क्या नींद की कमी से बढ़ सकता है वजन? जानिए सेहत और स्लीप के कनेक्शन पर क्या कहती है स्टडी ???
नींद की कमी से बढ़ सकता है वजन? जानिए Sleep Deprivation और मोटापे का कनेक्शन.....
Sleep Deprivation and Weight Gain: अच्छी सेहत के लिए खान-पान और एक्सरसाइज के साथ पर्याप्त नींद भी बेहद जरूरी मानी जाती है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में देर रात तक काम करना, मोबाइल चलाना, तनाव और अनियमित दिनचर्या के कारण बहुत से लोगों की नींद पूरी नहीं हो पाती। लेकिन क्या कम सोने का असर सिर्फ थकान और चिड़चिड़ापन तक सीमित है? क्या नींद की कमी वजन बढ़ने का कारण भी बन सकती है?
शोधों में नींद की अवधि और मोटापे के बीच संबंध पाया गया है। 2025 में प्रकाशित एक व्यापक समीक्षा में शामिल मेटा-विश्लेषणों के आधार पर वयस्कों में कम नींद की अवधि को अधिक वजन और मोटापे के बढ़े हुए जोखिम से जोड़ा गया। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर व्यक्ति में कम नींद सीधे वजन बढ़ाएगी।
कम नींद और बढ़ते वजन के बीच क्या कनेक्शन है?
जब कोई व्यक्ति लगातार जरूरत से कम सोता है, तो उसकी भूख, खाने की आदतों और दैनिक गतिविधियों पर असर पड़ सकता है। क्लिनिकल ट्रायल्स की एक व्यवस्थित समीक्षा में पाया गया कि नींद कम होने पर कुछ परिस्थितियों में ऊर्जा सेवन, भूख, खाने की इच्छा, खाने के अवसर और भोजन की मात्रा बढ़ सकती है।
यानी समस्या सिर्फ इतनी नहीं है कि व्यक्ति देर तक जाग रहा है। देर तक जागने के कारण रात में स्नैकिंग, ज्यादा कैलोरी वाला खाना और अगले दिन कम शारीरिक गतिविधि जैसी आदतें भी विकसित हो सकती हैं।
नींद कम होने पर ज्यादा भूख क्यों लग सकती है?
नींद और शरीर की ऊर्जा-संतुलन प्रणाली के बीच जटिल संबंध है। जब नींद पूरी नहीं होती तो कुछ लोगों में भूख और खाने की इच्छा बढ़ सकती है। इसका असर खासतौर पर देर रात के स्नैक्स और हाई-कैलोरी खाद्य पदार्थों के सेवन पर दिखाई दे सकता है।
एक व्यवस्थित समीक्षा में 50 randomized controlled trials के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया था। इसमें नींद कम करने के बाद ऊर्जा और वसा के सेवन, भूख और खाने की मात्रा में बढ़ोतरी की संभावना देखी गई।
हालांकि, इस विषय में सोशल मीडिया पर अक्सर लेप्टिन और घ्रेलिन जैसे हार्मोन्स को लेकर बहुत निश्चित दावे किए जाते हैं। उपलब्ध शोधों में इनके परिणाम हमेशा एक जैसे नहीं रहे हैं, इसलिए इन्हें वजन बढ़ने का अकेला कारण बताना सही नहीं होगा।
क्या कम सोने से पेट की चर्बी भी बढ़ सकती है?
सिर्फ शरीर के कुल वजन की बात नहीं है। 2024 में प्रकाशित एक systematic review और meta-analysis में वयस्कों के बीच कम नींद और abdominal obesity यानी पेट के आसपास जमा होने वाली अतिरिक्त चर्बी के बीच संबंध पाया गया।
इस विश्लेषण में कम नींद लेने वालों में abdominal obesity का जोखिम थोड़ा अधिक था। शोधकर्ताओं ने सात अध्ययनों के pooled data में लगभग 8% अधिक जोखिम पाया।
इसका अर्थ यह नहीं है कि एक-दो रात कम सोने से पेट की चर्बी बढ़ जाएगी। यह संबंध मुख्य रूप से लंबे समय तक कम नींद लेने की आदत और स्वास्थ्य परिणामों के बीच देखा गया है।
कितनी नींद को माना जाता है बेहतर?
वयस्कों में आम तौर पर करीब 7-8 घंटे की नींद को स्वास्थ्य के लिहाज से एक उपयुक्त लक्ष्य माना जाता है। 2019 के एक prospective cohort meta-analysis में मोटापे का सबसे कम जोखिम 7-8 घंटे की नींद के आसपास पाया गया। उसी अध्ययन में 7 घंटे से कम सोने वालों में हर एक घंटे की कमी के साथ मोटापे के जोखिम में लगभग 9% वृद्धि देखी गई।
हालांकि, हर व्यक्ति की नींद की जरूरत बिल्कुल समान नहीं होती। उम्र, स्वास्थ्य, दिनचर्या और नींद की गुणवत्ता भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
क्या सिर्फ नींद पूरी करने से वजन कम हो जाएगा?
