HIV Patients: क्या किसी व्यक्ति के चेहरे, शरीर या उसके दिखने के तरीके से यह पता लगाया जा सकता है कि वह HIV संक्रमित है????

क्या HIV के मरीज को देखकर पता लगाया जा सकता है कि उसे एचआईवी है? AIIMS के डॉक्टर ने दिया जवाब....

 AIIMS नई दिल्ली के मेडिसिन विभाग के डॉक्टर डॉ. नीरज निश्चल के मुताबिक, केवल देखकर HIV संक्रमण की पहचान करना संभव नहीं है। HIV की पुष्टि के लिए उचित मेडिकल जांच जरूरी होती है।

Testing for HIV: Getting an HIV Diagnosis

सिर्फ देखकर HIV की पहचान करना संभव नहीं

HIV यानी Human Immunodeficiency Virus शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को प्रभावित करता है। लेकिन HIV संक्रमण का मतलब यह नहीं है कि संक्रमित व्यक्ति को देखकर ही उसकी पहचान की जा सकेगी।

कई HIV संक्रमित लोगों में लंबे समय तक कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते। वहीं कुछ लोगों में बुखार, थकान, लिम्फ नोड्स में सूजन या अन्य सामान्य लक्षण दिखाई दे सकते हैं। ये लक्षण केवल HIV के कारण ही हों, यह जरूरी नहीं है।

इसलिए किसी व्यक्ति के चेहरे, शरीर का वजन, त्वचा, कमजोरी या सामान्य दिखावट के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना कि उसे HIV है, गलत और भ्रामक हो सकता है।

HIV के शुरुआती लक्षण क्या हो सकते हैं?

HIV संक्रमण के शुरुआती चरण में कुछ लोगों में फ्लू जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। इनमें बुखार, गले में खराश, शरीर पर चकत्ते, लिम्फ नोड्स में सूजन और सामान्य कमजोरी जैसे लक्षण शामिल हो सकते हैं।

AIIMS की एक मेडिकल गाइड में भी HIV के शुरुआती संक्रमण के दौरान बुखार, सामान्य लिम्फ नोड्स में सूजन, त्वचा पर चकत्ते, गले में सूजन और फ्लू जैसे लक्षणों का उल्लेख किया गया है। हालांकि, ये लक्षण HIV के लिए विशिष्ट नहीं हैं।

यही वजह है कि केवल लक्षणों के आधार पर किसी व्यक्ति को HIV संक्रमित मानना उचित नहीं है।

कई मरीजों में लंबे समय तक लक्षण नहीं दिखते

HIV संक्रमण की एक महत्वपूर्ण बात यह है कि व्यक्ति लंबे समय तक सामान्य दिखाई दे सकता है। बाहर से वह पूरी तरह स्वस्थ नजर आ सकता है, जबकि उसके शरीर में वायरस मौजूद हो सकता है।

इसलिए “वह बिल्कुल स्वस्थ दिख रहा है, इसलिए उसे HIV नहीं हो सकता” जैसी धारणा भी गलत है।

दूसरी तरफ, किसी व्यक्ति का बहुत दुबला होना, बार-बार बीमार पड़ना या कमजोरी महसूस करना भी अपने आप में HIV का प्रमाण नहीं है। इन लक्षणों के कई दूसरे कारण हो सकते हैं।

HIV की पुष्टि कैसे होती है?

HIV की पहचान के लिए मेडिकल टेस्ट किया जाता है। AIIMS, नई दिल्ली में National HIV/AIDS Reference Laboratory HIV से संबंधित डायग्नोस्टिक और मॉनिटरिंग सेवाएं उपलब्ध कराती है। यहां HIV-1 और HIV-2 antibodies समेत कई जांचें की जाती हैं।

किसी व्यक्ति को HIV है या नहीं, इसका पता लगाने के लिए डॉक्टर परिस्थितियों के अनुसार उचित HIV टेस्ट की सलाह देते हैं। जरूरत पड़ने पर आगे की पुष्टि के लिए अतिरिक्त जांच भी की जा सकती है।

इसलिए अगर किसी व्यक्ति को HIV संक्रमण का जोखिम हुआ है, तो अनुमान लगाने या लक्षणों के आधार पर फैसला करने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेकर टेस्ट कराना सबसे सही तरीका है।

क्या वजन कम होने से HIV का पता चलता है?

