Flight Ticket Price: 1 अक्टूबर 2026 से एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी ATF की कीमत में 16 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है???

ATF Price Hike: 16 रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ हवाई ईंधन, त्योहारी सीजन में उड़ानों का किराया बढ़ने के आसार

 घरेलू एयरलाइंस के लिए ATF का दाम करीब 121 रुपये से बढ़कर 137 रुपये प्रति लीटर हो गया है। ऐसे में त्योहारी सीजन से पहले हवाई यात्रा महंगी होने की आशंका बढ़ गई है, हालांकि टिकट किराए में बढ़ोतरी का फैसला एयरलाइंस की लागत, मांग और अन्य बाजार परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।

नई दिल्ली।

त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले हवाई यात्रियों के लिए एक अहम खबर सामने आई है। 1 अक्टूबर 2026 से Aviation Turbine Fuel (ATF) की कीमत में करीब 16 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया गया है। इसके बाद घरेलू एयरलाइंस के लिए ATF की कीमत करीब 137 रुपये प्रति लीटर हो गई है, जबकि सितंबर में यह लगभग 121.28 रुपये प्रति लीटर थी। यानी एक महीने में करीब 13.2 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।

ATF की कीमतों में यह बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है जब देश में त्योहारी यात्रा की मांग बढ़ने की उम्मीद रहती है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इसका सीधा असर फ्लाइट टिकट की कीमतों पर पड़ेगा?

पहले समझिए क्या होता है ATF?

ATF यानी Aviation Turbine Fuel वह ईंधन है जिसका इस्तेमाल ज्यादातर कमर्शियल जेट विमानों में किया जाता है। एयरलाइंस के लिए यह सबसे महत्वपूर्ण परिचालन खर्चों में से एक है।

रिपोर्टों के मुताबिक, ATF एयरलाइंस की परिचालन लागत में 40 फीसदी तक हिस्सा रख सकता है। इसलिए ईंधन की कीमत में लगातार बढ़ोतरी होने पर एयरलाइंस के खर्च पर दबाव बढ़ता है।

हालांकि, किसी विमान टिकट की पूरी कीमत केवल ईंधन खर्च से तय नहीं होती। इसमें एयरपोर्ट शुल्क, विमान और क्रू से जुड़े खर्च, मेंटेनेंस, टैक्स, वितरण लागत और यात्रियों की मांग जैसे कई दूसरे कारक भी शामिल होते हैं।

सितंबर के बाद फिर महंगा हुआ ATF

अक्टूबर की बढ़ोतरी से पहले सितंबर 2026 में भी ATF की कीमत में 6.28 रुपये प्रति लीटर, यानी 5.46 फीसदी की बढ़ोतरी हुई थी। इससे पहले अगस्त में भी करीब 5 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि हुई थी। इस तरह लगातार महीनों में बढ़ोतरी ने एयरलाइंस के ईंधन खर्च पर अतिरिक्त दबाव बनाया है।

अक्टूबर में हुई मौजूदा बढ़ोतरी के बाद ATF की कीमत करीब 121 रुपये से बढ़कर 137 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है।

क्या अब फ्लाइट टिकट महंगे होंगे?

ATF महंगा होने के बाद फ्लाइट टिकट की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है, लेकिन यह कहना सही नहीं होगा कि ATF 16 रुपये महंगा हुआ है तो टिकट भी उसी अनुपात में महंगा होगा।

एयरलाइंस टिकट की कीमत तय करते समय कई चीजों को ध्यान में रखती हैं। इनमें—

  • ATF और अन्य ईंधन लागत
  • यात्रियों की मांग
  • सीटों की उपलब्धता
  • रूट पर प्रतिस्पर्धा
  • एयरपोर्ट और अन्य शुल्क
  • विमान संचालन की लागत
  • मौसम और परिचालन परिस्थितियां
  • त्योहारों के दौरान यात्रा की मांग

शामिल हैं।

इसलिए एयरलाइंस अगर बढ़ी हुई ईंधन लागत का कुछ हिस्सा यात्रियों पर डालती हैं, तो टिकट किराए में बढ़ोतरी हो सकती है। लेकिन कितनी बढ़ोतरी होगी और कब होगी, यह एयरलाइन के अलग-अलग फैसलों पर निर्भर करेगा।

त्योहारी सीजन में क्यों बढ़ सकता है दबाव?

