25 सितंबर 2026 : – ब्रिटेन ने उपग्रहों की सुरक्षा के लिए पहला स्पेस स्क्वाड्रन लॉन्च किया, अंतरिक्ष में बढ़ते खतरों से निपटने की तैयारी???
लंदन, 25 सितंबर 2026: ब्रिटेन ने अपने महत्वपूर्ण उपग्रहों और अंतरिक्ष आधारित सेवाओं की सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। ब्रिटिश रॉयल एयर फोर्स (RAF) ने No. III Space Effects Squadron का गठन किया है, जो ब्रिटेन का अंतरिक्ष में शत्रुतापूर्ण गतिविधियों से निपटने के लिए समर्पित पहला स्पेस स्क्वाड्रन है। इसकी घोषणा 23 सितंबर 2026 को लंदन में आयोजित पहले UK Space Power Conference के दौरान Chief of the Air Staff Air Chief Marshal Sir Harv Smyth ने की।
क्या है No. III Space Effects Squadron?
No. III Space Effects Squadron को ब्रिटेन के UK Space Command के तहत गठित किया गया है। RAF के अनुसार यह सितंबर 2026 में बना और इसका उद्देश्य अंतरिक्ष में ब्रिटेन के हितों की रक्षा करना है। यह स्क्वाड्रन शत्रुतापूर्ण गतिविधियों को disrupt, degrade और deny करने के लिए विशेषज्ञ सैन्य कर्मियों तथा आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल करेगा।
इस नई इकाई में ब्रिटिश सशस्त्र बलों के अलग-अलग हिस्सों से विशेषज्ञ कर्मियों को शामिल किया जाएगा। इसका काम केवल निगरानी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जरूरत पड़ने पर अंतरिक्ष में मौजूद खतरों के खिलाफ कार्रवाई करने की क्षमता विकसित करना भी होगा।
उपग्रहों की सुरक्षा पर क्यों दिया जा रहा है जोर?
आज के दौर में उपग्रह केवल सैन्य अभियानों के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं हैं, बल्कि रोजमर्रा की कई सेवाएं भी इन पर निर्भर करती हैं। ब्रिटिश सरकार के अनुसार उपग्रह संचार, मौसम पूर्वानुमान, नेविगेशन और मिसाइल चेतावनी जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं में भूमिका निभाते हैं।
ब्रिटेन के सैन्य अभियानों के अलावा मोबाइल संचार, आपातकालीन सेवाओं और ऊर्जा नेटवर्क जैसी व्यवस्थाओं में भी satellite-based services का उपयोग होता है। ऐसे में अंतरिक्ष में उपग्रहों को जाम करने, बाधित करने या नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियां राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ-साथ नागरिक सेवाओं को भी प्रभावित कर सकती हैं।
Electronic Warfare का भी होगा इस्तेमाल
नई Space Effects Squadron की प्रमुख क्षमताओं में Electronic Warfare को भी शामिल किया गया है। ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय के अनुसार इसका इस्तेमाल अंतरिक्ष में शत्रुतापूर्ण गतिविधियों को बाधित करने और ब्रिटेन के अंतरिक्ष हितों की रक्षा करने के लिए किया जाएगा। यह इकाई defensive के साथ-साथ offensive space operations को भी support करेगी।
हालांकि ब्रिटेन ने यह भी कहा है कि वह अंतरिक्ष में जिम्मेदार व्यवहार और शांतिपूर्ण एवं टिकाऊ अंतरिक्ष उपयोग के लिए प्रतिबद्ध है। ब्रिटिश सरकार ने destructive anti-satellite missile testing को औपचारिक रूप से खारिज किया है।
पहले से मौजूद दो स्पेस स्क्वाड्रन के साथ करेगा काम
No. III Space Effects Squadron ब्रिटेन की अंतरिक्ष क्षमताओं में अकेली इकाई नहीं है। इसके साथ पहले से No. I Space Operations Squadron और No. II Space Warning Squadron काम कर रहे हैं।
