‘बिजनेस पूजा है’, अनंत अंबानी के भाषण ने जीता दिल, धीरूभाई अंबानी के सपनों और 53 करोड़ ग्राहकों को किया याद ???

‘बिजनेस पूजा है’, अनंत अंबानी ने क्यों कही यह बात...

भारत के कारोबारी जगत में रिलायंस और अंबानी परिवार का नाम लंबे समय से चर्चा में रहा है। अब जियो की ऐतिहासिक आईपीओ लिस्टिंग से जुड़ी खबरों में अनंत अंबानी के भाषण को खास महत्व दिया जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस मौके पर उन्होंने कारोबार को केवल मुनाफा कमाने का जरिया नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी और सेवा के रूप में देखने की बात कही। ‘बिजनेस पूजा है’ जैसे विचार ने इस भाषण को चर्चा का विषय बना दिया है।

बताया जा रहा है कि अनंत अंबानी ने अपने संबोधन में दादा धीरूभाई अंबानी के सपनों, पिता मुकेश अंबानी के विजन, भारत के डिजिटल बदलाव और जियो के करोड़ों ग्राहकों के योगदान को याद किया। हालांकि, भाषण के पूरे आधिकारिक प्रतिलेख और आईपीओ लिस्टिंग के विवरण की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। इसलिए नीचे खबर में दिए गए बिंदुओं को उपलब्ध विवरण के आधार पर समझाया गया है।

‘बिजनेस पूजा है’, अनंत अंबानी ने क्यों कही यह बात?

जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग सेरेमनी में अनंत अंबानी ने शेयर बाजार में बजने वाली घंटी की तुलना मंदिर की घंटी से की। उन्होंने कहा कि उनके लिए कारोबार पूजा के समान है और हर पूजा का समापन प्रसाद से होता है, जिसे सभी के साथ बांटा जाता है। इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि आज जियो भारत के साथ साझा किया जा रहा है।

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उनके इस बयान का संदेश यह था कि जियो की उपलब्धि केवल रिलायंस समूह या उसके परिवार की उपलब्धि नहीं है। इसमें कंपनी पर भरोसा करने वाले ग्राहकों, कर्मचारियों, भागीदारों और निवेशकों का भी योगदान है।

उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत आभार व्यक्त करने से की। उनके मुताबिक, जियो पर विश्वास करने वाले लाखों भारतीयों की वजह से कंपनी इस महत्वपूर्ण मुकाम तक पहुंची है।

धीरूभाई अंबानी के सपनों को किया याद

अनंत अंबानी ने अपने दादा और रिलायंस समूह के संस्थापक धीरूभाई अंबानी की यात्रा को याद करते हुए कहा कि उन्होंने दुनिया को दिखाया कि एक साधारण भारतीय भी असाधारण सपने देख सकता है।

उन्होंने धीरूभाई के शुरुआती जीवन का उल्लेख करते हुए बताया कि कैसे सीमित संसाधनों से शुरुआत करने वाले व्यक्ति ने बड़े सपनों और मेहनत के दम पर एक विशाल कारोबारी समूह खड़ा किया। यह विरासत रिलायंस की सोच और काम करने के तरीके का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है।

अनंत ने अपने परिवार के योगदान का जिक्र करते हुए दादा के सपनों, दादी के आशीर्वाद, पिता मुकेश अंबानी के मार्गदर्शन और मां नीता अंबानी की देखभाल को याद किया। उनके संबोधन में परिवार की विरासत के साथ विनम्रता और जिम्मेदारी का संदेश भी शामिल था।

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मुकेश अंबानी के विजन को बताया जियो की ताकत

अनंत अंबानी ने अपने पिता मुकेश अंबानी के उस विजन का भी उल्लेख किया, जिसके तहत भारत को डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में आगे बढ़ाने और देश के लोगों को किफायती कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया।

