Barapullah Phase 3: – बारापुला फेज-3 का उद्घाटन, दिल्ली की कनेक्टिविटी को मिलेगी नई रफ्तार; प्रोजेक्ट पर खर्च हुए 1635 करोड़ रुपये ????

अमित शाह ने किया उद्घाटन, 1635 करोड़ की परियोजना से बदलेगी दिल्ली की कनेक्टिविटी...

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली को मंगलवार, 29 सितंबर 2026 को एक बड़ी सड़क परियोजना की सौगात मिली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लंबे समय से निर्माणाधीन बारापुला एलिवेटेड कॉरिडोर फेज-3 का उद्घाटन किया। करीब 3.5 किलोमीटर लंबा यह नया एलिवेटेड हिस्सा मयूर विहार फेज-1 को सराय काले खां से जोड़ता है और मौजूदा बारापुला नेटवर्क के साथ मिलकर करीब 9 किलोमीटर का सिग्नल-फ्री मार्ग तैयार करता है। परियोजना की संशोधित लागत करीब 1,635 करोड़ रुपये है।

करीब एक दशक से चल रहा था प्रोजेक्ट

बारापुला फेज-3 परियोजना को वर्ष 2014 में मंजूरी मिली थी और निर्माण कार्य 2015 में शुरू हुआ था। इसे शुरुआती तौर पर 2017 तक पूरा किया जाना था, लेकिन जमीन अधिग्रहण, पेड़ों से संबंधित मंजूरियों, यमुना क्षेत्र में निर्माण की चुनौतियों और कोविड-19 महामारी सहित कई कारणों से परियोजना में लगातार देरी हुई।

देरी के साथ परियोजना की लागत भी बढ़ी। दिल्ली सरकार ने मार्च 2026 में इसके लिए संशोधित लागत ₹1,635.03 करोड़ मंजूर की थी। शुरुआती अनुमान करीब ₹1,260 करोड़ था।

मयूर विहार से सराय काले खां तक सिग्नल-फ्री कनेक्टिविटी

बारापुला फेज-3 का मुख्य उद्देश्य पूर्वी दिल्ली और दक्षिण दिल्ली के बीच आवाजाही को आसान बनाना है। नया एलिवेटेड कॉरिडोर मयूर विहार फेज-1 से सराय काले खां तक सीधा संपर्क उपलब्ध कराता है।

सराय काले खां पर यह मौजूदा बारापुला नेटवर्क से जुड़ता है। इससे नया हिस्सा पुराने नेटवर्क के साथ मिलकर करीब 9 किलोमीटर का निर्बाध एलिवेटेड मार्ग बनाता है।

इस कनेक्टिविटी का फायदा खास तौर पर उन यात्रियों को मिलने की उम्मीद है, जिन्हें पूर्वी दिल्ली, नोएडा और दक्षिण दिल्ली के बीच रोजाना आवागमन करना पड़ता है।

नोएडा और AIIMS जाने वालों को भी फायदा

बारापुला कॉरिडोर का विस्तार केवल दिल्ली के दो इलाकों को जोड़ने तक सीमित नहीं है। यह मार्ग पूर्वी दिल्ली और नोएडा से दक्षिण दिल्ली की तरफ जाने वाले यात्रियों के लिए भी महत्वपूर्ण है।

उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, मयूर विहार से AIIMS की तरफ यात्रा का समय मौजूदा ट्रैफिक परिस्थितियों में लगभग 35-40 मिनट से घटकर करीब 15 मिनट तक आने की उम्मीद जताई गई है। वास्तविक यात्रा समय ट्रैफिक, प्रवेश-निकास और सड़क की स्थिति पर निर्भर करेगा।

किन इलाकों में कम हो सकता है ट्रैफिक दबाव?

