Kal Ka Panchang, 06 June 2026: कल से मृत्यु पंचक शुरू, जानें दिनभर के शुभ-अशुभ मुहूर्त
Kal Ka Panchang 6 June 2026: कल से मृत्यु पंचक शुरू, जानें शुभ-अशुभ मुहूर्त
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हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य, पूजा-पाठ, यात्रा, गृह प्रवेश या नए काम की शुरुआत से पहले पंचांग देखने की परंपरा रही है। पंचांग के माध्यम से तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण, ग्रहों की स्थिति और शुभ-अशुभ मुहूर्त की जानकारी प्राप्त होती है। 6 जून 2026, शनिवार का दिन धार्मिक दृष्टि से विशेष माना जा रहा है क्योंकि इस दिन मृत्यु पंचक का प्रभाव शुरू होने की चर्चा है। ऐसे में कई लोग दिनभर के शुभ-अशुभ समय जानना चाहते हैं।
6 जून 2026 का पंचांग
- वार: शनिवार
- पक्ष: कृष्ण पक्ष
- तिथि: षष्ठी (षष्ठी तिथि)
- नक्षत्र: श्रवण से धनिष्ठा में प्रवेश का संयोग
- योग: इन्द्र योग
- करण: गर (गरजा) करण
- चंद्रमा: मकर राशि में गोचर
सूर्योदय और सूर्यास्त
- सूर्योदय: प्रातः लगभग 5:23 से 5:26 बजे के बीच
- सूर्यास्त: सायं लगभग 7:12 से 7:16 बजे के बीच
राहुकाल
शनिवार के दिन राहुकाल प्रातः लगभग 8:50 बजे से 10:35 बजे तक माना गया है। इस दौरान नए और मांगलिक कार्यों की शुरुआत से बचने की सलाह दी जाती है।
अभिजीत मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त दोपहर लगभग 11:50 बजे से 12:50 बजे के बीच रहेगा। यह समय महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत के लिए शुभ माना जाता है।
मृत्यु पंचक का आरंभ
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार जब चंद्रमा कुछ विशेष नक्षत्रों में प्रवेश करता है तो पंचक काल आरंभ होता है। पंचक के अंतिम चरण को मृत्यु पंचक कहा जाता है, जिसे शुभ कार्यों के लिए अनुकूल नहीं माना जाता। इस अवधि में विशेष सावधानी और धार्मिक उपाय करने की परंपरा है। हालांकि पंचक से जुड़ी मान्यताएं विभिन्न पंचांगों और परंपराओं के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं।
धार्मिक महत्व
शनिवार का दिन भगवान शनि देव और हनुमान जी की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। इस दिन शनि मंत्र जप, पीपल पूजन, तिल का दान और हनुमान चालीसा का पाठ करने से शुभ फल प्राप्त होने की मान्यता है।
निष्कर्ष

6 जून 2026 का दिन कृष्ण पक्ष षष्ठी, श्रवण/धनिष्ठा नक्षत्र और इन्द्र योग के प्रभाव में रहेगा। राहुकाल में नए कार्यों से बचना और शुभ मुहूर्त में महत्वपूर्ण कार्य करना लाभकारी माना जाता है। मृत्यु पंचक की शुरुआत के कारण धार्मिक कार्यों में पंचांग की सलाह लेना उचित रहेगा।





