Driving Licence Rules in India: सड़क पर बार-बार ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों के लिए आने वाले समय में मुश्किलें बढ़ सकती हैं ???

बार-बार चालान कटवाया तो रद्द हो सकता है DL, क्या है सरकार का नया Negative Point System.......

 केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन के RC के लिए एक नए ग्रेडेड पॉइंट सिस्टम की योजना का ऐलान किया है। इसके तहत ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर पॉइंट कम होंगे और बार-बार गलती करने पर लाइसेंस या RC सस्पेंड अथवा रद्द किए जाने की व्यवस्था हो सकती है। हालांकि, यह सिस्टम अभी प्रस्ताव/विचार के स्तर पर है और इसके लिए अंतिम नियम व पॉइंट लिमिट घोषित नहीं हुई है।

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बार-बार चालान कटने वालों के लिए बड़ी खबर

अगर आप सड़क पर अक्सर ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करते हैं और लगातार ई-चालान कट रहे हैं, तो आने वाले समय में केवल चालान भरकर मामला खत्म करना पर्याप्त नहीं होगा। केंद्र सरकार ड्राइविंग व्यवहार पर नजर रखने के लिए पॉइंट-बेस्ड डीमेरिट सिस्टम लाने पर काम कर रही है।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सितंबर 2026 में इस प्रस्तावित व्यवस्था की जानकारी देते हुए बताया कि मंत्रालय ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट यानी RC पर आधारित ग्रेडेड पॉइंट सिस्टम लाने की योजना बना रहा है। हर ट्रैफिक अपराध पर अंक काटे जाने और बार-बार नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान प्रस्तावित है।


क्या है नया Negative Point System?

सरल भाषा में समझें तो यह व्यवस्था ड्राइवर के ट्रैफिक रिकॉर्ड को केवल चालान की संख्या से नहीं, बल्कि पॉइंट के आधार पर भी देखेगी।

प्रस्तावित मॉडल में:

  • ट्रैफिक नियम तोड़ने पर ड्राइविंग लाइसेंस से पॉइंट कम हो सकते हैं।
  • वाहन के RC पर भी नेगेटिव पॉइंट दर्ज किए जा सकते हैं।
  • बार-बार नियम तोड़ने पर नेगेटिव पॉइंट जमा होते जाएंगे।
  • तय सीमा पार होने पर DL को सस्पेंड किया जा सकता है।
  • गंभीर या लगातार उल्लंघन की स्थिति में लाइसेंस रद्द भी हो सकता है।
  • वाहन के RC पर भी कार्रवाई की संभावना बताई गई है।
  • अच्छे ड्राइविंग रिकॉर्ड वाले लोगों को प्रोत्साहन देने की भी योजना पर विचार हो रहा है।

लेकिन सबसे जरूरी बात: अभी सरकार ने यह अंतिम रूप से नहीं बताया है कि किस अपराध पर कितने पॉइंट कटेंगे और कितने पॉइंट होने पर DL या RC सस्पेंड/रद्द होगा। इसलिए सोशल मीडिया पर चल रहे किसी तय नंबर को फिलहाल आधिकारिक नियम न मानें।


क्या एक चालान कटते ही लाइसेंस रद्द हो जाएगा?

नहीं।

प्रस्तावित व्यवस्था का मकसद हर छोटे ट्रैफिक उल्लंघन पर तुरंत लाइसेंस रद्द करना नहीं, बल्कि बार-बार नियम तोड़ने वाले यानी habitual offenders पर शिकंजा कसना है।

सरकार की योजना में ड्राइवर के व्यवहार को समय के साथ रिकॉर्ड करने और लगातार उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही गई है।

यानी अगर किसी व्यक्ति का कभी-कभार सामान्य ट्रैफिक चालान होता है, तो केवल एक चालान के आधार पर उसका DL खत्म हो जाएगा—ऐसी बात अभी प्रस्ताव में नहीं कही गई है।


किन गलतियों पर पड़ सकता है असर?