जियो की शुरुआत ने भारत के दूरसंचार बाजार में बड़ा बदलाव किया। सस्ती डेटा सेवाओं और व्यापक नेटवर्क विस्तार ने इंटरनेट के इस्तेमाल को देश के बड़े हिस्से तक पहुंचाने में भूमिका निभाई। मोबाइल इंटरनेट के बढ़ते इस्तेमाल के साथ ऑनलाइन भुगतान, डिजिटल शिक्षा, वीडियो स्ट्रीमिंग और इंटरनेट आधारित कारोबार को भी बढ़ावा मिला।

अनंत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिजिटल इंडिया की परिकल्पना के प्रति भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया के विजन ने जियो को अपना उद्देश्य समझने में मदद की और कंपनी भारत के विकास में योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध रहेगी।

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53.33 करोड़ ग्राहकों और जियो की टीम को दिया श्रेय

जियो की इस उपलब्धि के पीछे उसके विशाल ग्राहक आधार का महत्वपूर्ण योगदान है। लिस्टिंग समारोह में सामने आए आंकड़ों के अनुसार, जियो का नेटवर्क लगभग 53.33 करोड़ ग्राहकों को सेवाएं दे रहा था। यही वजह है कि अनंत अंबानी ने कंपनी की सफलता को देश के लोगों से जोड़कर देखा।

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उन्होंने कंपनी के उन कर्मचारियों का विशेष रूप से आभार जताया, जो पर्दे के पीछे रहकर नेटवर्क और सेवाओं को चालू रखते हैं। इनमें शामिल हैं:

  • बारिश और तेज गर्मी में टावरों पर काम करने वाले तकनीशियन।

  • नेटवर्क और डिजिटल सेवाओं को विकसित करने वाले इंजीनियर।

  • ग्राहकों की समस्याओं का समाधान करने वाले सेवा कर्मचारी।

  • स्टोर टीम और रिटेल पार्टनर।

  • नेटवर्क के संचालन और विस्तार में जुटे फील्ड कर्मचारी।

अनंत ने इन सभी को संबोधित करते हुए कहा कि यह दिन उनका है। उनके इस संदेश ने लिस्टिंग समारोह को केवल शेयर बाजार की उपलब्धि तक सीमित रखने के बजाय कर्मचारियों के योगदान को भी केंद्र में रखा।

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‘जियो आपने बनाया, आपके सपनों को पूरा करना हमारा सपना’

अनंत अंबानी के भाषण का एक और अहम पहलू ग्राहकों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता थी। उन्होंने कहा कि जियो को देश के लोगों ने बनाया है और उनके सपनों को पूरा करना कंपनी का सपना है।

यह बयान जियो की उस कारोबारी रणनीति से जुड़ता है, जिसमें मोबाइल सेवाओं के अलावा होम ब्रॉडबैंड, डिजिटल प्लेटफॉर्म और उद्यमों के लिए तकनीकी समाधान जैसे क्षेत्रों में विस्तार की संभावनाएं शामिल हैं।

कंपनी के सामने आगे भी नेटवर्क क्षमता बढ़ाने, ग्राहकों को बेहतर सेवाएं देने और नई तकनीकों को अपनाने जैसी चुनौतियां हैं। ऐसे में ग्राहकों का भरोसा बनाए रखना और सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार करना जियो की भविष्य की वृद्धि के लिए महत्वपूर्ण होगा।

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‘जियो मेरे लाल’ और ‘जुग जुग जियो’ का भावुक संदर्भ

अनंत अंबानी ने अपने संबोधन में जियो के सफर को परिवार और देश से मिले आशीर्वाद के साथ जोड़ते हुए कुछ भावुक अभिव्यक्तियों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि मां के आशीर्वाद में ‘जियो मेरे लाल’, दादी के आशीर्वाद में ‘जुग जुग जियो’ और दोस्तों के स्नेह में ‘जियो यार’ जैसी भावनाएं जुड़ी रही हैं।

इन शब्दों के जरिए उन्होंने जियो नाम को केवल एक ब्रांड के रूप में नहीं, बल्कि जीवन, आशीर्वाद और लोगों से जुड़े रिश्तों के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने यह संदेश भी दिया कि जियो की यात्रा में परिवार के साथ देश के लोगों का योगदान अहम रहा है।

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Jio IPO Listing: शेयर बाजार में कैसी रही शुरुआत?

