Karachi Football Team Robbed :- घटना के बाद आयोजकों द्वारा खिलाड़ियों को आर्थिक सहायता देने की व्यवस्था की गई ???
पाकिस्तान में कराची फुटबॉल टीम के साथ खौफनाक वारदात, बलूचिस्तान हाईवे पर बंदूकधारियों ने सब कुछ लूटा...
कराची/क्वेटा: पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में कराची की एक फुटबॉल टीम के साथ उस समय गंभीर लूट की वारदात हुई, जब टीम क्वेटा में आयोजित चीफ मिनिस्टर गोल्ड कप फुटबॉल टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के लिए बस से यात्रा कर रही थी। रास्ते में हथियारबंद लोगों ने बस को रोककर खिलाड़ियों और अन्य यात्रियों से नकदी, मोबाइल फोन और कीमती सामान लूट लिया।
मस्तुंग और सरियाब के बीच रोकी गई बस
रिपोर्टों के अनुसार, कराची डिस्ट्रिक्ट वेस्ट फुटबॉल टीम क्वेटा जा रही थी। सोमवार शाम मस्तुंग और सरियाब के बीच हाईवे पर हथियारबंद लोगों ने उनकी बस को रोक लिया। टीम मैनेजर जुल्फिकार अली भुट्टो के मुताबिक, हमलावरों ने यात्रियों को बस से नीचे उतरने का आदेश दिया और इसके बाद उनकी तलाशी ली।
बताया गया है कि हमलावरों की संख्या करीब एक दर्जन या उससे अधिक थी। उन्होंने यात्रियों के मोबाइल फोन, नकदी और अन्य कीमती सामान अपने कब्जे में ले लिया। कुछ यात्रियों और खिलाड़ियों के साथ हथियारों के बट से मारपीट किए जाने की भी रिपोर्ट सामने आई है।
करीब एक घंटे तक चला लूटपाट का सिलसिला
पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, हमलावरों ने यात्रियों को कुछ समय तक अपने नियंत्रण में रखा और उनकी पूरी तलाशी ली। इसके बाद वे लूटे गए सामान के साथ वहां से चले गए और बस को आगे जाने दिया गया। एक स्थानीय रिपोर्ट में घटना की अवधि करीब एक घंटे बताई गई है।
घटना के बाद टीम के खिलाड़ी काफी डरे हुए बताए गए। क्वेटा पहुंचने पर टीम ने टूर्नामेंट आयोजकों और बलूचिस्तान के खेल मंत्री को घटना की जानकारी दी।
खिलाड़ियों के पास खाने तक के पैसे नहीं बचे
लूट की वजह से खिलाड़ियों के पास नकदी नहीं बची। रिपोर्टों के मुताबिक, टीम ने आयोजकों को बताया कि खिलाड़ियों के पास नाश्ता करने तक के लिए पर्याप्त पैसे नहीं थे। इसके बाद आयोजकों की ओर से खिलाड़ियों को दैनिक भत्ता उपलब्ध कराया गया।
टीम मैनेजर ने नुकसान की भरपाई की मांग भी की है और घटना की रिपोर्ट बलूचिस्तान के खेल मंत्री को सौंपे जाने की जानकारी सामने आई है।
पहले से दी गई थी सुरक्षा को लेकर चेतावनी
इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल टीम की यात्रा और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठ रहा है। सिंध फुटबॉल एसोसिएशन के सचिव मोहम्मद आजम के मुताबिक, एसोसिएशन ने सुरक्षा स्थिति को देखते हुए सिंध की टीम को क्वेटा नहीं भेजा था और कराची के क्लबों को भी बस या ट्रेन से बलूचिस्तान जाने से बचने की सलाह दी थी।
रिपोर्टों के अनुसार, पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा की फुटबॉल एसोसिएशनों ने भी टूर्नामेंट में अपनी टीमों को नहीं भेजा। हालांकि, कराची डिस्ट्रिक्ट वेस्ट की टीम क्वेटा के लिए रवाना हुई और रास्ते में इस घटना का सामना करना पड़ा।
बलूचिस्तान में सुरक्षा को लेकर चिंता
यह घटना ऐसे समय हुई है जब बलूचिस्तान के कुछ हिस्सों में यात्रियों और खेल टीमों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। हाल के दिनों में क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में यात्रियों और स्थानीय लोगों के खिलाफ हिंसा, अपहरण और लूट की घटनाओं की खबरें सामने आई हैं।
मस्तुंग से क्वेटा की ओर जाने वाला मार्ग भी सुरक्षा संबंधी घटनाओं के संदर्भ में रिपोर्टों में आया है। ऐसे माहौल में खेल टीमों की सड़क यात्रा को लेकर सुरक्षा प्रबंधों पर सवाल उठना स्वाभाविक है। हालांकि, इस विशेष लूट की जिम्मेदारी किस संगठन या समूह ने ली है, इसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं हुई है।
टूर्नामेंट में हिस्सा लेने जा रही थी टीम
कराची डिस्ट्रिक्ट वेस्ट की टीम चीफ मिनिस्टर गोल्ड कप फुटबॉल टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के लिए क्वेटा जा रही थी। टीम के लिए यह यात्रा खेल प्रतियोगिता में भाग लेने के उद्देश्य से थी, लेकिन रास्ते में हुई लूट ने खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर स्थिति पैदा कर दी।
घटना के बाद आयोजकों द्वारा खिलाड़ियों को आर्थिक सहायता देने की व्यवस्था की गई। अब टीम की ओर से लूटे गए सामान और आर्थिक नुकसान की भरपाई की मांग की गई है।
निष्कर्ष
कराची की फुटबॉल टीम के साथ बलूचिस्तान हाईवे पर हुई यह लूट खिलाड़ियों के लिए बेहद परेशान करने वाली घटना रही। हथियारबंद लोगों द्वारा बस रोककर मोबाइल, नकदी और अन्य सामान छीनने की रिपोर्ट ने खेल टीमों की यात्रा सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित किया है। खास तौर पर तब, जब संबंधित फुटबॉल अधिकारियों की ओर से पहले ही बलूचिस्तान की सड़क यात्रा को लेकर सुरक्षा संबंधी सलाह दिए जाने की बात सामने आई है।