अंतिम पॉइंट टेबल अभी जारी नहीं हुई है, लेकिन प्रस्तावित व्यवस्था का लक्ष्य ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन को ड्राइविंग रिकॉर्ड से जोड़ना है।

उदाहरण के तौर पर सड़क सुरक्षा से जुड़े गंभीर उल्लंघन जैसे:

ओवरस्पीडिंग, रेड लाइट जंप करना, गलत दिशा में वाहन चलाना, लापरवाही से ड्राइविंग और अन्य ट्रैफिक अपराध ड्राइविंग रिकॉर्ड में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। मीडिया रिपोर्टों में भी ऐसे उल्लंघनों को प्रस्तावित ग्रेडेड सिस्टम के संदर्भ में बताया गया है।

हालांकि, किस अपराध पर कितने पॉइंट कटेंगे, इसका अंतिम सरकारी चार्ट अभी सामने नहीं आया है।


DL के साथ RC पर भी लगेंगे पॉइंट?

यह इस प्रस्ताव की सबसे महत्वपूर्ण बातों में से एक है।

अब तक ट्रैफिक उल्लंघन का सबसे सीधा असर चालान और ड्राइविंग रिकॉर्ड पर दिखाई देता है। लेकिन प्रस्तावित सिस्टम में Driving Licence के साथ Vehicle Registration Certificate (RC) को भी पॉइंट सिस्टम से जोड़ने की योजना है।

इसका मतलब है कि सरकार केवल ड्राइवर के व्यवहार को ही नहीं, बल्कि संबंधित वाहन के रिकॉर्ड को भी ट्रैक करने की दिशा में बढ़ रही है। बार-बार उल्लंघन होने पर दोनों दस्तावेजों पर कार्रवाई की संभावना बताई गई है।


अच्छे ड्राइवरों को भी मिल सकता है फायदा

इस प्रस्ताव में केवल सजा की बात नहीं है। सरकार अच्छा ड्राइविंग रिकॉर्ड रखने वालों को प्रोत्साहित करने के विकल्प पर भी विचार कर रही है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार नियमों का लगातार पालन करने वाले ड्राइवरों को भविष्य में बीमा प्रीमियम में छूट जैसे फायदे देने की संभावना पर भी चर्चा हुई है।

यानी भविष्य का सिस्टम केवल Negative Points पर आधारित नहीं रह सकता, बल्कि अच्छे ड्राइविंग व्यवहार को भी पुरस्कृत करने की कोशिश की जा सकती है।


क्या यह नियम अभी लागू हो गया है?

नहीं, यही इस खबर का सबसे महत्वपूर्ण फैक्ट है।

फरवरी 2026 में लोकसभा में सरकार से पॉइंट-बेस्ड डीमेरिट सिस्टम को लेकर सवाल पूछा गया था। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने जवाब में कहा था कि मोटर व्हीकल्स एक्ट में इस सिस्टम को लागू करने के लिए संशोधन सक्रिय विचाराधीन हैं। साथ ही, e-Challan पोर्टल पर बार-बार नियम तोड़ने वालों की रियल-टाइम ट्रैकिंग की सुविधा मौजूद होने की जानकारी भी दी गई थी।

सितंबर 2026 में गडकरी के ताजा बयान से स्पष्ट है कि मंत्रालय इस दिशा में आगे बढ़ने की तैयारी कर रहा है। लेकिन अंतिम नियम, पॉइंट लिमिट और लागू होने की तारीख अभी घोषित नहीं हुई है।


पहले से क्या व्यवस्था मौजूद है?

इसका मतलब यह नहीं है कि फिलहाल बार-बार ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं होती।

मंत्रालय ने संसद में बताया था कि e-Challan पोर्टल पर repeated offenders की real-time tracking उपलब्ध है। इसके अलावा मौजूदा कानून के तहत कुछ परिस्थितियों में लाइसेंस निलंबन जैसी कार्रवाई पहले से संभव है।

इसलिए नया प्रस्ताव मौजूदा व्यवस्था को पूरी तरह खत्म करने के बजाय ड्राइवर के व्यवहार को एक व्यवस्थित पॉइंट सिस्टम से जोड़ने की दिशा में कदम हो सकता है।


अगर DL सस्पेंड हुआ तो क्या होगा?