अक्टूबर से देश में त्योहारी यात्रा का दौर शुरू हो जाता है। दशहरा, दिवाली और उसके आसपास बड़ी संख्या में लोग अपने घरों और पर्यटन स्थलों की यात्रा करते हैं।

जब किसी खास रूट पर सीटों की मांग बढ़ती है और उपलब्ध सीटें कम होती हैं, तो एयरलाइन की डायनेमिक प्राइसिंग व्यवस्था के कारण किराए बढ़ सकते हैं। ऐसे में अगर उसी अवधि में ईंधन की लागत भी बढ़ रही हो तो एयरलाइंस के कुल खर्च पर अतिरिक्त दबाव बन सकता है।

हालांकि, त्योहारी सीजन में टिकट महंगा होने की हर बढ़ोतरी को केवल ATF की कीमत से जोड़ना सही नहीं होगा, क्योंकि मांग और सीट उपलब्धता का भी किराए पर महत्वपूर्ण असर पड़ता है।

ATF की कीमत हर महीने क्यों बदलती है?

भारत में ATF की कीमतों की समीक्षा आमतौर पर महीने की शुरुआत में की जाती है। इसमें अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन के बेंचमार्क और रुपये-डॉलर विनिमय दर जैसे कारक भूमिका निभाते हैं।

इसका मतलब है कि अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में बदलाव या रुपये की विनिमय दर में उतार-चढ़ाव होने पर अगले महीनों में ATF की कीमत फिर बदल सकती है।

यही वजह है कि एयरलाइंस को ईंधन लागत में लगातार उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ता है।

अगस्त से अब तक कितना बढ़ा ATF?

अक्टूबर की बढ़ोतरी को पिछले महीनों के साथ देखें तो ATF की कीमत में लगातार वृद्धि हुई है।

अगस्त 2026: करीब 5 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी
सितंबर 2026: 6.28 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी
अक्टूबर 2026: करीब 16 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी

सितंबर में ATF करीब 121.28 रुपये प्रति लीटर था, जो अक्टूबर में करीब 137 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है।

कमर्शियल LPG भी हुआ महंगा

1 अक्टूबर से सिर्फ ATF ही महंगा नहीं हुआ है। 19 किलो के कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में भी 62.50 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। दिल्ली में इसकी कीमत बढ़कर 2,810 रुपये हो गई है। वहीं घरेलू इस्तेमाल वाले 14.2 किलो LPG सिलेंडर की कीमत दिल्ली में 942 रुपये पर अपरिवर्तित रही।

पेट्रोल और डीजल की घरेलू कीमतों में भी इस मासिक संशोधन के दौरान कोई बदलाव नहीं किया गया है।

सरकार ने ATF के निर्यात शुल्क में की कटौती

दिलचस्प बात यह है कि घरेलू ATF की कीमत बढ़ने के साथ सरकार ने ATF के निर्यात पर लगने वाले शुल्क में कटौती भी की है।

1 अक्टूबर से ATF के निर्यात पर लगने वाली लेवी को 15 रुपये से घटाकर 10.50 रुपये प्रति लीटर किया गया है। डीजल के निर्यात पर शुल्क भी 20 रुपये से घटाकर 16 रुपये प्रति लीटर किया गया है।

यह बदलाव घरेलू एयरलाइंस के लिए इस्तेमाल होने वाले ATF की कीमत से अलग है। इसलिए निर्यात शुल्क में कमी को घरेलू ATF कीमत में हुई बढ़ोतरी के साथ सीधे जोड़कर नहीं देखना चाहिए।

यात्रियों को क्या करना चाहिए?

अगर आप अक्टूबर, नवंबर या दिवाली के आसपास फ्लाइट से यात्रा करने की योजना बना रहे हैं तो टिकट काफी पहले बुक करने से उपलब्ध किराए के विकल्पों को देखने का मौका मिल सकता है। हालांकि, टिकट की कीमतें रूट, तारीख, एयरलाइन और सीट उपलब्धता के हिसाब से बदलती रहती हैं।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ATF में 16 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी टिकट किराए में 16 रुपये या किसी तय रकम की वृद्धि नहीं करती। एयरलाइंस अपनी लागत और बाजार की स्थिति के आधार पर किराया तय करती हैं।

निष्कर्ष

1 अक्टूबर 2026 से ATF करीब 16 रुपये प्रति लीटर महंगा होकर 137 रुपये प्रति लीटर हो गया है। लगातार महीनों में हुई बढ़ोतरी से एयरलाइंस की ईंधन लागत पर दबाव बढ़ सकता है। त्योहारी सीजन में अगर हवाई यात्रा की मांग भी मजबूत रहती है, तो कुछ रूटों पर टिकट किराए पर इसका असर देखने को मिल सकता है। हालांकि, अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि सभी फ्लाइट्स के किराए निश्चित रूप से बढ़ेंगे।

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