भारतीय नौसेना ने विशाखापत्तनम में लॉन्च एंड रिकवरी सिस्टम टेस्ट प्लिंथ का किया उद्घाटन, पनडुब्बी बचाव क्षमता को मिलेगी नई मजबूती???

भारतीय नौसेना ने विशाखापत्तनम में LARS टेस्ट प्लिंथ का उद्घाटन किया, जिससे DSRV रखरखाव और पनडुब्बी बचाव तैयारियों को मजबूती मिलेगी...

भारतीय नौसेना को मिला पहला स्वदेशी डाइविंग सपोर्ट वेसल 'निस्तार', समुद्र में रेस्क्यू ऑपरेशन होंगे और मजबूत - Indian Navy Receives First Indigenous Diving Support Vessel Nistar Boosting Deep Sea Rescue Capabilities - AajTak

विशाखापत्तनम में भारतीय नौसेना की बड़ी पहल

भारतीय नौसेना ने अपनी पनडुब्बी बचाव क्षमता को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पूर्वी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ वाइस एडमिरल संजय भल्ला ने 19 अगस्त 2026 को विशाखापत्तनम स्थित Submarine Rescue Unit (East) में नए Launch and Recovery System (LARS) Test Plinth का उद्घाटन किया। यह नई सुविधा Deep Submergence Rescue Vehicle यानी DSRV के लॉन्च और रिकवरी सिस्टम की तटीय स्तर पर जांच, परीक्षण और रखरखाव में मदद करेगी।

नई LARS टेस्ट प्लिंथ भारतीय नौसेना की पनडुब्बी बचाव व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण तकनीकी सुविधा के रूप में देखी जा रही है। इसके जरिए अत्याधुनिक बचाव उपकरणों की नियमित जांच नियंत्रित वातावरण में की जा सकेगी और इसके लिए हर बार समुद्र में ऑपरेशनल तैनाती पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

क्या है लॉन्च एंड रिकवरी सिस्टम?

Launch and Recovery System, जिसे संक्षेप में LARS कहा जाता है, पनडुब्बी बचाव अभियानों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसका मुख्य काम Deep Submergence Rescue Vehicle यानी DSRV को सुरक्षित तरीके से लॉन्च करना और मिशन पूरा होने के बाद उसे वापस रिकवर करना है।

किसी समुद्री आपात स्थिति में यदि कोई पनडुब्बी समुद्र के भीतर खराब हो जाए या उसके चालक दल को बाहर निकालने की जरूरत पड़े, तो DSRV जैसे विशेष बचाव वाहन की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। DSRV समुद्र की गहराई में जाकर संकटग्रस्त पनडुब्बी तक पहुंच सकता है और बचाव अभियान में सहायता करता है।

DSRV की क्षमता को बनाए रखने में मिलेगी मदद

नई टेस्ट प्लिंथ को एक विशेष इन-हाउस परीक्षण सुविधा के रूप में विकसित किया गया है। यहां DSRV के Launch and Recovery System की तकनीकी जांच, कार्यक्षमता परीक्षण और रखरखाव किया जा सकेगा।

इससे नौसेना को कई महत्वपूर्ण लाभ मिलने की उम्मीद है। उपकरणों की समय पर जांच हो सकेगी, तकनीकी खामियों को जल्द पहचाना जा सकेगा और जरूरी रखरखाव कार्य तेजी से पूरा किया जा सकेगा। इसका सीधा असर पनडुब्बी बचाव प्रणाली की विश्वसनीयता और उपलब्धता पर पड़ेगा।

समुद्र में तैनाती के बिना होगी नियमित जांच

अब तक अत्याधुनिक समुद्री बचाव उपकरणों की व्यापक जांच के लिए कई मामलों में ऑपरेशनल प्लेटफॉर्म या समुद्री तैनाती की आवश्यकता पड़ सकती थी। नई तटीय परीक्षण सुविधा से LARS के महत्वपूर्ण हिस्सों का परीक्षण और रखरखाव जमीन पर ही नियंत्रित परिस्थितियों में किया जा सकेगा।

इससे समय की बचत होगी और उपकरणों को लंबे समय तक ऑपरेशनल रूप से तैयार रखने में मदद मिलेगी। नियमित परीक्षण से यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि किसी वास्तविक आपात स्थिति के दौरान बचाव प्रणाली तुरंत उपयोग के लिए उपलब्ध रहे।

पनडुब्बी बचाव तैयारियों को मिलेगा बड़ा बढ़ावा

पनडुब्बी बचाव अभियान अत्यंत जटिल और संवेदनशील होते हैं। समुद्र की गहराई, पानी का दबाव और समय की चुनौती ऐसे अभियानों को कठिन बनाती है। इसलिए बचाव उपकरणों का पूरी तरह विश्वसनीय और तैयार रहना बेहद जरूरी है।

नई LARS Test Plinth से Submarine Rescue Unit (East) की तैयारी और तकनीकी क्षमता मजबूत होगी। यह सुविधा महत्वपूर्ण बचाव उपकरणों के समय पर रखरखाव और परीक्षण में मदद करेगी, जिससे आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया देने की क्षमता बेहतर हो सकती है।

पूर्वी समुद्री तट के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह सुविधा?

विशाखापत्तनम भारतीय नौसेना के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण शहर है और यहां Eastern Naval Command का मुख्यालय स्थित है। पूर्वी समुद्री क्षेत्र में भारत की पनडुब्बी और नौसैनिक गतिविधियों के लिहाज से यह एक प्रमुख केंद्र है।

ऐसे में Submarine Rescue Unit (East) में LARS Test Plinth की स्थापना पूर्वी तट पर पनडुब्बी बचाव तैयारियों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यह सुविधा नौसेना को विशेष बचाव प्रणालियों को बेहतर तरीके से बनाए रखने और जरूरत पड़ने पर त्वरित तैनाती के लिए तैयार रखने में मदद करेगी।

आत्मनिर्भर तकनीकी क्षमता पर भी जोर

इस नई सुविधा की एक बड़ी विशेषता यह है कि यह भारतीय नौसेना की इन-हाउस तकनीकी और रखरखाव क्षमता को मजबूत करती है। विशेष रक्षा प्रणालियों के परीक्षण और रखरखाव के लिए अपनी तकनीकी सुविधाएं विकसित करना लंबे समय में परिचालन तैयारियों को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।

भारतीय नौसेना लगातार विशेष उपकरणों की विश्वसनीयता, रखरखाव और परिचालन उपलब्धता बढ़ाने पर ध्यान दे रही है। LARS Test Plinth इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण तकनीकी आधार तैयार करती है।

निष्कर्ष

विशाखापत्तनम में Launch and Recovery System Test Plinth का उद्घाटन भारतीय नौसेना की पनडुब्बी बचाव क्षमता को मजबूत करने की दिशा में अहम उपलब्धि है। नई सुविधा से DSRV के महत्वपूर्ण लॉन्च और रिकवरी उपकरणों का तटीय स्तर पर परीक्षण और रखरखाव किया जा सकेगा।

इससे बचाव प्रणाली की विश्वसनीयता, उपलब्धता और आपात स्थिति में प्रतिक्रिया की तैयारी बेहतर होने की उम्मीद है। पूर्वी समुद्री तट पर भारत की बढ़ती नौसैनिक गतिविधियों के बीच यह सुविधा भारतीय नौसेना के आधुनिक और सक्षम submarine rescue ecosystem को और मजबूती प्रदान करेगी।


 

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