Dil Hai Tumhaara: बॉलीवुड की कई फिल्मों की कहानियां जितनी दिलचस्प पर्दे पर होती हैं, उनके बनने का सफर उससे भी ज्यादा दिलचस्प होता है???
11 साल तक बनती रही ये फिल्म, रिलीज होते ही छा गए गाने; आज भी लोगों की जुबां पर हैं इसके गीत...
ऐसी ही एक फिल्म है ‘दिल है तुम्हारा’, जिसकी कहानी को पर्दे तक पहुंचने में करीब 11 साल लग गए। साल 2002 में जब यह फिल्म रिलीज हुई तो बॉक्स ऑफिस पर भले ही बहुत बड़ी सफलता हासिल नहीं कर सकी, लेकिन इसके गानों ने ऐसा जादू चलाया कि आज भी लोग इन्हें याद करते हैं।
1991 में शुरू हुआ था फिल्म का सफर
आज से करीब दो दशक से भी ज्यादा पहले रिलीज हुई ‘दिल है तुम्हारा’ के पीछे एक लंबी कहानी है। रिपोर्ट के मुताबिक इस फिल्म को बनाने का विचार पहली बार 1991 में सामने आया था। उस समय फिल्म की कहानी और कास्ट आज से बिल्कुल अलग थी।
फिल्म के शुरुआती दौर में इसे राजकुमार संतोषी से जोड़ा गया था। वह इसे सनी देओल, माधुरी दीक्षित और डिंपल कपाड़िया के साथ बनाना चाहते थे। हालांकि कई वजहों से उस समय प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ पाया।
इसके बाद फिल्म को दोबारा बनाने की कोशिश हुई। कलाकार बदले, नाम बदला और प्रोजेक्ट कई बार अटका। यही वजह रही कि जिस फिल्म को 1990 के दशक की शुरुआत में बनाने का विचार आया था, वह दर्शकों तक पहुंचते-पहुंचते 2002 तक पहुंच गई।
कई बार बदली फिल्म की कास्ट
‘दिल है तुम्हारा’ की सबसे दिलचस्प बातों में से एक इसकी बदलती कास्ट भी रही है।
शुरुआत में फिल्म के लिए अलग-अलग बड़े सितारों पर विचार किया गया। एक समय इसे सलमान खान और मीनाक्षी शेषाद्रि के साथ बनाने की योजना भी थी। इससे पहले ऋषि कपूर को भी अप्रोच किए जाने की बात सामने आई थी।
बाद में 1995 के आसपास शाहरुख खान, संजय कपूर और ऐश्वर्या राय जैसे कलाकारों को लेकर भी प्रोजेक्ट आगे बढ़ाने की कोशिश की गई, लेकिन फिल्म तब भी फ्लोर पर नहीं आ सकी। आखिरकार पुरानी योजना को छोड़कर फिल्म को नए कलाकारों के साथ बनाया गया।
2002 में इस स्टारकास्ट के साथ आई फिल्म
आखिरकार फिल्म का निर्देशन कुंदन शाह ने किया और इसमें प्रीति जिंटा, महिमा चौधरी, अर्जुन रामपाल, जिमी शेरगिल और रेखा जैसे कलाकार नजर आए।
फिल्म की कहानी दो बहनों और उनके पारिवारिक रिश्तों के इर्द-गिर्द घूमती है। प्रीति जिंटा और महिमा चौधरी ने बहनों की भूमिका निभाई, जबकि रेखा ने उनकी मां का किरदार निभाया था।
फिल्म की कहानी में रिश्ते, प्यार, त्याग, गलतफहमियां और परिवार के भीतर छिपे भावनात्मक संघर्ष को दिखाया गया था।
फिल्म से ज्यादा इसके गानों ने मचाई धूम
‘दिल है तुम्हारा’ की सबसे बड़ी ताकत इसका म्यूजिक एल्बम रहा।
फिल्म के गानों को नदीम-श्रवण ने संगीतबद्ध किया था। उस दौर में नदीम-श्रवण की जोड़ी रोमांटिक और इमोशनल गानों के लिए बेहद लोकप्रिय थी और ‘दिल है तुम्हारा’ के संगीत में भी उनकी वही पहचान दिखाई दी।
फिल्म के कई गाने रिलीज के बाद लोगों की जुबान पर चढ़ गए।
‘दिल लगा लिया’
फिल्म के सबसे लोकप्रिय गानों में ‘दिल लगा लिया’ शामिल रहा। यह गाना उस दौर में खूब सुना गया और आज भी 2000s के लोकप्रिय बॉलीवुड रोमांटिक गानों की लिस्ट में याद किया जाता है।
गाने की धुन, रोमांटिक बोल और कलाकारों की केमिस्ट्री ने इसे खास बना दिया।
‘ओ साहिबा ओ साहिबा’
‘ओ साहिबा ओ साहिबा’ भी फिल्म के चर्चित गानों में शामिल था। इसकी मेलोडी और भावनात्मक अंदाज ने इसे श्रोताओं के बीच लोकप्रिय बनाया।
‘दिल है तुम्हारा’
फिल्म के नाम पर ही आधारित ‘दिल है तुम्हारा’ भी एल्बम के यादगार गानों में रहा।
इसके अलावा ‘कसम खाके कहो’ जैसे गानों ने भी उस दौर में खूब लोकप्रियता हासिल की।
बॉक्स ऑफिस पर औसत, लेकिन म्यूजिक रहा सुपरहिट
‘दिल है तुम्हारा’ की कहानी थोड़ी अलग है। फिल्म सिनेमाघरों में वैसी सफलता हासिल नहीं कर सकी, जैसी उम्मीद एक बड़े स्टारकास्ट और लोकप्रिय म्यूजिक एल्बम से की जाती है।
लेकिन फिल्म के गाने उसकी पहचान बन गए।
उस दौर में म्यूजिक चैनल, कैसेट और सीडी का जबरदस्त चलन था। ऐसे समय में इस फिल्म के गाने घर-घर और चाय की दुकानों से लेकर सड़कों तक सुनाई देते थे। रिपोर्ट के मुताबिक फिल्म के गाने रिलीज के समय इतने लोकप्रिय हुए कि लोगों को फिल्म से ज्यादा उसका संगीत याद रहा।
यही वजह है कि आज भी जब 2000s के रोमांटिक बॉलीवुड गानों की बात होती है तो ‘दिल है तुम्हारा’ के गाने लोगों को पुरानी यादों में ले जाते हैं।
फिल्म की देरी की वजह क्या थी?