यह भी एक आम मिथक है कि HIV संक्रमित व्यक्ति हमेशा दुबला या कमजोर दिखाई देता है। ऐसा जरूरी नहीं है।

HIV संक्रमण के अलग-अलग चरणों में अलग-अलग लोगों में अलग प्रभाव दिखाई दे सकते हैं। इसके अलावा वजन कम होने के पीछे तनाव, खान-पान, थायरॉइड, डायबिटीज, संक्रमण, पाचन संबंधी समस्या या कई अन्य स्वास्थ्य कारण हो सकते हैं।

इसलिए केवल वजन देखकर HIV का अनुमान लगाना गलत है।

क्या त्वचा देखकर HIV पहचान सकते हैं?

HIV से जुड़े कुछ संक्रमणों या स्वास्थ्य समस्याओं के कारण त्वचा पर बदलाव हो सकते हैं, लेकिन त्वचा पर कोई दाना, चकत्ता या संक्रमण दिखाई देना अपने आप में HIV का प्रमाण नहीं है।

त्वचा संबंधी समस्याएं कई अन्य कारणों से भी हो सकती हैं। इसलिए किसी व्यक्ति की त्वचा देखकर उसे HIV संक्रमित मान लेना वैज्ञानिक रूप से सही नहीं है।

HIV को लेकर भेदभाव से बचना जरूरी

HIV को लेकर समाज में आज भी कई गलत धारणाएं मौजूद हैं। किसी व्यक्ति के चेहरे, कपड़े, शरीर, वजन या स्वास्थ्य की सामान्य स्थिति को देखकर उसके HIV स्टेटस पर टिप्पणी करना न सिर्फ गलत है, बल्कि इससे संक्रमित व्यक्ति को सामाजिक और मानसिक परेशानी भी हो सकती है।

HIV से जुड़े मामलों में सही जानकारी और मेडिकल जांच पर भरोसा करना जरूरी है।

AIIMS में HIV/AIDS से संबंधित इलाज, परामर्श और जांच की सुविधाएं उपलब्ध हैं। AIIMS के मेडिसिन विभाग में Infectious Diseases Clinic भी संचालित होता है।

कब करानी चाहिए HIV जांच?

अगर किसी व्यक्ति को लगता है कि वह किसी संभावित जोखिम के संपर्क में आया है, तो उसे लक्षणों का इंतजार नहीं करना चाहिए। डॉक्टर या HIV testing centre से संपर्क करके उचित समय पर जांच और आगे की प्रक्रिया के बारे में सलाह लेनी चाहिए।

खास तौर पर किसी संभावित exposure के बाद खुद से निष्कर्ष निकालने के बजाय डॉक्टर की सलाह लेना अधिक सुरक्षित है।

निष्कर्ष: HIV को देखकर नहीं, टेस्ट से पहचाना जाता है

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि HIV किसी व्यक्ति के चेहरे या शरीर को देखकर पहचानने वाली बीमारी नहीं है। संक्रमित व्यक्ति सामान्य और पूरी तरह स्वस्थ दिखाई दे सकता है, जबकि किसी अन्य व्यक्ति में दिखाई देने वाले लक्षण HIV से संबंधित न भी हों।

इसलिए किसी व्यक्ति के रूप-रंग, वजन, कमजोरी या त्वचा को देखकर HIV का अनुमान लगाना गलत है। HIV की पुष्टि के लिए उचित मेडिकल टेस्ट और डॉक्टर की सलाह जरूरी है।

HIV से जुड़ी किसी भी आशंका में व्यक्ति को शर्म या डर के कारण जांच से बचना नहीं चाहिए। सही समय पर जांच और उपचार से HIV को प्रभावी तरीके से मैनेज किया जा सकता है।

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