कौन हैं 80 साल के लूला डा सिल्वा, जिन्हें चौथी बार मिली ब्राजील की सत्ता? जानिए भारत के साथ रिश्तों पर क्या होगा असर ???

दक्षिण अमेरिकी देश ब्राजील की राजनीति में एक बार फिर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है...

Brazil Election 2026: दक्षिण अमेरिकी देश ब्राजील की राजनीति में एक बार फिर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। वामपंथी नेता लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा ने 25 अक्टूबर 2026 को हुए राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे दौर में जीत हासिल कर चौथी बार राष्ट्रपति पद पर वापसी की है। इस जीत के साथ ब्राजील की घरेलू राजनीति के अलावा भारत के साथ उसके व्यापारिक और रणनीतिक संबंधों पर भी चर्चा तेज हो गई है। भारत और ब्राजील दोनों ब्रिक्स समूह के प्रमुख सदस्य हैं और वैश्विक मंचों पर विकासशील देशों की भूमिका बढ़ाने की वकालत करते रहे हैं। <Cite refs={[“turn850573search1″,”turn850573search5”]}/>

कौन हैं लूला डा सिल्वा?

लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा, जिन्हें दुनिया भर में लूला के नाम से जाना जाता है, ब्राजील के प्रमुख वामपंथी नेताओं में गिने जाते हैं। उनका जन्म 27 अक्टूबर 1945 को ब्राजील के पेरनाम्बुको राज्य में हुआ था। साधारण परिवार में पले-बढ़े लूला ने कम उम्र में ही काम करना शुरू कर दिया था। आगे चलकर वह धातु उद्योग में मजदूर बने और मजदूर संगठनों के माध्यम से राजनीति में सक्रिय हुए।

लूला की राजनीतिक पहचान श्रमिकों के अधिकार, सामाजिक कल्याण योजनाओं, गरीबी कम करने और आर्थिक असमानता घटाने के मुद्दों से बनी। उन्होंने वर्कर्स पार्टी यानी पार्टिडो डोस ट्राबाल्हाडोरेस (PT) के गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और ब्राजील की राजनीति में एक प्रमुख नेता के रूप में उभरे। <Cite refs={[“turn850573search0″,”turn850573search2”]}/>

मजदूर नेता से राष्ट्रपति तक का सफर

लूला का राजनीतिक सफर आसान नहीं रहा। उन्होंने राष्ट्रपति पद के लिए कई चुनाव लड़े। आखिरकार 2002 में उन्हें जीत मिली और 2003 में उन्होंने पहली बार राष्ट्रपति पद संभाला। 2006 में वह दोबारा चुने गए और 2003 से 2010 तक लगातार दो कार्यकाल पूरे किए।

उनके शुरुआती कार्यकालों में सामाजिक सहायता कार्यक्रमों और गरीबी कम करने की नीतियों को प्रमुखता मिली। उनके समर्थक इन योजनाओं को लाखों लोगों के जीवन में सुधार से जोड़ते हैं। वहीं, उनकी सरकारों के दौरान भ्रष्टाचार से जुड़े विवाद भी ब्राजील की राजनीति में चर्चा का विषय रहे।

2018 में भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में दोषसिद्धि के बाद लूला जेल गए और लगभग 580 दिन जेल में रहे। बाद में ब्राजील की सुप्रीम कोर्ट ने उनके खिलाफ संबंधित मामले में कार्यवाही को लेकर अहम फैसले दिए और उनकी दोषसिद्धियां रद्द हो गईं। इसके बाद उन्होंने राजनीतिक वापसी की और 2022 के राष्ट्रपति चुनाव में जायर बोल्सोनारो को हराकर तीसरी बार राष्ट्रपति बने। <Cite refs={[“turn850573search0″,”turn850573search2”]}/>

2026 में चौथी बार राष्ट्रपति कैसे बने?

ब्राजील में 25 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे दौर में लूला का मुकाबला फ्लावियो बोल्सोनारो से हुआ। फ्लावियो, पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के बेटे हैं। चुनाव में दोनों उम्मीदवारों के बीच कड़ा मुकाबला रहा।

ब्राजील के सुप्रीम इलेक्टोरल कोर्ट के अनुसार, लूला को 64,256,232 वोट यानी वैध मतों का 51.79 प्रतिशत मिला, जबकि फ्लावियो बोल्सोनारो को 59,826,041 वोट यानी 48.21 प्रतिशत मत मिले। इस परिणाम के साथ लूला ने चौथा राष्ट्रपति कार्यकाल हासिल किया। उनके नए कार्यकाल की शुरुआत जनवरी 2027 में होनी है। <Cite refs={[“turn850573search1″,”turn850573news10”]}/>

यहां चौथी बार राष्ट्रपति बनने का अर्थ चार लगातार कार्यकाल नहीं है। लूला पहले 2003 से 2010 तक राष्ट्रपति रहे, फिर 2023 में सत्ता में लौटे और अब 2026 के चुनाव में दोबारा जीतकर चौथा कार्यकाल हासिल किया है।

भारत-ब्राजील संबंधों पर क्या होगा असर?

