बूंद-बूंद करके पेशाब आना पुरुषों में किस बीमारी का संकेत? नॉर्मल समझकर न करें नजरअंदाज

पुरुषों में बूंद-बूंद करके पेशाब आना किस बीमारी का संकेत? जानिए कारण और इलाज

पुरुषों में बूंद-बूंद करके पेशाब आना बढ़े हुए प्रोस्टेट, UTI, प्रोस्टेटाइटिस या अन्य गंभीर बीमारियों का संकेत हो सकता है। जानिए लक्षण, कारण और कब डॉक्टर से मिलना चाहिए।

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पुरुषों में पेशाब का बूंद-बूंद करके आना या पेशाब की धार का कमजोर होना अक्सर सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है। लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार यह कई गंभीर बीमारियों का शुरुआती संकेत भी हो सकता है। यदि यह समस्या लगातार बनी रहती है या इसके साथ दर्द, जलन, बार-बार पेशाब आना या पेशाब पूरी तरह न निकलने का एहसास हो, तो तुरंत डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।

किन बीमारियों का हो सकता है संकेत?

1. बढ़ा हुआ प्रोस्टेट (Benign Prostatic Hyperplasia – BPH)

50 वर्ष की उम्र के बाद पुरुषों में प्रोस्टेट ग्रंथि का आकार बढ़ना आम बात है। जब प्रोस्टेट बड़ा हो जाता है तो यह मूत्रमार्ग (यूरेथ्रा) पर दबाव डालता है, जिससे पेशाब की धार कमजोर हो जाती है और बूंद-बूंद करके पेशाब आने लगता है।

लक्षण

  • पेशाब शुरू करने में कठिनाई
  • बार-बार पेशाब आना
  • रात में कई बार उठकर पेशाब जाना
  • पेशाब के बाद भी ब्लैडर खाली न होने का एहसास

2. यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI)

हालांकि UTI महिलाओं में अधिक देखा जाता है, लेकिन पुरुषों में भी यह संक्रमण हो सकता है। संक्रमण के कारण पेशाब में जलन, दर्द और बूंद-बूंद करके पेशाब आने जैसी समस्या हो सकती है।

3. प्रोस्टेटाइटिस (Prostatitis)

प्रोस्टेट ग्रंथि में सूजन या संक्रमण होने पर पेशाब करने में परेशानी, पेल्विक दर्द और बार-बार पेशाब आने की शिकायत हो सकती है। यह समस्या कम उम्र के पुरुषों में भी देखी जा सकती है।

4. मूत्रमार्ग में रुकावट (Urethral Stricture)

किसी चोट, संक्रमण या सर्जरी के बाद मूत्रमार्ग संकरा हो सकता है। इससे पेशाब की धार कमजोर हो जाती है और पेशाब बूंद-बूंद करके आने लगता है।

5. किडनी या ब्लैडर स्टोन

यदि मूत्राशय या मूत्रमार्ग में पथरी फंस जाए तो पेशाब रुक-रुककर या बूंद-बूंद आ सकता है। इसके साथ तेज दर्द और कभी-कभी पेशाब में खून भी दिखाई दे सकता है।

6. प्रोस्टेट कैंसर

कुछ मामलों में यह समस्या प्रोस्टेट कैंसर का शुरुआती संकेत भी हो सकती है। हालांकि केवल बूंद-बूंद करके पेशाब आना कैंसर का प्रमाण नहीं है, लेकिन लगातार लक्षण बने रहने पर जांच जरूरी होती है।

किन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें?

  • पेशाब में खून आना
  • पेशाब करते समय तेज दर्द या जलन
  • पेशाब बिल्कुल बंद हो जाना
  • बार-बार पेशाब की इच्छा होना
  • बुखार और ठंड लगना
  • कमर या पेल्विक हिस्से में लगातार दर्द

इनमें से कोई भी लक्षण होने पर तुरंत यूरोलॉजिस्ट से संपर्क करें।

डॉक्टर कौन-कौन सी जांच कर सकते हैं?

समस्या का कारण जानने के लिए डॉक्टर निम्न जांच की सलाह दे सकते हैं—

  • यूरिन टेस्ट
  • ब्लड टेस्ट
  • PSA (Prostate-Specific Antigen) टेस्ट
  • अल्ट्रासाउंड
  • यूरोफ्लोमेट्री (Urine Flow Test)
  • आवश्यकता होने पर सिस्टोस्कोपी

बचाव के उपाय

  • पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
  • लंबे समय तक पेशाब न रोकें।
  • धूम्रपान और अत्यधिक शराब से बचें।
  • नियमित व्यायाम करें और वजन नियंत्रित रखें।
  • 50 वर्ष की उम्र के बाद समय-समय पर प्रोस्टेट की जांच कराएं।
  • किसी भी तरह की पेशाब संबंधी समस्या होने पर स्वयं दवा लेने के बजाय डॉक्टर की सलाह लें।

कब तुरंत डॉक्टर से मिलें?

यदि पेशाब पूरी तरह बंद हो जाए, तेज दर्द हो, पेशाब में खून आए या कई दिनों तक बूंद-बूंद करके पेशाब आने की समस्या बनी रहे, तो इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज न करें। समय पर जांच और इलाज से अधिकांश समस्याओं का सफलतापूर्वक उपचार संभव है।

अस्वीकरण: यह लेख केवल सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। किसी भी लक्षण या बीमारी की स्थिति में योग्य डॉक्टर या यूरोलॉजिस्ट से परामर्श अवश्य लें।

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