- No. I Space Operations Squadron अंतरिक्ष अभियानों और space monitoring से जुड़ी गतिविधियों में भूमिका निभाता है।
- No. II Space Warning Squadron space tracking और missile warning से संबंधित क्षमताएं उपलब्ध कराता है।
- No. III Space Effects Squadron इन क्षमताओं से आगे बढ़कर शत्रुतापूर्ण गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई करने और UK space interests की रक्षा करने पर केंद्रित है।
SKYNET उपग्रह भी हैं महत्वपूर्ण
ब्रिटेन की सैन्य संचार व्यवस्था में SKYNET satellite system की महत्वपूर्ण भूमिका है। ब्रिटिश Chief of the Air Staff के अनुसार मौजूदा SKYNET 5 satellites की operational life बढ़ाने के लिए अतिरिक्त निवेश किया गया है और आने वाले समय में SKYNET 6 series भी इसमें शामिल होगी।
SKYNET के जरिए ब्रिटिश सशस्त्र बलों को दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में सुरक्षित satellite communications उपलब्ध कराने में मदद मिलती है। इसलिए इन उपग्रहों की सुरक्षा ब्रिटेन की military communications और operational decision-making के लिए महत्वपूर्ण है।
ब्रिटेन की Space Strategy का हिस्सा
No. III Space Effects Squadron का गठन ब्रिटेन की नई 2026 Space Strategy में निर्धारित “Control of Space” आवश्यकता से जुड़ा है। इसका व्यापक उद्देश्य ब्रिटेन को अंतरिक्ष में स्वतंत्र रूप से काम करने की क्षमता बनाए रखने और संभावित विरोधियों की शत्रुतापूर्ण गतिविधियों से अपने हितों की रक्षा करने में सक्षम बनाना है।
ब्रिटेन ने अंतरिक्ष क्षेत्र में आगे और भी क्षमताएं विकसित करने की योजना बनाई है। Chief of the Air Staff के अनुसार भविष्य में No. 4, No. 5 और No. 6 Squadrons के साथ Space Tactics and Training Squadron तथा deep-space radar capability से संबंधित इकाइयों की योजना भी बनाई जा रही है।
अंतरिक्ष में बढ़ती सैन्य प्रतिस्पर्धा
दुनियाभर में अंतरिक्ष को लेकर सैन्य और रणनीतिक प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है। उपग्रहों को जाम करना, उनकी गतिविधियों पर निगरानी रखना और anti-satellite capabilities विकसित करना कई देशों की सुरक्षा चिंताओं का हिस्सा बन चुका है।
ब्रिटेन का नया स्क्वाड्रन इसी बदलते सुरक्षा वातावरण में अपनी space-based infrastructure और military capabilities को मजबूत करने की कोशिश का हिस्सा है। मई 2026 में ब्रिटेन ने Borealis नामक space-awareness software को भी operational किया था, जो अंतरिक्ष में मौजूद objects और संभावित खतरों की निगरानी में मदद करता है।
ब्रिटेन का बड़ा निवेश
ब्रिटिश सरकार ने बताया है कि 2026/27 से 2029/30 के बीच space-based Intelligence, Surveillance and Reconnaissance तथा space-control activities के लिए लगभग £880 million का निवेश किया जाएगा। यह निवेश ब्रिटेन की अंतरिक्ष क्षमताओं को विकसित करने की व्यापक योजना का हिस्सा है।
निष्कर्ष
ब्रिटेन द्वारा No. III Space Effects Squadron का गठन अंतरिक्ष सुरक्षा के क्षेत्र में उसकी नई सैन्य क्षमता को दर्शाता है। यह इकाई ब्रिटेन के महत्वपूर्ण उपग्रहों और space-based services को संभावित शत्रुतापूर्ण गतिविधियों से बचाने, electronic warfare capabilities विकसित करने और जरूरत पड़ने पर विरोधी की space-based गतिविधियों को बाधित करने के लिए बना