नहीं। नींद को वजन घटाने का कोई जादुई तरीका नहीं माना जा सकता।
वजन पर खान-पान, कुल कैलोरी सेवन, शारीरिक गतिविधि, आनुवंशिक कारक, तनाव, दवाएं और कई अन्य चीजों का प्रभाव पड़ सकता है। अच्छी नींद वजन को नियंत्रित करने वाली स्वस्थ दिनचर्या का एक हिस्सा हो सकती है, लेकिन अकेले नींद से वजन कम होने की गारंटी नहीं है।
2026 में प्रकाशित एक नई systematic review में भी वजन घटाने के प्रयासों में नींद की भूमिका को जटिल बताया गया। इसमें पाया गया कि sleep restriction कुछ परिस्थितियों में fat loss को कम कर सकती है, जबकि sleep duration और weight-loss outcomes के बीच उपलब्ध evidence अभी पूरी तरह एक जैसा नहीं है।
क्या ज्यादा सोना भी वजन बढ़ा सकता है?
यहां भी तस्वीर थोड़ी जटिल है। कुछ observational studies में बहुत लंबी नींद और मोटापे के बीच संबंध देखा गया है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि ज्यादा सोना अपने आप मोटापे का कारण है।
एक meta-analysis में 9 घंटे या उससे अधिक सोने के कुछ समूहों में वजन बढ़ने का संबंध पाया गया, लेकिन लंबे समय तक सोने और सीधे वजन बढ़ने के बीच संबंध सभी अध्ययनों में समान नहीं था।
इसलिए सिर्फ घंटे गिनने के बजाय नींद की नियमितता, गुणवत्ता और दिनभर की जीवनशैली पर भी ध्यान देना जरूरी है।
सिर्फ Observational Studies पर निर्भर रहना क्यों सही नहीं?
नींद और वजन के बीच संबंध को समझते समय एक महत्वपूर्ण बात ध्यान रखनी चाहिए। बहुत से अध्ययनों में यह देखा जाता है कि कम सोने वाले लोगों में मोटापा अधिक है। लेकिन इससे यह निश्चित रूप से साबित नहीं होता कि कम नींद ही मोटापे का सीधा कारण है।
उदाहरण के लिए तनाव, खराब खान-पान, कम शारीरिक गतिविधि या पहले से मौजूद स्वास्थ्य समस्याएं नींद और वजन दोनों को प्रभावित कर सकती हैं।
एक experimental meta-analysis में छह अध्ययनों और 275 वयस्कों के आंकड़ों को देखा गया। इसमें sleep restriction से शरीर के वजन या body fat में statistically significant बढ़ोतरी साबित नहीं हुई।
इसलिए वैज्ञानिक तस्वीर यह कहती है कि कम नींद और वजन बढ़ने के बीच संबंध काफी मजबूत है, लेकिन सीधे कारण-परिणाम की पूरी तस्वीर अभी भी जटिल है।
नींद सुधारने के आसान तरीके
अगर आपकी नींद नियमित रूप से कम हो रही है, तो कुछ आदतें मदद कर सकती हैं:
1. सोने और उठने का समय तय करें
हर दिन लगभग एक ही समय पर सोने और उठने की कोशिश करें।
2. सोने से पहले स्क्रीन टाइम कम करें
मोबाइल, लैपटॉप और टीवी का इस्तेमाल सोने से ठीक पहले कम करना उपयोगी हो सकता है।
3. देर रात भारी खाना न खाएं
सोने के बहुत करीब भारी भोजन करने से नींद प्रभावित हो सकती है।
4. कैफीन का समय ध्यान रखें
शाम और रात में चाय, कॉफी या अन्य कैफीनयुक्त पेय का अधिक सेवन कुछ लोगों की नींद प्रभावित कर सकता है।
5. दिन में शारीरिक गतिविधि रखें
नियमित गतिविधि स्वस्थ नींद की आदतों का हिस्सा हो सकती है।
6. बेडरूम का वातावरण आरामदायक रखें
कम रोशनी, शांत वातावरण और आरामदायक तापमान नींद के लिए मददगार हो सकते हैं।
कब डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए?
अगर आपको लगातार पर्याप्त समय बिस्तर पर रहने के बावजूद नींद नहीं आती, बार-बार नींद टूटती है, दिन में बहुत ज्यादा नींद आती है या खर्राटों के साथ सांस रुकने जैसी समस्या महसूस होती है, तो इसे सामान्य थकान मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
लगातार नींद की समस्या होने पर डॉक्टर या sleep specialist से सलाह लेना बेहतर है।
निष्कर्ष
शोधों से पता चलता है कि लगातार कम नींद लेना वजन बढ़ने और खासकर abdominal obesity के बढ़े हुए जोखिम से जुड़ा हो सकता है। इसका एक संभावित कारण भूख, खाने की इच्छा और ऊर्जा सेवन में बदलाव हो सकता है।
लेकिन नींद की कमी को वजन बढ़ने का अकेला कारण मानना सही नहीं होगा। वजन और नींद दोनों पर जीवनशैली और कई अन्य स्वास्थ्य कारकों का प्रभाव पड़ता है। इसलिए वजन को नियंत्रित रखने के लिए संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि और पर्याप्त एवं नियमित नींद—तीनों पर ध्यान देना जरूरी है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। किसी बीमारी, लगातार नींद की समस्या या तेजी से बढ़ते वजन की स्थिति में योग्य डॉक्टर से सलाह लें।




