो सकता है?
हां, सांस फूलना (Shortness of Breath) फेफड़ों के कैंसर का संभावित लक्षण हो सकता है। खासकर अगर पहले ऐसी समस्या नहीं थी और अब सामान्य काम करने, चलने या सीढ़ियां चढ़ने पर भी सांस फूलने लगी है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
हालांकि, सिर्फ सांस फूलने का मतलब फेफड़ों का कैंसर होना नहीं है। अस्थमा, COPD, फेफड़ों का संक्रमण, हृदय संबंधी समस्याएं और कई अन्य स्थितियां भी सांस फूलने का कारण बन सकती हैं। इसलिए लक्षण के आधार पर खुद से कैंसर का निष्कर्ष निकालना सही नहीं है।
WHO के अनुसार सांस फूलने के साथ लगातार खांसी, सीने में दर्द, खून वाली खांसी या बिना वजह वजन कम होने जैसे लक्षण दिखाई दें तो चिकित्सकीय जांच जरूरी है।
WHO के अनुसार Lung Cancer के 7 प्रमुख संकेत
1. लगातार बनी रहने वाली खांसी
सर्दी-जुकाम या सामान्य संक्रमण के कारण होने वाली खांसी कुछ समय में ठीक हो जाती है। लेकिन अगर खांसी लंबे समय तक बनी रहती है या लगातार बढ़ रही है, तो इसकी जांच करानी चाहिए।
WHO फेफड़ों के कैंसर के सामान्य लक्षणों में ऐसी खांसी को प्रमुखता से शामिल करता है।
2. सांस फूलना या सांस लेने में परेशानी
अगर पहले सामान्य गतिविधियां आसानी से कर लेते थे, लेकिन अब थोड़ी दूरी चलने या सीढ़ियां चढ़ने पर सांस फूलने लगी है, तो इसे नजरअंदाज न करें।
फेफड़ों में ट्यूमर या बीमारी के कारण सांस लेने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। लेकिन सांस फूलने के कई दूसरे कारण भी हो सकते हैं, इसलिए डॉक्टर की सलाह जरूरी है।
3. सीने में दर्द
सीने में लगातार दर्द, खासकर सांस लेने या खांसने के दौरान बढ़ने वाला दर्द, फेफड़ों से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है।
हालांकि सीने में दर्द केवल कैंसर से जुड़ा नहीं है। मांसपेशियों की समस्या, संक्रमण, हृदय रोग और अन्य कारण भी इसके पीछे हो सकते हैं।
4. खांसी के साथ खून आना
खांसी के दौरान बलगम में खून या खून जैसी लकीरें दिखाई देना एक ऐसा लक्षण है जिसे गंभीरता से लेना चाहिए।
WHO फेफड़ों के कैंसर के प्रमुख लक्षणों में coughing up blood यानी खांसी में खून आना (haemoptysis) शामिल करता है।
ऐसा होने पर डॉक्टर से जल्द संपर्क करना चाहिए, क्योंकि इसके पीछे कैंसर के अलावा संक्रमण, टीबी और अन्य फेफड़ों की बीमारियां भी हो सकती हैं।
5. बिना किसी स्पष्ट कारण वजन कम होना
अगर डाइट या एक्सरसाइज में कोई खास बदलाव किए बिना वजन लगातार कम हो रहा है, तो इसकी वजह पता लगाना जरूरी है।
Unexplained weight loss कई गंभीर बीमारियों का संकेत हो सकता है और WHO इसे Lung Cancer के सामान्य लक्षणों में शामिल करता है।
6. लगातार थकान या कमजोरी
पर्याप्त नींद लेने के बावजूद लगातार थकान महसूस होना भी ध्यान देने योग्य लक्षण है। WHO के अनुसार fatigue यानी अत्यधिक थकान फेफड़ों के कैंसर से जुड़े सामान्य लक्षणों में शामिल है।
हालांकि थकान बहुत सामान्य समस्या है और इसके पीछे नींद की कमी, एनीमिया, संक्रमण, तनाव समेत कई कारण हो सकते हैं।
7. बार-बार फेफड़ों में संक्रमण होना
अगर किसी व्यक्ति को बार-बार ब्रोंकाइटिस या निमोनिया जैसे फेफड़ों के संक्रमण हो रहे हैं और समस्या बार-बार लौट रही है, तो इसकी चिकित्सकीय जांच कराना जरूरी है।
WHO ने बार-बार होने वाले lung infections को भी फेफड़ों के कैंसर के संभावित सामान्य लक्षणों में शामिल किया है।
शुरुआती लक्षणों को क्यों नजरअंदाज कर देते हैं लोग?
