जालौन: 55 वर्ष की आयु पर सेवा समाप्ति के विरोध में सड़कों पर उतरे पूर्व सैनिक, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
जालौन में 55 वर्ष पर सेवा समाप्ति के विरोध में पूर्व सैनिकों का प्रदर्शन
जालौन के उरई में पूर्व सैनिकों ने 55 वर्ष की आयु पर सेवा समाप्ति के विरोध में प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा और निर्णय वापस लेने की मांग की।
जालौन (उरई)। जालौन मुख्यालय उरई में उत्तर प्रदेश पूर्व सैनिक निगम के माध्यम से दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम (DVVNL) में कार्यरत पूर्व सैनिकों ने 55 वर्ष की आयु पूरी होने पर सेवा से हटाए जाने के निर्णय के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। पूर्व सैनिक वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक एकत्र हुए और अपनी मांगों को लेकर प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन के दौरान पूर्व सैनिकों ने कहा कि उन्होंने वर्षों तक भारतीय सेना में देश की सेवा की और सेवानिवृत्ति के बाद सरकार की पुनर्नियोजन व्यवस्था के तहत विद्युत विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उनका कहना है कि 55 वर्ष की आयु पूरी होने के आधार पर सेवा समाप्त करना उनके साथ अन्याय है और इससे उनके परिवार की आजीविका पर गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा।
पूर्व सैनिकों का आरोप है कि यह निर्णय भेदभावपूर्ण है और समान कार्य करने वाले अन्य कर्मचारियों की तुलना में उनके साथ अलग व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि इस व्यवस्था की समीक्षा कर सेवा समाप्ति के आदेश को वापस लिया जाए, ताकि पूर्व सैनिक सम्मानपूर्वक अपनी सेवाएं जारी रख सकें।
प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने सिटी मजिस्ट्रेट को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि 55 वर्ष की आयु पर सेवा समाप्त करने के निर्णय को तत्काल निरस्त किया जाए तथा पूर्व सैनिकों के हितों की रक्षा के लिए स्पष्ट और न्यायसंगत नीति बनाई जाए।
पूर्व सैनिकों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो वे आगे व्यापक आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने सरकार से अपेक्षा जताई कि देश की रक्षा में योगदान देने वाले सैनिकों के साथ न्यायपूर्ण व्यवहार किया जाएगा।
फिलहाल प्रशासन ने ज्ञापन प्राप्त कर उसे शासन तक भेजने का आश्वासन दिया है। अब पूर्व सैनिकों की नजर राज्य सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई है।





