Harvard Health :- सुबह जमीन पर पैर रखते ही एड़ी में चुभता है कांटा? जानिए यूरिक एसिड बढ़ने के कारण और कैसे मिलेगी राहत ???
सुबह एड़ी में चुभता है दर्द? जानें यूरिक एसिड और गाउट के लक्षण...
Health News: सुबह बिस्तर से उठकर जैसे ही जमीन पर पैर रखते हैं और एड़ी में तेज चुभन महसूस होती है, तो कई लोग इसे तुरंत बढ़े हुए यूरिक एसिड या गाउट से जोड़ देते हैं। लेकिन हर तरह का पैर या एड़ी का दर्द यूरिक एसिड बढ़ने की वजह से नहीं होता। Harvard Health Publishing के अनुसार एड़ी में दर्द के कई कारण हो सकते हैं और सुबह उठने के बाद पहले कदमों में होने वाला तेज दर्द प्लांटर फैसियाइटिस का एक प्रमुख लक्षण हो सकता है। वहीं गाउट में आमतौर पर अचानक तेज दर्द के साथ प्रभावित जोड़ में सूजन, लालिमा और गर्माहट होती है।
सुबह के पहले कदमों में ही सबसे ज्यादा दर्द क्यों होता है?
अगर दर्द मुख्य रूप से एड़ी के नीचे या पैर के तलवे के शुरुआती हिस्से में होता है और सुबह बिस्तर से उठने के बाद पहले कुछ कदमों में बहुत तेज महसूस होता है, तो इसका एक सामान्य कारण प्लांटर फैसियाइटिस हो सकता है।
पैर के तलवे में एक मजबूत ऊतक होता है, जिसे प्लांटर फैसिया कहा जाता है। यह एड़ी की हड्डी से पैर की उंगलियों की दिशा में फैला होता है और पैर के आर्च को सहारा देता है। इस ऊतक पर बार-बार ज्यादा दबाव पड़ने या खिंचाव के कारण दर्द और सूजन जैसी समस्या हो सकती है।
Harvard Health के मुताबिक प्लांटर फैसियाइटिस में दर्द अक्सर सुबह उठने या लंबे समय तक आराम करने के बाद सबसे ज्यादा महसूस होता है। कुछ मिनट चलने के बाद दर्द कम हो सकता है, हालांकि दिन में ज्यादा गतिविधि के बाद दोबारा परेशानी बढ़ सकती है।
क्या एड़ी का दर्द यूरिक एसिड बढ़ने से भी हो सकता है?
हां, गाउट की वजह से पैर में दर्द हो सकता है, लेकिन हर एड़ी का दर्द गाउट नहीं होता।
गाउट एक प्रकार का गठिया है। जब शरीर में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ जाता है, तो कुछ परिस्थितियों में यूरेट क्रिस्टल जोड़ों में जमा हो सकते हैं। इससे अचानक तेज दर्द और सूजन का दौरा पड़ सकता है। गाउट सबसे अधिक पैर के बड़े अंगूठे के आधार वाले जोड़ को प्रभावित करता है, लेकिन टखने, घुटने और दूसरे जोड़ भी प्रभावित हो सकते हैं।
गाउट के दौरान प्रभावित जोड़ में दर्द के साथ सूजन, गर्माहट, लालिमा और छूने पर अत्यधिक संवेदनशीलता हो सकती है। दर्द इतना तेज हो सकता है कि हल्का दबाव भी असहनीय लगे।
इसलिए यदि आपकी समस्या सिर्फ एड़ी के नीचे सुबह के पहले कदमों में चुभने वाले दर्द तक सीमित है और जोड़ में सूजन या गर्माहट नहीं है, तो इसे केवल यूरिक एसिड की समस्या मान लेना सही नहीं होगा।
यूरिक एसिड बढ़ता क्यों है?
शरीर में यूरिक एसिड बनने का संबंध प्यूरीन नामक पदार्थों के टूटने से है। सामान्य तौर पर किडनी यूरिक एसिड को शरीर से बाहर निकालने में मदद करती है। जब शरीर ज्यादा यूरिक एसिड बनाता है या किडनी पर्याप्त मात्रा में इसे बाहर नहीं निकाल पाती, तो रक्त में इसका स्तर बढ़ सकता है।
कुछ कारक यूरिक एसिड बढ़ने के जोखिम से जुड़े हैं, जैसे:
- ज्यादा शराब का सेवन
- फ्रुक्टोज से भरपूर मीठे पेय
- लाल मांस और कुछ प्यूरीन-युक्त खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन
- अधिक वजन या मोटापा
- किडनी से जुड़ी समस्याएं
- हाई ब्लड प्रेशर जैसी कुछ स्थितियां
- कुछ दवाएं
- पारिवारिक इतिहास
हालांकि केवल रक्त में यूरिक एसिड बढ़ा होना यह साबित नहीं करता कि व्यक्ति को गाउट है। कई लोगों में यूरिक एसिड बढ़ा होने के बावजूद कोई लक्षण नहीं होते।
प्लांटर फैसियाइटिस का खतरा किन लोगों में ज्यादा?
