कर्नाटक में सत्ता संतुलन को लेकर कांग्रेस का नया फॉर्मूला
कर्नाटक में 4 डिप्टी CM फॉर्मूले पर मंथन, सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र को मिल सकती है जगह
कर्नाटक की राजनीति में इन दिनों बड़ा राजनीतिक मंथन चल रहा है। मुख्यमंत्री पद को लेकर जारी चर्चाओं और सत्ता संतुलन के बीच कांग्रेस हाईकमान अब राज्य में ‘चार डिप्टी मुख्यमंत्री’ बनाने के फॉर्मूले पर गंभीरता से विचार कर रहा है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक इस रणनीति का उद्देश्य राज्य में जातीय, क्षेत्रीय और राजनीतिक संतुलन को साधना है, ताकि कांग्रेस संगठन और सरकार दोनों स्तर पर मजबूत पकड़ बनाए रख सके।

बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के इस्तीफे की अटकलों के बीच पार्टी नेतृत्व नई सत्ता संरचना तैयार करने में जुटा है। इस संभावित बदलाव के साथ सिद्धारमैया के बेटे और पूर्व विधायक यतींद्र सिद्धारमैया को भी नई कैबिनेट में शामिल किए जाने की चर्चा तेज हो गई है।
जातीय समीकरण साधने की तैयारीकर्नाटक में 4 डिप्टी CM फॉर्मूले पर मंथन, सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र को मिल सकती है जगह
कांग्रेस नेतृत्व कर्नाटक में लिंगायत, वोक्कालिगा, दलित, ओबीसी और अल्पसंख्यक समुदायों के बीच राजनीतिक संतुलन कायम रखने की रणनीति पर काम कर रहा है। माना जा रहा है कि चार डिप्टी CM बनाए जाने की स्थिति में अलग-अलग समुदायों और क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व दिया जा सकता है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि लोकसभा चुनाव और आगामी विधानसभा रणनीति को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस कोई भी जोखिम नहीं लेना चाहती। पार्टी चाहती है कि सत्ता में सभी प्रमुख गुटों को हिस्सेदारी देकर अंदरूनी असंतोष को कम किया जाए।
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यतींद्र सिद्धारमैया की एंट्री की चर्चा तेज
सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र सिद्धारमैया लंबे समय से सक्रिय राजनीति में भूमिका निभा रहे हैं। पार्टी संगठन और चुनावी रणनीतियों में उनकी सक्रियता को देखते हुए अब उन्हें कैबिनेट में शामिल किए जाने की संभावना जताई जा रही है। कांग्रेस के भीतर इसे भविष्य की नेतृत्व तैयारियों के तौर पर भी देखा जा रहा है।
हालांकि पार्टी की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर चर्चाएं तेज हैं। माना जा रहा है कि कांग्रेस हाईकमान अंतिम फैसला सभी वरिष्ठ नेताओं से बातचीत के बाद ही करेगा।
कांग्रेस के सामने चुनौती भी कम नहीं
कर्नाटक कांग्रेस में लंबे समय से नेतृत्व और शक्ति संतुलन को लेकर अंदरूनी खींचतान की खबरें आती रही हैं। ऐसे में चार डिप्टी CM का फॉर्मूला पार्टी के लिए एक राजनीतिक प्रयोग भी साबित हो सकता है। कांग्रेस नेतृत्व इस बात का ध्यान रख रहा है कि किसी भी गुट की नाराजगी सरकार की स्थिरता पर असर न डाले।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यदि यह फॉर्मूला लागू होता है तो कर्नाटक देश का ऐसा बड़ा राज्य बन सकता है जहां एक साथ चार उपमुख्यमंत्री काम करेंगे। इससे कांग्रेस की नई राजनीतिक रणनीति का भी संकेत मिलेगा।