फिल्म के बनने में इतना लंबा समय लगने के पीछे एक नहीं बल्कि कई वजहें थीं।
सबसे पहले कहानी को लेकर योजना बनी। फिर स्टारकास्ट बदलती गई। कभी किसी अभिनेता को लेकर बात आगे बढ़ी तो कभी किसी अभिनेत्री को लेकर। इसके बाद प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में चला गया।
एक समय फिल्म का नाम भी ‘दिल भी तेरा हम भी तेरे’ बताया जाता है। बाद में इसे बदलकर ‘दिल है तुम्हारा’ किया गया।
यानी जिस फिल्म को दर्शकों तक पहुंचने में करीब 11 साल लगे, उसके सफर में कहानी, नाम और कलाकार—तीनों में बदलाव देखने को मिले।
प्रीति जिंटा और महिमा चौधरी की जोड़ी बनी यादगार
फिल्म में प्रीति जिंटा और महिमा चौधरी ने बहनों की भूमिका निभाई थी। दोनों के बीच का भावनात्मक रिश्ता फिल्म की कहानी का अहम हिस्सा था।
वहीं रेखा ने मां की भूमिका में कहानी को एक मजबूत भावनात्मक आधार दिया।
अर्जुन रामपाल और जिमी शेरगिल भी फिल्म का हिस्सा थे। उस दौर में यह स्टारकास्ट दर्शकों के बीच काफी चर्चा में रही थी।
हालांकि फिल्म की कहानी और बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन को लेकर अलग-अलग राय रही, लेकिन इसके संगीत ने समय के साथ अपनी अलग जगह बना ली।
आज भी क्यों याद हैं ‘दिल है तुम्हारा’ के गाने?
इसकी सबसे बड़ी वजह है मेलोडी।
2000s के शुरुआती दौर में बॉलीवुड म्यूजिक में रोमांटिक और भावनात्मक गीतों की जबरदस्त लोकप्रियता थी। नदीम-श्रवण की संगीत शैली में सादगी और याद रह जाने वाली धुनों का खास महत्व था।
‘दिल है तुम्हारा’ के गाने भी इसी फॉर्मूले पर खरे उतरे।
आज सोशल मीडिया और शॉर्ट वीडियो के दौर में भी पुराने बॉलीवुड गानों की लोकप्रियता बनी हुई है। ऐसे में 2000s के ये गीत नई पीढ़ी तक भी पहुंच रहे हैं।
11 साल का इंतजार, लेकिन संगीत ने बना दी अलग पहचान
‘दिल है तुम्हारा’ की कहानी बॉलीवुड के उन प्रोजेक्ट्स में शामिल है जो लंबे समय तक बनने की प्रक्रिया में अटके रहे। 1991 में शुरू हुई योजना को आखिरकार 2002 में दर्शक मिले।
फिल्म की किस्मत बॉक्स ऑफिस पर बहुत शानदार नहीं रही, लेकिन इसका संगीत लंबे समय तक लोगों के बीच लोकप्रिय रहा।
यही वजह है कि आज भी अगर 2000s के यादगार बॉलीवुड एल्बम की बात होती है तो ‘दिल है तुम्हारा’ का नाम जरूर सामने आता है।
कई फिल्मों को उनकी कहानी के लिए याद किया जाता है, कई को स्टारकास्ट के लिए और कुछ फिल्मों की पहचान उनके गानों से बनती है। ‘दिल है तुम्हारा’ इसी तीसरी कैटेगरी की फिल्म है—जिसे शायद हर किसी ने पूरी तरह न देखा हो, लेकिन इसके गाने बहुत से लोगों ने जरूर सुने हैं।