पैर के तलवे पर लंबे समय तक दबाव पड़ने से यह समस्या हो सकती है। Harvard Health के अनुसार इसके जोखिम में अधिक वजन, पैर के आर्च की समस्या, लंबे समय तक दौड़ना या खड़े रहना, टाइट Achilles tendon और पर्याप्त सपोर्ट न देने वाले जूते जैसे कारण शामिल हो सकते हैं।
अगर कोई व्यक्ति अचानक अपनी शारीरिक गतिविधि बढ़ा देता है, लंबे समय तक चलना शुरू कर देता है या ऐसे जूते पहनता है जिनमें पैर को पर्याप्त सपोर्ट नहीं मिलता, तो एड़ी के दर्द का जोखिम बढ़ सकता है।
राहत के लिए क्या करें?
अगर दर्द प्लांटर फैसियाइटिस से जुड़ा है, तो शुरुआती स्तर पर पैर को आराम देना, दर्द बढ़ाने वाली गतिविधियों को कुछ समय कम करना और उचित स्ट्रेचिंग मददगार हो सकती है। Harvard Health के अनुसार ठंडी बोतल या आइस पैक से सीमित समय के लिए ठंडक देना, calf और plantar fascia की stretching तथा अच्छी cushioning और arch support वाले जूते उपयोगी हो सकते हैं।
सुबह बिस्तर से उठने से पहले हल्की stretching करना भी कुछ लोगों के लिए उपयोगी हो सकता है। लेकिन अगर दर्द लगातार बना रहता है या बढ़ रहा है, तो डॉक्टर से जांच कराना बेहतर है।
अगर गाउट है तो इलाज कैसे होता है?
गाउट का इलाज केवल घरेलू उपायों तक सीमित नहीं है। डॉक्टर लक्षणों, शारीरिक जांच और जरूरत के अनुसार जांचों की मदद से निदान करते हैं। रक्त में यूरिक एसिड की जांच की जा सकती है, लेकिन केवल यूरिक एसिड की रिपोर्ट से गाउट की पुष्टि हमेशा नहीं होती। कुछ मामलों में प्रभावित जोड़ के fluid की जांच, ultrasound या अन्य imaging की जरूरत पड़ सकती है।
गाउट के अचानक दौरे में डॉक्टर सूजन और दर्द कम करने के लिए कुछ दवाएं दे सकते हैं। बार-बार होने वाले गाउट या कुछ विशेष परिस्थितियों में यूरिक एसिड कम करने वाली दवाओं की जरूरत पड़ सकती है। कौन-सी दवा और कितनी मात्रा में लेनी है, यह डॉक्टर मरीज की स्थिति, किडनी की कार्यक्षमता और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं को देखकर तय करते हैं।
खान-पान में किन बातों का ध्यान रखें?
गाउट या हाई यूरिक एसिड की समस्या वाले लोगों को खान-पान पर ध्यान देने की सलाह दी जाती है। Mayo Clinic के अनुसार शराब, विशेषकर बीयर, और फ्रुक्टोज से मीठे पेय यूरिक एसिड बढ़ाने से जुड़े हैं। लाल मांस और कुछ प्यूरीन-समृद्ध समुद्री खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन भी जोखिम बढ़ा सकता है। पर्याप्त पानी पीना और स्वस्थ वजन बनाए रखना भी महत्वपूर्ण है।
हालांकि किसी एक खाद्य पदार्थ को पूरी तरह जिम्मेदार मानना उचित नहीं है। आपकी डाइट आपकी कुल स्वास्थ्य स्थिति और डॉक्टर की सलाह के अनुसार होनी चाहिए।
कब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें?
अगर पैर या किसी जोड़ में अचानक बहुत तेज दर्द शुरू हो जाए और साथ में सूजन, लालिमा और गर्माहट हो, तो चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है। अगर ऐसे लक्षणों के साथ बुखार भी हो, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें, क्योंकि गर्म और सूजे हुए जोड़ के साथ बुखार संक्रमण का संकेत भी हो सकता है।
इसी तरह एड़ी का दर्द कई दिनों या हफ्तों तक बना रहे, चलने में परेशानी हो या घरेलू देखभाल के बावजूद लगातार बढ़ता जाए, तो डॉक्टर या ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ से जांच कराना उचित है।
निष्कर्ष
सुबह जमीन पर पैर रखते ही एड़ी में कांटे जैसी चुभन महसूस होना हमेशा बढ़े हुए यूरिक एसिड का संकेत नहीं है। अगर दर्द खास तौर पर एड़ी के नीचे सुबह के पहले कदमों में होता है और थोड़ी देर चलने के बाद कम हो जाता है, तो प्लांटर फैसियाइटिस एक संभावित कारण हो सकता है। दूसरी ओर, अचानक तेज दर्द के साथ किसी जोड़ में सूजन, लालिमा और गर्माहट गाउट की ओर संकेत कर सकती है।
इसलिए केवल लक्षण देखकर खुद से यूरिक एसिड की दवा शुरू करने के बजाय सही कारण की पहचान कराना जरूरी है। लगातार या तेज दर्द होने पर डॉक्टर से परामर्श लें।