लूला की जीत से भारत और ब्राजील के बीच पहले से चल रहे सहयोग को आगे बढ़ाने का अवसर मिल सकता है। हालांकि, चुनाव परिणाम से अपने आप व्यापार या कूटनीतिक संबंधों में बदलाव नहीं आता। इसके लिए दोनों सरकारों के फैसले, समझौते और उनके क्रियान्वयन महत्वपूर्ण होंगे।

1. व्यापार को 30 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य

भारत और ब्राजील के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में पहले से प्रयास जारी हैं। अक्टूबर 2026 में प्रकाशित Moneycontrol की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों देशों के बीच 2025 में द्विपक्षीय व्यापार लगभग 15.21 अरब डॉलर रहा था। दोनों देशों ने 2030 तक व्यापार को 30 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। <Cite refs={[“turn850573search5″,”turn952234view1”]}/>

भारत ब्राजील को पेट्रोलियम उत्पाद, दवाएं, रसायन और इंजीनियरिंग उत्पाद निर्यात करता है। वहीं, ब्राजील से भारत को कच्चा तेल, चीनी, सोयाबीन तेल, कपास और लौह अयस्क जैसी वस्तुएं मिलती हैं। आने वाले वर्षों में व्यापार को विविध बनाने और बाजार तक पहुंच बेहतर करने पर जोर रह सकता है। <Cite refs={[“turn850573search5″,”turn952234view1”]}/>

2. ब्रिक्स और ग्लोबल साउथ में सहयोग

भारत और ब्राजील दोनों ब्रिक्स के सदस्य हैं। दोनों देश विकासशील देशों की वैश्विक निर्णय प्रक्रिया में अधिक भागीदारी और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में सुधार की वकालत करते रहे हैं।

लूला की वापसी से ब्रिक्स, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार और विकासशील देशों के हितों से जुड़े मुद्दों पर सहयोग जारी रहने की संभावना है। हालांकि, अलग-अलग वैश्विक मुद्दों पर दोनों देशों के रुख में अंतर भी हो सकता है। <Cite refs={[“turn850573search5″,”turn850573search2”]}/>

3. तकनीक, ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिज

फरवरी 2026 में लूला की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों ने दुर्लभ पृथ्वी तत्वों, महत्वपूर्ण खनिजों, डिजिटल साझेदारी, लघु एवं मध्यम उद्योगों और अन्य क्षेत्रों में सहयोग से जुड़े समझौते किए थे।

इसलिए उनके नए कार्यकाल में इन समझौतों को लागू करना, तकनीकी सहयोग बढ़ाना और ऊर्जा क्षेत्र में साझेदारी मजबूत करना दोनों देशों के लिए अहम हो सकता है। <Cite refs={[“turn952234view1″,”turn850573search5”]}/>

4. प्रधानमंत्री मोदी ने दी बधाई

लूला की जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बधाई दी और भारत-ब्राजील रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने की इच्छा जताई। यह संदेश दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संपर्क जारी रहने का संकेत है, हालांकि भविष्य के परिणाम ठोस वार्ताओं और नीतिगत फैसलों पर निर्भर करेंगे। <Cite refs={[“turn850573search3”]}/>

लूला की जीत भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?

निष्कर्ष: लूला डा सिल्वा की चौथी राष्ट्रपति जीत ब्राजील की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। भारत के लिए इसका महत्व व्यापार, महत्वपूर्ण खनिजों, ऊर्जा, तकनीक और ब्रिक्स में सहयोग की निरंतरता से जुड़ा है। असली असर इस बात से तय होगा कि दोनों देश मौजूदा समझौतों को कितनी प्रभावी ढंग से लागू करते हैं और व्यापार बढ़ाने के अपने लक्ष्य की दिशा में कितनी प्रगति करते हैं।


संपादकीय तथ्य-जांच: 26 अक्टूबर 2026 की तारीख के अनुसार लूला की उम्र 80 वर्ष है; वह 27 अक्टूबर को 81 वर्ष के होंगे। इसलिए खबर के शीर्षक में “81 साल के” के बजाय “80 साल के” लिखना अधिक सटीक होगा। <Cite refs={[“turn850573search0″,”turn850573search1”]}/>

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