मौजूदा कानून में लाइसेंस निलंबित होने के बाद ड्राइवर को refresher training course से गुजरना पड़ सकता है। लोकसभा में दिए गए सरकारी जवाब के अनुसार Motor Vehicles Act की धारा 19(2A) के तहत निलंबित लाइसेंस धारक को निर्धारित ड्राइविंग ट्रेनिंग संस्थान से रिफ्रेशर कोर्स करना होता है।

हालांकि, प्रस्तावित नए पॉइंट सिस्टम में सस्पेंशन और कैंसिलेशन की सटीक प्रक्रिया क्या होगी, यह अंतिम नियम जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।


2026 में क्यों लाया जा रहा है यह सिस्टम?

भारत में सड़क दुर्घटनाओं और ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन को लेकर सरकार लंबे समय से ड्राइवर के व्यवहार पर ज्यादा सख्ती की बात करती रही है।

गडकरी का नया प्रस्ताव इसी दिशा में देखा जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य केवल चालान से राजस्व जुटाना नहीं, बल्कि लोगों के ड्राइविंग व्यवहार में बदलाव लाना है।

सरकार चाहती है कि ड्राइवर को यह पता हो कि लगातार नियम तोड़ने का असर केवल जेब पर पड़ने वाले जुर्माने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उसका Driving Record और Vehicle Record भी प्रभावित हो सकता है।


वाहन चालकों को अभी क्या सावधानी रखनी चाहिए?

नया सिस्टम लागू हो या नहीं, वाहन चालकों को इन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए:

  1. ओवरस्पीडिंग से बचें।
  2. रेड लाइट जंप न करें।
  3. गलत दिशा में वाहन न चलाएं।
  4. शराब या नशे की हालत में ड्राइविंग बिल्कुल न करें।
  5. हेलमेट और सीट बेल्ट का इस्तेमाल करें।
  6. वाहन चलाते समय मोबाइल का इस्तेमाल न करें।
  7. अपने वाहन के लंबित ई-चालान समय-समय पर चेक करें।
  8. ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन के दस्तावेज अपडेट रखें।

क्या नया सिस्टम लागू होने पर पुराने चालान भी गिने जाएंगे?

इस बारे में अभी कोई अंतिम स्पष्टता नहीं है।

सरकार ने अभी तक यह विस्तृत नियम जारी नहीं किया है कि पॉइंट सिस्टम लागू होने के बाद केवल नए अपराधों को गिना जाएगा या पुराने ट्रैफिक उल्लंघनों का रिकॉर्ड भी किसी तरह इसमें शामिल होगा।

इसलिए इस संबंध में कोई निश्चित दावा करना अभी जल्दबाजी होगी।


क्या हर राज्य में एक जैसा नियम होगा?

प्रस्ताव केंद्र सरकार के स्तर पर तैयार किया जा रहा है, लेकिन Motor Vehicles Act और उसके नियमों के कार्यान्वयन में राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। संसद में सरकार ने भी बताया था कि कानून और केंद्रीय नियमों के कार्यान्वयन की जिम्मेदारी संबंधित राज्य/UT अधिकारियों के अधिकार क्षेत्र में आती है।

इसलिए अंतिम व्यवस्था में केंद्र और राज्यों के बीच तकनीकी तथा प्रशासनिक समन्वय महत्वपूर्ण होगा।


Bottom Line: अभी घबराने की जरूरत नहीं, लेकिन नियम तोड़ना महंगा पड़ सकता है

नितिन गडकरी के ऐलान के बाद यह साफ है कि सरकार Driving Licence और RC के लिए ग्रेडेड पॉइंट सिस्टम की दिशा में आगे बढ़ रही है। बार-बार ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले लोगों के लिए भविष्य में केवल चालान भरना ही पर्याप्त नहीं हो सकता और लगातार खराब रिकॉर्ड होने पर DL या RC के निलंबन/रद्दीकरण जैसी कार्रवाई हो सकती है।

लेकिन फिलहाल इसे लागू हो चुका नया नियम कहना सही नहीं होगा। फरवरी 2026 में सरकार ने भी पॉइंट-बेस्ड डीमेरिट सिस्टम को विचाराधीन बताया था और सितंबर 2026 में मंत्री ने इसकी योजना पर फिर जानकारी दी है। इसलिए पॉइंट की संख्या, अपराध के हिसाब से कटने वाले अंक और लागू होने की तारीख के लिए अंतिम सरकारी अधिसूचना का इंतजार करना होगा।

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