अरिल नदी में नहाने गए पांच युवक डूबे, राहगीर ने चार की बचाई जान, 17 वर्षीय मोहित की मौत ???
जलस्तर बढ़ने के बावजूद गहरे पानी में उतरे युवक, बाइक सवार राहगीर ने जान जोखिम में डालकर किया रेस्क्यू....
बदायूं/बिसौली। उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के बिसौली क्षेत्र में मंगलवार दोपहर अरिल नदी में नहाने गए पांच युवक अचानक गहरे पानी में डूबने लगे। नदी में युवकों की चीख-पुकार सुनकर वहां से गुजर रहे एक बाइक सवार राहगीर ने साहस का परिचय देते हुए अपनी जान जोखिम में डाल दी। राहगीर ने नदी में छलांग लगाकर चार युवकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन एक युवक गहरे पानी में समा गया। घंटों तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद उसका शव बरामद किया गया।
जानकारी के अनुसार, बिसौली क्षेत्र के ललुआ नगला गांव के पांच युवक मंगलवार दोपहर अरिल नदी में नहाने के लिए पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ था, इसके बावजूद पांचों युवक गहरे पानी की ओर चले गए।
गहरे पानी में पहुंचते ही पांचों युवक संतुलन खो बैठे और एक-एक कर डूबने लगे। अचानक मची चीख-पुकार से आसपास अफरा-तफरी मच गई। इसी दौरान वहां से गुजर रहे एक बाइक सवार राहगीर ने युवकों को डूबता देखा।
राहगीर ने बिना अपनी जान की परवाह किए नदी में छलांग लगा दी और कड़ी मशक्कत के बाद चार युवकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। राहगीर की तत्परता और साहस से चार युवकों की जान बच गई।
हालांकि, 17 वर्षीय मोहित पुत्र छोटे लाल गहरे पानी में चला गया और नदी की तेज धारा व गहराई के कारण बाहर नहीं निकल सका। युवक के डूबने की सूचना मिलते ही परिजनों और ग्रामीणों में कोहराम मच गया।
घटना की जानकारी मिलने पर बरेली जिले की सिरौली थाना पुलिस और बदायूं जिले के बिसौली कोतवाली क्षेत्र की दबतोरी चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से रेस्क्यू अभियान शुरू कराया। कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद मोहित का शव अरिल नदी से बरामद कर लिया गया।
शव मिलने के बाद परिवार में मातम पसर गया। पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं इस हादसे ने एक बार फिर बरसात और बढ़े हुए जलस्तर के दौरान नदियों व जलाशयों में नहाने के खतरों को उजागर किया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के बाद नदी में जलस्तर और पानी की गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में प्रशासन और स्थानीय लोगों द्वारा बार-बार गहरे पानी में न जाने की अपील की जाती है, लेकिन कई बार लापरवाही गंभीर हादसों का कारण बन जाती है।