बारापुला फेज-3 के शुरू होने से सराय काले खां, रिंग रोड, DND फ्लाईवे और NH-24 जैसे महत्वपूर्ण मार्गों पर ट्रैफिक दबाव कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

सराय काले खां दिल्ली का एक महत्वपूर्ण ट्रांसपोर्ट हब भी है, जहां रेलवे स्टेशन, मेट्रो और बस सेवाओं के जरिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। ऐसे में पूर्वी दिल्ली से इस क्षेत्र तक बेहतर सड़क संपर्क यात्रियों के लिए उपयोगी हो सकता है।

यमुना पर भी बना महत्वपूर्ण हिस्सा

इस परियोजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा यमुना फ्लडप्लेन के ऊपर बनाया गया एलिवेटेड मार्ग है। परियोजना में यमुना के ऊपर पुल का निर्माण भी शामिल है। इसके अलावा मार्ग के दोनों ओर से कॉरिडोर को मुख्य सड़कों से जोड़ने के लिए रैंप तैयार किए गए हैं।

रिपोर्टों के अनुसार परियोजना में साइकिल ट्रैक और पैदल यात्रियों के लिए सुविधाएं भी विकसित की गई हैं।

बारापुला नेटवर्क को मिलेगा विस्तार

बारापुला एलिवेटेड कॉरिडोर का पहला चरण पहले से ही दिल्ली की सड़क व्यवस्था का हिस्सा है। फेज-3 के जुड़ने के बाद पूर्वी दिल्ली से दक्षिण दिल्ली की दिशा में अधिक लंबा सिग्नल-फ्री मार्ग उपलब्ध हो गया है।

इसका उद्देश्य यात्रियों को बार-बार ट्रैफिक सिग्नल और व्यस्त जंक्शनों से गुजरने की जरूरत कम करना है। इससे पीक आवर्स में यात्रा समय और ईंधन की खपत पर भी सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद है, हालांकि वास्तविक प्रभाव ट्रैफिक पैटर्न पर निर्भर करेगा।

उद्घाटन के साथ ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव

फेज-3 के उद्घाटन के मौके पर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की ओर से कुछ मार्गों पर यातायात प्रतिबंध और वैकल्पिक मार्गों से संबंधित एडवाइजरी भी जारी की गई। वाहन चालकों को आयोजन के दौरान संबंधित मार्गों पर ट्रैफिक पुलिस के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई।

नए कॉरिडोर के चालू होने के बाद वाहन चालकों को प्रवेश और निकास बिंदुओं को समझना भी जरूरी होगा, क्योंकि नए एलिवेटेड मार्ग का उपयोग करने के लिए निर्धारित रैंप का इस्तेमाल करना होगा।

परियोजना में हुई देरी भी रही चर्चा में

बारापुला फेज-3 परियोजना को पूरा होने में निर्धारित समय से काफी अधिक समय लगा। शुरुआती लक्ष्य 2017 था, लेकिन परियोजना 2026 में जाकर पूरी हुई। लागत में भी वृद्धि हुई और संशोधित लागत ₹1,635 करोड़ से अधिक हो गई।

परियोजना में हुई देरी और लागत बढ़ने को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, परियोजना को जमीन, पेड़ संबंधी मंजूरियों, यमुना क्षेत्र में निर्माण और कोविड-19 जैसी विभिन्न चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

दिल्ली की सड़क कनेक्टिविटी में अहम कड़ी

बारापुला फेज-3 का उद्घाटन दिल्ली के सड़क बुनियादी ढांचे में एक महत्वपूर्ण विस्तार है। इसका सबसे बड़ा उद्देश्य पूर्वी दिल्ली, दक्षिण दिल्ली, नोएडा और AIIMS क्षेत्र के बीच यात्रा को अधिक सीधा और सिग्नल-फ्री बनाना है।

नए कॉरिडोर के साथ मौजूदा बारापुला नेटवर्क को जोड़ने से एक लंबा एलिवेटेड मार्ग तैयार हुआ है। आने वाले समय में इसका वास्तविक प्रभाव रोजाना के ट्रैफिक, यात्रा समय और आसपास के प्रमुख मार्गों पर वाहन दबाव के आंकड़ों से स्पष्ट होगा।

निष्कर्ष

बारापुला एलिवेटेड कॉरिडोर फेज-3 के उद्घाटन के साथ दिल्ली को मयूर विहार से सराय काले खां तक नया सिग्नल-फ्री कनेक्शन मिला है। करीब 3.5 किलोमीटर के नए हिस्से और मौजूदा नेटवर्क को मिलाकर लगभग 9 किलोमीटर का कॉरिडोर तैयार हुआ है। करीब ₹1,635 करोड़ की संशोधित लागत वाली इस परियोजना से पूर्वी और दक्षिण दिल्ली के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है।

करीब एक दशक से अधिक समय तक देरी का सामना करने के बाद अब इस कॉरिडोर के खुलने से दिल्ली-एनसीआर के दैनिक यात्रियों को नए वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल करने का मौका मिलेगा।

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