Group of Friends Shipping Safety :- भारत और लाइबेरिया ने शिपिंग व नाविकों की सुरक्षा के लिए ‘Group of Friends’ लॉन्च किया???

भारत और लाइबेरिया ने शिपिंग व नाविकों की सुरक्षा के लिए Group of Friends लॉन्च किया...

UNGA 81 के दौरान न्यूयॉर्क में हुई पहल, भारत और लाइबेरिया बने सह-अध्यक्ष; दुनिया के समुद्री व्यापार और नाविकों की सुरक्षा पर बढ़ाया जाएगा अंतरराष्ट्रीय सहयोग

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र (UNGA 81) के दौरान भारत और लाइबेरिया ने ‘Group of Friends on Safety and Security of Shipping and Seafarers’ नाम से एक नई वैश्विक पहल शुरू की है। इसका उद्देश्य समुद्री जहाजों, वाणिज्यिक शिपिंग और नाविकों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर देशों के बीच सहयोग को मजबूत करना है। इस पहल की शुरुआत 25 सितंबर 2026 को न्यूयॉर्क में हुई। भारत और लाइबेरिया इस समूह के सह-अध्यक्ष होंगे।

भारत और लाइबेरिया ने क्यों शुरू किया यह समूह?

हाल के महीनों में दुनिया के कई महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर वाणिज्यिक जहाजों और नाविकों को सुरक्षा संबंधी जोखिमों का सामना करना पड़ा है। खाड़ी, लाल सागर, काला सागर और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे क्षेत्रों में जहाजों पर हमलों तथा क्षेत्रीय संघर्षों ने समुद्री व्यापार की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाई है।

भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और लाइबेरिया की विदेश मंत्री सारा बेयसोলোव न्यांती ने इस पहल की पहली बैठक की सह-अध्यक्षता की। जयशंकर ने कहा कि वाणिज्यिक जहाजों और नाविकों पर होने वाले हमलों से समुद्री व्यापार और मानव जीवन दोनों प्रभावित होते हैं।

भारत और लाइबेरिया की भूमिका क्यों महत्वपूर्ण?

भारत दुनिया के प्रमुख seafarer source countries में शामिल है और बड़ी संख्या में भारतीय नाविक अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक जहाजों पर काम करते हैं। वहीं लाइबेरिया दुनिया की सबसे बड़ी शिपिंग रजिस्ट्रियों में से एक है और टन भार के आधार पर सबसे बड़ा शिप रजिस्ट्रेशन नेटवर्क रखता है।

इसी वजह से दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा और नाविकों के कल्याण से जुड़े मुद्दों को एक साथ अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाने के लिए यह पहल शुरू की है।

25 देशों ने पहली बैठक में लिया हिस्सा

Group of Friends की पहली बैठक में 25 देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इसमें समुद्री व्यापार से जुड़े देशों के साथ-साथ प्रमुख जहाज मालिक और शिपिंग हितधारकों वाले देशों को भी शामिल करने की दिशा में प्रयास किया गया है।

यह समूह एक inclusive, voluntary और action-oriented platform के रूप में काम करेगा। इसका उद्देश्य सदस्य देशों के बीच विचारों और अनुभवों का आदान-प्रदान तथा व्यावहारिक सहयोग को बढ़ावा देना है।

नाविकों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान

नई पहल केवल जहाजों की सुरक्षा तक सीमित नहीं है। इसमें समुद्र में काम करने वाले seafarers की सुरक्षा और कल्याण को भी प्रमुखता दी गई है।

समुद्री संघर्षों के कारण नाविकों को हमले, लंबे समय तक जहाजों पर फंसे रहने, crew change में देरी, घर वापस लौटने में परेशानी और परिवार से लंबे समय तक दूर रहने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

समूह के माध्यम से नाविकों की सुरक्षा, उचित श्रम मानकों, चिकित्सा सहायता और संघर्ष प्रभावित समुद्री क्षेत्रों से गुजरने वाले crews की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।

IMO और ILO के साथ मिलकर काम करेगा समूह

Group of Friends मौजूदा अंतरराष्ट्रीय संस्थागत ढांचे को बदलने के बजाय उसे मजबूत करने के उद्देश्य से काम करेगा। इसमें International Maritime Organization (IMO) और International Labour Organization (ILO) जैसे संगठनों के साथ सहयोग पर जोर रहेगा।

समूह का उद्देश्य समुद्री सुरक्षा से जुड़े मौजूदा नियमों और व्यवस्थाओं के साथ तालमेल बनाते हुए देशों की सामूहिक आवाज को मजबूत करना है।

वैश्विक व्यापार के लिए समुद्री सुरक्षा क्यों जरूरी?

दुनिया का बड़ा हिस्सा अंतरराष्ट्रीय व्यापार समुद्री मार्गों के जरिए होता है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, वैश्विक व्यापार का 80 प्रतिशत से अधिक हिस्सा समुद्र के रास्ते संचालित होता है। इसलिए प्रमुख समुद्री मार्गों में असुरक्षा का असर केवल जहाजों और नाविकों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि ऊर्जा, खाद्य पदार्थों, उर्वरक और अन्य जरूरी वस्तुओं की वैश्विक आपूर्ति पर भी पड़ सकता है।

ऐसे में सुरक्षित समुद्री मार्ग वैश्विक अर्थव्यवस्था और supply chains के लिए महत्वपूर्ण हैं।

भारत के लिए क्या है महत्व?

भारत के लिए यह पहल विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक वैश्विक merchant shipping industry में seafarers के रूप में काम करते हैं। समुद्री मार्गों पर बढ़ते सुरक्षा जोखिम सीधे भारतीय नाविकों की सुरक्षा से जुड़े हैं।

नई पहल के जरिए भारत को समुद्री सुरक्षा, नाविक कल्याण और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग से जुड़े मुद्दों पर दूसरे देशों के साथ समन्वय बढ़ाने का मंच मिलेगा।

निष्कर्ष

UNGA 81 के दौरान भारत और लाइबेरिया द्वारा Group of Friends on Safety and Security of Shipping and Seafarers की शुरुआत समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में बहुपक्षीय सहयोग बढ़ाने की पहल है। भारत और लाइबेरिया इसके सह-अध्यक्ष होंगे और समूह समुद्री जहाजों की सुरक्षा, सुरक्षित समुद्री मार्गों तथा नाविकों के कल्याण से जुड़े मुद्दों पर सहयोग को आगे बढ़ाएगा। पहली बैठक में 25 देशों की भागीदारी इस पहल के शुरुआती अंतरराष्ट्रीय दायरे को दर्शाती है।

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