सरयू का जलस्तर बढ़ा, दुबौलिया में ग्रामीणों की बढ़ी धड़कनें; कटान से खेत और रास्ते पर संकट ????
सरयू का जलस्तर बढ़ा, दुबौलिया में कटान से ग्रामीण और किसान परेशान....
बस्ती। सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही जिले के दुबौलिया क्षेत्र में बाढ़ और कटान का खतरा गहराने लगा है। तेज बहाव के कारण नदी किनारे बसे गांवों के ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। कहीं उपजाऊ खेत नदी की कटान की जद में हैं, तो कहीं गांव से बाहर निकलने वाला रास्ता पानी में डूब चुका है।
दुबौलिया क्षेत्र के सुविखा बाबू गांव में हालात सबसे ज्यादा परेशान करने वाले बताए जा रहे हैं। गांव के लोगों को बंधे तक पहुंचने और वहां से आगे मुख्यालय जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। रोजमर्रा के कामकाज, बच्चों की पढ़ाई, इलाज और जरूरी सामान की व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।
कटान से किसानों की बढ़ी चिंता
सरयू नदी का बहाव तेज होने से नदी किनारे की जमीन लगातार कट रही है। किसानों को डर है कि अगर जलस्तर और बढ़ा या कटान की रफ्तार तेज हुई तो उनकी खड़ी फसल और उपजाऊ जमीन नदी में समा सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बरसात के दौरान उन्हें इसी तरह की समस्या का सामना करना पड़ता है।
पानी में डूबा गांव तक पहुंचने का रास्ता
ग्रामीणों के अनुसार, सुविखा बाबू गांव तक पहुंचने वाला संपर्क मार्ग पानी में डूब गया है। ऐसे में लोगों को नाव से बंधे तक जाना पड़ रहा है। इसके बाद वे दूसरे साधनों से तहसील और जिला मुख्यालय की ओर पहुंचते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि वे वर्षों से गांव तक पक्की सड़क बनवाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है। हर बरसात में संपर्क मार्ग बाधित होने के कारण गांव लगभग अलग-थलग पड़ जाता है।
नाव बनी ग्रामीणों की जिंदगी का सहारा
बारिश और बढ़ते जलस्तर के बीच नाव ग्रामीणों के लिए आवागमन का प्रमुख साधन बन गई है। बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं को आने-जाने में विशेष परेशानी हो रही है। बीमार लोगों को अस्पताल तक पहुंचाना भी चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
ग्रामीणों की मांग है कि क्षेत्र में मजबूत सड़क और सुरक्षित संपर्क मार्ग का निर्माण कराया जाए, ताकि हर वर्ष बाढ़ के दौरान लोगों को नाव के भरोसे जिंदगी न गुजारनी पड़े।
रिंग बांध की सुरक्षा को लेकर प्रशासन अलर्ट
उधर, सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर और कटान को देखते हुए प्रशासन ने भी निगरानी बढ़ा दी है। बाढ़ खंड की टीमें कटान प्रभावित इलाकों में लगातार स्थिति पर नजर रख रही हैं। रिंग बांध की सुरक्षा को लेकर जरूरी स्थानों पर बचाव कार्य तेज किया जा रहा है।
अधिकारियों द्वारा नदी के बहाव और कमजोर स्थानों की लगातार निगरानी की जा रही है। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था और कटानरोधी उपाय किए जा सकते हैं।
ग्रामीणों को स्थायी समाधान का इंतजार
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल बाढ़ के समय प्रशासनिक निगरानी और अस्थायी इंतजाम तो किए जाते हैं, लेकिन इलाके को स्थायी राहत देने के लिए मजबूत सड़क, कटानरोधी कार्य और बेहतर संपर्क व्यवस्था जरूरी है।
सरयू का जलस्तर और नदी का तेज बहाव फिलहाल ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। किसानों की नजर अपनी फसलों और जमीन पर टिकी है, जबकि गांव के लोगों को उम्मीद है कि इस बार प्रशासनिक प्रयासों से कटान और आवागमन की समस्या से कुछ राहत मिल सकेगी।





