IIT Madras Unicorn Frontier Fund :- निर्मला सीतारमण ने बेंगलुरु में IIT Madras Unicorn Frontier Fund लॉन्च किया ???

निर्मला सीतारमण ने लॉन्च किया IIT Madras Unicorn Frontier Fund, जानें पूरी जानकारी....

₹1,000 करोड़ के लक्ष्य वाले डीप-टेक फंड का ₹450 करोड़ का पहला क्लोज, चार स्टार्टअप्स में करीब ₹55 करोड़ का निवेश

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 26 सितंबर 2026 को बेंगलुरु में आयोजित IIT Madras Alumni Association के Sangam 2026 कार्यक्रम के दौरान IITM Unicorn Frontier Fund-I लॉन्च किया। यह फंड Unicorn India Ventures, IIT Madras और IIT Madras Research Park की संयुक्त पहल है और इसका उद्देश्य शुरुआती चरण के डीप-टेक स्टार्टअप्स को लंबी अवधि की पूंजी उपलब्ध कराना है।

₹1,000 करोड़ का है फंड

IITM Unicorn Frontier Fund-I का लक्ष्य करीब ₹1,000 करोड़ का फंड तैयार करना है। इसमें ₹400 करोड़ का ग्रीनशू विकल्प भी शामिल है। फंड ने शुरुआती चरण में ही ₹450 करोड़ का पहला क्लोज हासिल कर लिया है। यह उपलब्धि SEBI की मंजूरी मिलने के करीब तीन महीने के भीतर हासिल हुई। फंड का अंतिम क्लोज दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

डीप-टेक स्टार्टअप्स पर रहेगा फोकस

यह फंड सामान्य स्टार्टअप्स की बजाय IP-led और engineering-heavy deep-tech कंपनियों को समर्थन देने पर केंद्रित रहेगा। इसका मकसद ऐसी तकनीकों को बाजार तक पहुंचाने में मदद करना है, जिन्हें विकसित करने और व्यावसायिक स्तर पर लाने में अधिक समय और पूंजी की जरूरत होती है।

फंड करीब 25 स्टार्टअप्स का पोर्टफोलियो बनाने की दिशा में काम करेगा। निवेश के लिए कंपनियों की वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा की क्षमता, आयात पर निर्भरता कम करने की संभावना और रणनीतिक तकनीकी क्षमता जैसे पहलुओं को देखा जाएगा।

चार स्टार्टअप्स में करीब ₹55 करोड़ का निवेश

फंड ने पहले ही चार डीप-टेक स्टार्टअप्स में लगभग ₹55 करोड़ के निवेश की घोषणा की है। इनमें स्पेस टेक्नोलॉजी, क्वांटम टेक्नोलॉजी, बैटरी टेक्नोलॉजी और कार्बन कैप्चर जैसे क्षेत्र शामिल हैं।

Hathor नाम की चेन्नई स्थित स्पेस-टेक कंपनी छोटे और मध्यम सैटेलाइट लॉन्च वाहनों के लिए विशेष सेमी-क्रायोजेनिक और क्रायोजेनिक रॉकेट इंजन विकसित कर रही है।

Quanstra क्वांटम रिसर्च और औद्योगिक अनुप्रयोगों के लिए सिंगल-फोटॉन डिटेक्शन सिस्टम और उन्नत क्वांटम इंस्ट्रूमेंटेशन पर काम कर रही है।

Triolt Energy ड्रोन और फास्ट-चार्जिंग इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के लिए उच्च प्रदर्शन वाली लिथियम-आयन बैटरी सेल विकसित कर रही है।

वहीं Carbelim माइक्रोएल्गी तकनीक के जरिए कार्बन कैप्चर और एयर-प्यूरीफिकेशन सिस्टम विकसित कर रही है।

किन क्षेत्रों में होगा निवेश?

फंड ने डीप-टेक के छह प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने की योजना बनाई है। इनमें डिफेंस टेक्नोलॉजी, स्पेस टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर, मैन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स एवं ऑटोमेशन, AI इंफ्रास्ट्रक्चर और हेल्थ टेक्नोलॉजी शामिल हैं।

इन क्षेत्रों में ऐसी भारतीय कंपनियों को आगे बढ़ाने पर जोर होगा, जो नई तकनीक विकसित करने के साथ-साथ वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा कर सकें।

शुरुआती कंपनियों को मिलेगा लंबी अवधि का कैपिटल

डीप-टेक कंपनियों को अक्सर तकनीक विकसित करने, टेस्टिंग और कमर्शियलाइजेशन में सामान्य स्टार्टअप्स की तुलना में ज्यादा समय लगता है। ऐसे में उन्हें लंबे समय के लिए पूंजी की जरूरत होती है।

IIT Madras और Unicorn India Ventures की यह पहल शुरुआती चरण की ऐसी कंपनियों को patient capital और रणनीतिक सहयोग उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाई गई है। रिपोर्टों के मुताबिक, अधिकांश निवेश उन कंपनियों में होगा जो Technology Readiness Level यानी TRL 3 और TRL 4 के चरण में हैं।

IIT Madras के स्टार्टअप इकोसिस्टम को मिलेगा समर्थन

IIT Madras ने पिछले वर्षों में रिसर्च, इनोवेशन और स्टार्टअप्स के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम विकसित किया है। नए फंड के जरिए संस्थान से जुड़े डीप-टेक उद्यमों को शुरुआती तकनीकी विकास से लेकर बाजार में विस्तार तक पूंजी और रणनीतिक मार्गदर्शन उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

IIT Madras के निदेशक प्रोफेसर वी. कामकोटि ने फंड को डीप-टेक कंपनियों के लिए दीर्घकालिक पूंजी और रणनीतिक विकास सहायता से जोड़ने की बात कही।

भारत में डीप-टेक निवेश को बढ़ावा

IITM Unicorn Frontier Fund-I का उद्देश्य केवल स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता देना नहीं है, बल्कि भारत में महत्वपूर्ण तकनीकों के विकास और उनके व्यावसायीकरण को गति देना भी है।

फंड के निवेश मानकों में वैश्विक निर्यात क्षमता, रणनीतिक आयात प्रतिस्थापन और तकनीकी आत्मनिर्भरता जैसे पहलुओं को शामिल किया गया है। इससे स्पेस, डिफेंस, सेमीकंडक्टर, AI और उन्नत मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में भारतीय कंपनियों को आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।

निष्कर्ष

बेंगलुरु में लॉन्च किया गया IITM Unicorn Frontier Fund-I भारत के डीप-टेक स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए एक महत्वपूर्ण वित्तीय पहल के रूप में सामने आया है। ₹1,000 करोड़ के लक्ष्य वाले इस फंड ने ₹450 करोड़ का पहला क्लोज हासिल कर लिया है और चार स्टार्टअप्स में करीब ₹55 करोड़ की शुरुआती पूंजी लगाने की घोषणा की है।

फंड का लक्ष्य करीब 25 कंपनियों का पोर्टफोलियो तैयार करना है, जिसमें स्पेस, डिफेंस, सेमीकंडक्टर, AI, रोबोटिक्स, ऊर्जा और हेल्थ टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों की कंपनियां शामिल हो सकती हैं।

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