Premier Energies ने आंध्र प्रदेश में शुरू की भारत की सबसे बड़ी सोलर सेल निर्माण सुविधा, कुल क्षमता 10.6 GW???

Premier Energies ने शुरू की भारत की सबसे बड़ी 7 GW सोलर सेल फैक्ट्री....

नई दिल्ली, 25 सितंबर 2026: भारत के सौर ऊर्जा विनिर्माण क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। Premier Energies ने आंध्र प्रदेश के नायडुपेटा (Naidupeta) में 7 GW क्षमता वाली नई N-type TOPCon G12R सोलर सेल निर्माण सुविधा शुरू की है। कंपनी के अनुसार, इस प्लांट के चालू होने के बाद उसकी कुल सोलर सेल निर्माण क्षमता बढ़कर 10.6 GW हो गई है। कंपनी ने नई इकाई को भारत की सबसे बड़ी सोलर सेल निर्माण सुविधा बताया है।

7 GW की नई सोलर सेल फैक्ट्री

Premier Energies की नई सुविधा की वार्षिक उत्पादन क्षमता 7 GW है। यह प्लांट आंध्र प्रदेश के नायडुपेटा में स्थापित किया गया है और इसमें N-type TOPCon G12R तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है।

कंपनी ने बताया कि सुविधा में ट्रायल प्रोडक्शन शुरू हो चुका है। इसका मतलब है कि प्लांट को कमीशन कर दिया गया है, लेकिन उत्पादन अभी चरणबद्ध तरीके से स्थिर और पूर्ण क्षमता की ओर बढ़ रहा है।

10.6 GW हुई कंपनी की कुल सोलर सेल क्षमता

नई 7 GW सुविधा के जुड़ने से Premier Energies की कुल सोलर सेल निर्माण क्षमता 3.6 GW से बढ़कर 10.6 GW हो गई है।

कंपनी के अनुसार, इस विस्तार के साथ वह भारत में क्षमता के आधार पर सबसे बड़ी सोलर सेल निर्माता बन गई है। हालांकि नई सुविधा अभी ट्रायल रन के चरण में है, इसलिए 10.6 GW की क्षमता को तत्काल पूर्ण उत्पादन के बराबर नहीं माना जाना चाहिए।

101 एकड़ में फैला है प्लांट

यह अत्याधुनिक सोलर सेल निर्माण संयंत्र करीब 101 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। इसके निर्माण में लगभग 3,293 करोड़ रुपये का पूंजीगत निवेश किया गया है।

कंपनी ने बताया कि प्लांट को निर्धारित समय और बजट के भीतर कमीशन किया गया है। यह सुविधा हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग और ऑटोमेशन को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।

हर घंटे बन सकेंगे करीब 88 हजार सोलर सेल

नई फैक्ट्री को बड़े पैमाने पर उत्पादन के लिए डिजाइन किया गया है। इसकी उत्पादन क्षमता लगभग 88,000 सोलर सेल प्रति घंटे बताई गई है।

प्लांट में मटेरियल हैंडलिंग, पैकिंग और पैकेजिंग के लिए ऑटोमेटेड सिस्टम लगाए गए हैं। इसके अलावा डिजिटल सिस्टम और Artificial Intelligence का इस्तेमाल प्रेडिक्टिव परफॉर्मेंस एनालिसिस, प्रोसेस कंट्रोल और प्रिसिजन मैन्युफैक्चरिंग के लिए किया जा रहा है।

TOPCon तकनीक से बनेगी हाई-एफिशिएंसी सोलर सेल

इस प्लांट में TOPCon यानी Tunnel Oxide Passivated Contact तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह आधुनिक सोलर सेल तकनीक है, जिसका उद्देश्य अधिक दक्षता वाले सोलर मॉड्यूल के लिए सेल तैयार करना है।

Premier Energies के अनुसार, प्लांट को भविष्य में TOPCon+ तकनीकों में अपग्रेड करने के लिए भी डिजाइन किया गया है। प्लांट के स्थिर होने और उत्पादन बढ़ने के बाद कंपनी लगभग 25.8 प्रतिशत औसत सेल एफिशिएंसी का लक्ष्य रखती है।

