4KM लंबा ट्रैफिक जाम, वाहनों की लंबी लाइनें… पहले दिन दिल्ली के बारापुल्ला फेज-III कॉरिडोर पर आवाजाही बदहाल ???
बारापुल्ला फेज-III पर पहले दिन 4KM जाम, दिल्ली में यातायात व्यवस्था प्रभावित....
नई दिल्ली।
दिल्ली में ट्रैफिक जाम से राहत देने के उद्देश्य से तैयार किए गए बारापुल्ला फेज-III एलिवेटेड कॉरिडोर के शुरू होने के अगले ही दिन यातायात व्यवस्था को लेकर बड़ी चुनौती सामने आ गई। 29 सितंबर 2026 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस कॉरिडोर का उद्घाटन किया था। इसके बाद 30 सितंबर को जब बड़ी संख्या में वाहन इस नए मार्ग पर पहुंचे तो कई हिस्सों में वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
रिपोर्टों के अनुसार, कॉरिडोर पर करीब 3 से 4 किलोमीटर लंबा ट्रैफिक बैकलॉग देखा गया। कई यात्रियों ने बताया कि जिस रास्ते से समय बचने की उम्मीद थी, उसी पर उन्हें काफी देर तक रुकना पड़ा। कुछ यात्रियों को 40 मिनट से लेकर करीब एक घंटे तक की देरी का सामना करना पड़ा।
सात लेन का ट्रैफिक तीन लेन में मिलने से बढ़ा दबाव
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, जाम की एक प्रमुख वजह यह रही कि सात लेन का यातायात आगे जाकर तीन लेन में मिल रहा था। इस कारण मर्जिंग प्वाइंट पर वाहनों की रफ्तार कम हुई और धीरे-धीरे लंबी कतार बनती चली गई।
इसके अलावा नए कॉरिडोर पर पहले दिन बड़ी संख्या में वाहन पहुंचने से भी ट्रैफिक का दबाव बढ़ा। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, पहले दिन करीब एक लाख वाहनों के कॉरिडोर में प्रवेश करने की बात सामने आई।
सराय काले खां में राहत, लेकिन दूसरे हिस्सों में बढ़ा दबाव
बारापुल्ला फेज-III का उद्देश्य पूर्वी दिल्ली और दक्षिण दिल्ली के बीच कनेक्टिविटी बेहतर करना और यात्रियों को सिग्नल-फ्री विकल्प उपलब्ध कराना है। हालांकि, शुरुआती परिचालन के दौरान ट्रैफिक का दबाव कुछ दूसरे हिस्सों में स्थानांतरित होता दिखाई दिया।
जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, सराय काले खां के पास रिंग रोड पर दबाव कम हुआ, लेकिन सूर्यघड़ी और आश्रम के आसपास नए बॉटलनेक की स्थिति बनी।
29 सितंबर को हुआ था उद्घाटन
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 29 सितंबर को बारापुल्ला एलिवेटेड रोड फेज-III को जनता को समर्पित किया था। PIB के मुताबिक, इस परियोजना की लागत ₹1,635 करोड़ है और इसका उद्देश्य दक्षिण दिल्ली की ओर सिग्नल-फ्री कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना तथा यात्रा को आसान बनाना है।
यह कॉरिडोर मयूर विहार क्षेत्र को सराय काले खां के रास्ते दक्षिण दिल्ली की ओर जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी है। परियोजना को लंबे समय से दिल्ली की यातायात व्यवस्था सुधारने वाली प्रमुख परियोजनाओं में माना जा रहा था।
यात्रियों को हुई परेशानी
कॉरिडोर के उद्घाटन से पहले उम्मीद थी कि इससे यात्रियों का समय बचेगा और पूर्वी दिल्ली से दक्षिण दिल्ली की आवाजाही आसान होगी। लेकिन शुरुआती दिन में ही जाम लगने से कई यात्रियों को परेशानी हुई।
कुछ यात्रियों ने सोशल मीडिया पर भी ट्रैफिक की तस्वीरें और वीडियो साझा किए। वहीं, ट्रैफिक पुलिस ने स्थिति का आकलन करते हुए महत्वपूर्ण मर्जिंग और एग्जिट प्वाइंट पर निगरानी बढ़ाने की बात कही है।
ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने की तैयारी
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों के अनुसार, नए कॉरिडोर पर यातायात के पैटर्न का आकलन किया जा रहा है। महत्वपूर्ण स्थानों पर ट्रैफिक पुलिस की तैनाती बढ़ाने और मर्जिंग व एग्जिट प्वाइंट पर व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।
आने वाले दिनों में यातायात का पैटर्न स्पष्ट होने के बाद लेन प्रबंधन और ट्रैफिक डायवर्जन जैसे उपायों के जरिए दबाव कम करने की कोशिश की जा सकती है।