फेफड़ों के कैंसर की शुरुआत में लक्षण बहुत हल्के हो सकते हैं। कई बार व्यक्ति लगातार खांसी को मौसम, प्रदूषण, धूम्रपान या सामान्य संक्रमण से जोड़ देता है। इसी तरह सांस फूलने को उम्र बढ़ने या कमजोरी का परिणाम समझ लिया जाता है।
WHO के मुताबिक शुरुआती लक्षण हल्के हो सकते हैं या सामान्य सांस संबंधी बीमारी समझकर नजरअंदाज किए जा सकते हैं, जिससे बीमारी की पहचान में देरी हो सकती है।
फेफड़ों के कैंसर का सबसे बड़ा जोखिम कारक क्या है?
तंबाकू का सेवन और धूम्रपान Lung Cancer का सबसे प्रमुख जोखिम कारक है। WHO के अनुसार इसके अलावा दूसरे लोगों के धुएं के संपर्क में आना, वायु प्रदूषण, कार्यस्थल पर asbestos, silica और diesel exhaust जैसे पदार्थों का संपर्क तथा radon exposure भी जोखिम बढ़ा सकते हैं।
WHO के अनुसार फेफड़ों के कैंसर के एक बड़े हिस्से को जोखिम कारकों को कम करके रोका जा सकता है। तंबाकू का सेवन छोड़ना इसके बचाव का सबसे महत्वपूर्ण तरीका है।
क्या हर खांसी का मतलब Lung Cancer है?
बिल्कुल नहीं। खांसी एक बेहद सामान्य लक्षण है और इसके पीछे वायरल संक्रमण, एलर्जी, अस्थमा, प्रदूषण, टीबी, COPD और कई अन्य कारण हो सकते हैं।
इसी तरह सांस फूलना भी केवल कैंसर का संकेत नहीं है। इसलिए केवल एक लक्षण देखकर घबराने की जरूरत नहीं है। लेकिन लगातार बने रहने वाले या बढ़ते लक्षणों की जांच जरूर करानी चाहिए।
कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?
अगर लगातार खांसी, सांस फूलना, सीने में दर्द, खांसी में खून, बिना कारण वजन कम होना, अत्यधिक थकान या बार-बार फेफड़ों का संक्रमण जैसी समस्या बनी हुई है, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।
विशेष रूप से खांसी में खून आने या आराम की स्थिति में सांस लेने में गंभीर परेशानी होने पर चिकित्सा सहायता लेने में देरी नहीं करनी चाहिए।
Lung Cancer की जांच कैसे होती है?
लक्षणों और जोखिम कारकों के आधार पर डॉक्टर अलग-अलग जांच की सलाह दे सकते हैं। WHO के अनुसार Lung Cancer की जांच में शारीरिक परीक्षण के अलावा Chest X-ray, CT scan, MRI, bronchoscopy और tissue biopsy/histopathology जैसी जांचें शामिल हो सकती हैं। कुछ मामलों में कैंसर की विशेष molecular testing भी की जाती है ताकि उपचार का सही विकल्प चुना जा सके।
सबसे जरूरी बात
फेफड़ों के कैंसर में जल्दी पहचान बेहद महत्वपूर्ण हो सकती है। इसका मतलब यह नहीं है कि सांस फूलने या खांसी होने पर व्यक्ति को कैंसर ही है। लेकिन यदि लक्षण लगातार बने हुए हैं, बढ़ रहे हैं या उनके साथ खून आना और बिना वजह वजन कम होना जैसी समस्या जुड़ गई है, तो डॉक्टर से जांच कराना समझदारी है।
Disclaimer: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के लिए है। किसी भी लक्षण के आधार पर खुद से Lung Cancer का निदान न करें। सही जांच और निदान के लिए योग्य डॉक्टर से परामर्श लें।