पानी के पुनर्चक्रण पर भी जोर

नई निर्माण सुविधा में Zero Liquid Discharge (ZLD) सिस्टम भी लगाया गया है। इसका उद्देश्य पानी के उपयोग को अधिक प्रभावी बनाना और पानी के पुनर्चक्रण एवं पुन: उपयोग को बढ़ाना है।

इस तरह प्लांट में बड़े पैमाने पर सोलर सेल निर्माण के साथ-साथ संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल पर भी ध्यान दिया गया है।

10 GW के ingot और wafer प्रोजेक्ट की भी योजना

Premier Energies अपने सोलर मैन्युफैक्चरिंग कारोबार में केवल सेल और मॉड्यूल उत्पादन तक सीमित नहीं रहना चाहती। कंपनी 10 GW क्षमता वाले ingot और wafer manufacturing projects पर भी काम कर रही है।

यह कदम सोलर मैन्युफैक्चरिंग की वैल्यू चेन में कंपनी की अपनी क्षमता बढ़ाने से जुड़ा है। कंपनी ने अगले तीन वर्षों में करीब 12,500 करोड़ रुपये के निवेश कार्यक्रम की योजना बताई है, जिसके तहत सोलर निर्माण क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ इनवर्टर, ट्रांसफॉर्मर और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम जैसे क्षेत्रों में भी विस्तार की योजना है।

भारत के घरेलू सोलर मैन्युफैक्चरिंग को मिलेगा बढ़ावा

भारत में सौर ऊर्जा के उत्पादन और इस्तेमाल के साथ-साथ घरेलू सोलर मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है। नई सोलर सेल निर्माण सुविधाएं देश में सोलर मॉड्यूल की सप्लाई चेन को मजबूत करने में भूमिका निभा सकती हैं।

Premier Energies की नई 7 GW सुविधा भी इसी बढ़ते विनिर्माण आधार का हिस्सा है। कंपनी का कहना है कि बड़े पैमाने पर उत्पादन से हाई-एफिशिएंसी सोलर उत्पादों की घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी।

कंपनी की मॉड्यूल निर्माण क्षमता भी बढ़ी

Premier Energies ने हाल के समय में अपनी सोलर मॉड्यूल निर्माण क्षमता का भी विस्तार किया है। Mercom India के अनुसार, कंपनी की मॉड्यूल क्षमता 11.1 GW तक पहुंच चुकी है, जबकि नई आंध्र प्रदेश सुविधा के बाद सेल क्षमता 10.6 GW हो गई है।

इस तरह कंपनी सोलर सेल से लेकर मॉड्यूल निर्माण तक अपनी उत्पादन क्षमता को बड़े स्तर पर बढ़ा रही है।

भारत के सोलर सेक्टर के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह प्लांट?

आंध्र प्रदेश में शुरू की गई यह सुविधा भारत में बड़े पैमाने पर सोलर सेल निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण औद्योगिक विस्तार है। 7 GW की नई क्षमता से Premier Energies की कुल सेल निर्माण क्षमता 10.6 GW तक पहुंच गई है।

नई सुविधा में TOPCon तकनीक, ऑटोमेशन, AI आधारित सिस्टम और पानी के पुनर्चक्रण जैसी व्यवस्थाओं को शामिल किया गया है। इससे भारत में हाई-एफिशिएंसी सोलर उत्पादों के घरेलू उत्पादन की क्षमता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

निष्कर्ष

Premier Energies ने आंध्र प्रदेश के नायडुपेटा में 7 GW क्षमता वाली N-type TOPCon G12R सोलर सेल निर्माण सुविधा कमीशन कर दी है। करीब 101 एकड़ में फैली इस सुविधा पर 3,293 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है और इसके जुड़ने से कंपनी की कुल सोलर सेल निर्माण क्षमता 10.6 GW हो गई है।

कंपनी के अनुसार यह भारत की सबसे बड़ी सोलर सेल निर्माण सुविधा है। प्लांट में फिलहाल ट्रायल प्रोडक्शन शुरू हो चुका है और स्थिर उत्पादन के बाद इसकी क्षमता का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर हाई-एफिशिएंसी सोलर सेल निर्माण में किया जाएगा।

 

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