अनंत अंबानी के भावुक संबोधन के बीच जियो प्लेटफॉर्म्स ने 28 अक्टूबर 2026 को भारतीय शेयर बाजार में अपनी शुरुआत की। कंपनी के आईपीओ को निवेशकों की ओर से मजबूत प्रतिक्रिया मिली और लिस्टिंग के दिन शेयर इश्यू प्राइस से लगभग 21 प्रतिशत प्रीमियम पर खुले।

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लिस्टिंग से जुड़े प्रमुख आंकड़े इस प्रकार हैं:

विवरण जानकारी
कंपनी Jio Platforms Limited
आईपीओ इश्यू प्राइस ₹1,119 प्रति शेयर
NSE पर शुरुआती लिस्टिंग प्राइस ₹1,358 प्रति शेयर
लिस्टिंग प्रीमियम लगभग 21.36%
आईपीओ का आकार लगभग ₹30,213 करोड़
आईपीओ सब्सक्रिप्शन 22.19 गुना
लिस्टिंग के समय अनुमानित बाजार मूल्यांकन लगभग ₹12.5 लाख करोड़

ये लिस्टिंग के समय के आंकड़े हैं। शेयर का भाव कारोबार के दौरान बदल सकता है। मजबूत लिस्टिंग कंपनी की बाजार में शुरुआत को दर्शाती है, लेकिन इससे भविष्य में शेयर के प्रदर्शन की गारंटी नहीं मिलती।

क्या जियो की लिस्टिंग भारतीय डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है?

जियो की लिस्टिंग का महत्व केवल इसके आईपीओ के आकार तक सीमित नहीं है। यह भारत में बड़े स्तर पर तकनीकी और डिजिटल सेवाएं विकसित करने वाली कंपनियों के लिए भी एक महत्वपूर्ण घटना है।

जियो का कारोबार मोबाइल कनेक्टिविटी, 5G नेटवर्क, होम ब्रॉडबैंड और डिजिटल सेवाओं तक फैला है। आगे कंपनी के विकास में नेटवर्क विस्तार, नई तकनीकों, ग्राहकों की जरूरतों और प्रतिस्पर्धा की अहम भूमिका रहेगी।

निवेशकों के लिए कंपनी के राजस्व, मुनाफे, पूंजीगत खर्च, प्रतिस्पर्धी स्थिति और भविष्य की विकास योजनाओं पर नजर रखना जरूरी होगा। वहीं, ग्राहकों के लिए बेहतर नेटवर्क, किफायती सेवाएं और डिजिटल सुविधाओं का विस्तार महत्वपूर्ण बना रहेगा।

निष्कर्ष: परिवार की विरासत से देश के योगदान तक

जियो की आईपीओ लिस्टिंग के मौके पर अनंत अंबानी का भाषण कारोबार, परिवार की विरासत और ग्राहकों के प्रति आभार पर केंद्रित रहा। ‘बिजनेस पूजा है’ कहकर उन्होंने शेयर बाजार की घंटी को मंदिर की घंटी से जोड़ा और जियो की उपलब्धि को पूरे भारत के साथ साझा करने की बात कही।

धीरूभाई अंबानी के सपनों, मुकेश अंबानी के विजन और जियो की टीम के योगदान को याद करते हुए उन्होंने यह संदेश दिया कि किसी बड़ी कारोबारी उपलब्धि के पीछे कई लोगों की मेहनत और भरोसा होता है। जियो की लिस्टिंग अब कंपनी के लिए सार्वजनिक बाजार में एक नया अध्याय है, जहां निवेशकों की अपेक्षाओं और ग्राहकों के विश्वास पर खरा उतरना आगे की महत्वपूर्ण चुनौती होगी।

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