संत शिरोमणि रविदास की 650वीं जयंती: पडरौना में काशी से आई भव्य कलशयात्रा का हुआ जोरदार स्वागत ???
पडरौना में संत रविदास 650वीं जयंती कलशयात्रा का भव्य स्वागत....
पुष्पवर्षा, ढोल-नगाड़ों और जयकारों से भक्तिमय हुआ पडरौना, नगर पालिकाध्यक्ष विनय जायसवाल ने किया अभिनंदन
कुशीनगर/पडरौना। संत शिरोमणि गुरु रविदास की 650वीं जयंती के अवसर पर काशी स्थित उनकी पावन जन्मस्थली से निकाली गई भव्य कलशयात्रा के पडरौना पहुंचने पर श्रद्धालुओं और नगरवासियों ने उत्साहपूर्वक स्वागत किया। यात्रा के आगमन के साथ ही पूरा क्षेत्र संत रविदास के जयकारों, ढोल-नगाड़ों और भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर कलशयात्रा का अभिनंदन किया।
नगर के प्रमुख स्थल सुभाष चौक पर नगरपालिका परिषद पडरौना के अध्यक्ष विनय जायसवाल ने पावन कलश और यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का माल्यार्पण कर स्वागत किया। इस दौरान पुष्पवर्षा के बीच संत रविदास के जयकारे लगाए गए। श्रद्धालुओं की भारी मौजूदगी और धार्मिक उत्साह ने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया।
पडरौना पहुंची कलशयात्रा के स्वागत के दौरान नगर पालिकाध्यक्ष विनय जायसवाल ने कहा कि संत शिरोमणि रविदास केवल एक महान संत ही नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, समानता, मानवता और भाईचारे के महान संदेशवाहक थे। उन्होंने समाज को जाति-पंथ और ऊंच-नीच के भेदभाव से ऊपर उठकर मानवता को सर्वोपरि रखने की प्रेरणा दी।
उन्होंने कहा कि संत रविदास की शिक्षाएं आज भी समाज को एकता, सद्भाव और समानता का मार्ग दिखाती हैं। उनके विचार सामाजिक भेदभाव को समाप्त कर सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की प्रेरणा देते हैं। विनय जायसवाल ने कहा कि काशी स्थित संत रविदास की जन्मस्थली से निकली पावन कलशयात्रा का पडरौना पहुंचना नगरवासियों के लिए गौरव और सौभाग्य का विषय है।
स्वागत कार्यक्रम के बाद कलशयात्रा पडरौना नगर के विभिन्न मार्गों से होकर आगे बढ़ी। यात्रा रामकोला रोड, अंबेडकर नगर, बावली चौक, बंधु छपरा, संत रविदास नगर, हरका चौराहा, मटिहनिया और सिधुवा बाजार सहित कई क्षेत्रों से गुजरी। यात्रा के मार्ग में स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों और श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक पुष्पवर्षा कर कलशयात्रा का स्वागत किया।
कलशयात्रा के दौरान संत रविदास के संदेशों और सामाजिक एकता का भाव साफ दिखाई दिया। श्रद्धालुओं ने उत्साह के साथ धार्मिक नारे लगाए और संत रविदास के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। कई स्थानों पर लोगों ने यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का सम्मान किया।
इसके बाद कलशयात्रा आगे बढ़ते हुए कठकुइयां मंडल के लक्ष्मीपुर पहुंची, जहां श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने यात्रा का सम्मानपूर्वक स्वागत किया तथा भावपूर्ण विदाई दी। पूरे मार्ग में धार्मिक आस्था और सामाजिक समरसता का अद्भुत संगम देखने को मिला।
इस भव्य कलशयात्रा में भाजपा जिलामंत्री विश्वरंजन आनंद, नगर मंडल अध्यक्ष भुवनेश्वर त्रिपाठी, अध्यक्ष प्रतिनिधि मनीष बुलबुल जायसवाल सहित अन्य पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, पार्टी कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
संत रविदास की 650वीं जयंती के अवसर पर निकाली गई इस कलशयात्रा ने पडरौना में धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश भी दिया। श्रद्धालुओं का कहना है कि संत रविदास के विचार आज के समाज में और भी अधिक प्रासंगिक हैं तथा उनके संदेशों को अपनाकर एक समरस और समान समाज का निर्माण किया जा सकता है।




