मिजोरम ने ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए शुरू किया पहला ‘Pluck & Pay Festival’, खेतों में जाकर फसल तोड़ सकेंगे पर्यटक ???

आइजोल, 25 सितंबर 2026: मिजोरम ने ग्रामीण और कृषि पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक अनोखी पहल शुरू की है। राज्य में पहली बार ‘Pluck & Pay Festival’ का आयोजन किया जा रहा है। यह तीन दिवसीय महोत्सव 23 से 25 सितंबर 2026 तक खावजॉल (Khawzawl) जिले के तुआलते (Tualte) और चावंगलताई (Chawngtlai) गांवों में आयोजित किया जा रहा है।

इस पहल के तहत पर्यटकों को केवल खेतों और बागानों को देखने का मौका ही नहीं मिलेगा, बल्कि वे खुद खेत में जाकर ताजा फल और सब्जियां तोड़ सकेंगे और उनके लिए सीधे किसानों को भुगतान कर सकेंगे। इसका उद्देश्य पर्यटन को ग्रामीण अर्थव्यवस्था, कृषि और स्थानीय समुदायों से जोड़ना है।

पहली बार शुरू हुआ ‘Pluck & Pay’ Festival

मिजोरम पर्यटन विभाग और खावजॉल के डिप्टी कमिश्नर कार्यालय ने संयुक्त रूप से इस पहले ‘Pluck & Pay Festival’ का आयोजन किया है। महोत्सव का उद्घाटन 23 सितंबर को तुआलते के वन्हनुऐलियाना हॉल में किया गया।

इस पहल में पर्यटकों को स्थानीय किसानों के खेतों और बागानों तक पहुंच दी जा रही है। पर्यटक अपनी पसंद की उपज खुद तोड़ सकते हैं और उसके बदले सीधे उत्पादक को भुगतान कर सकते हैं। इस तरह पर्यटक और किसान के बीच सीधा आर्थिक संबंध स्थापित करने की कोशिश की जा रही है।

खेती को पर्यटन से जोड़ने की पहल

‘Pluck & Pay’ Festival का मुख्य उद्देश्य कृषि, बागवानी, पर्यटन, स्थानीय भोजन और ग्रामीण उद्यमों को एक साथ जोड़ना है। इसके जरिए ग्रामीण क्षेत्रों को पर्यटन गतिविधियों का हिस्सा बनाने की कोशिश की जा रही है।

मिजोरम पर्यटन मंत्री लालन्घिंगलोवा हमार ने कहा कि पर्यटन का उद्देश्य केवल पर्यटकों को अलग-अलग जगहों तक पहुंचाना नहीं होना चाहिए, बल्कि उन स्थानीय लोगों के लिए भी आर्थिक अवसर पैदा करना चाहिए जो इन स्थानों को खास बनाते हैं।

इन फलों और सब्जियों की कर सकेंगे खरीदारी

महोत्सव में पर्यटकों को कई तरह की कृषि उपज वाले खेतों और बागानों में जाने का अवसर दिया जा रहा है। चावंगलताई में तीन कीवी बागान, पांच पैशन फ्रूट बागान और पांच टमाटर फार्म पर्यटकों के लिए उपलब्ध कराए गए हैं।

वहीं तुआलते में दो पैशन फ्रूट बागान, पांच केले के बागान, पांच टमाटर फार्म और दो बीन फार्म को इस पर्यटन गतिविधि से जोड़ा गया है। इससे पर्यटकों को खेत से सीधे ताजा उत्पाद खरीदने का अनुभव मिल रहा है।

टमाटर की खेती से जुड़े हैं सैकड़ों परिवार

खावजॉल जिले के इन गांवों में बागवानी और व्यावसायिक खेती पहले से ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मिजोरम के बागवानी विभाग के अनुसार, तुआलते में वर्ष 2019 के आसपास टमाटर की खेती को बढ़ावा दिया गया था।

इसके बाद 200 से अधिक परिवार टमाटर की खेती से जुड़ चुके हैं। विभाग के आंकड़ों के अनुसार इन किसानों ने अब तक एक लाख क्विंटल से अधिक टमाटर का उत्पादन किया है और इससे 14 करोड़ रुपये से अधिक की आय हुई है।

चावंगलताई में भी बढ़ी कृषि गतिविधियां

चावंगलताई में भी टमाटर और पैशन फ्रूट की खेती ग्रामीण परिवारों की आय का माध्यम बन रही है। विभाग के अनुसार यहां 120 से अधिक परिवार टमाटर की खेती से जुड़े हैं और अब तक 8,000 क्विंटल से अधिक टमाटर की बिक्री हो चुकी है, जिससे 4 करोड़ रुपये से अधिक की आय हुई है।

पैशन फ्रूट की खेती को भी क्षेत्र में बढ़ावा दिया जा रहा है। वर्ष 2025-26 में तुआलते के 151 परिवारों को Mission for Integrated Development of Horticulture (MIDH) के तहत पैशन फ्रूट की खेती के लिए चुना गया था।

केवल खेती ही नहीं, संस्कृति भी बनेगी आकर्षण

‘Pluck & Pay Festival’ को केवल कृषि आधारित कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखा गया है। इसमें मिजोरम की स्थानीय संस्कृति, संगीत, नृत्य, भोजन, हस्तशिल्प और पारंपरिक खेलों को भी शामिल किया गया है।

पर्यटकों को स्थानीय व्यंजनों का स्वाद लेने और मिजो संस्कृति को करीब से समझने का अवसर दिया जा रहा है। इसके अलावा स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियां और शाम के सांस्कृतिक कार्यक्रम भी महोत्सव का हिस्सा हैं।

ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्थलों की भी सैर

महोत्सव के दौरान पर्यटक खावजॉल क्षेत्र के प्राकृतिक और ऐतिहासिक स्थलों को भी देख सकते हैं। इनमें Pathian Tlang, Nikuala Lungdawh, Zo Hill Station और Pasaltha Memorial Sites जैसे स्थान शामिल हैं।

स्थानीय संगठनों की मदद से इन स्थलों तक पर्यटकों की पहुंच और जानकारी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही Zawlkhaw Adventure Club की ओर से जिपलाइन जैसी गतिविधियां भी आयोजित की जा रही हैं।

प्लास्टिक मुक्त आयोजन पर जोर

महोत्सव में पर्यावरण संरक्षण पर भी ध्यान दिया गया है। आयोजकों ने इसे सिंगल-यूज प्लास्टिक से मुक्त रखने की पहल की है।

पर्यटन मंत्री ने प्राकृतिक पर्यावरण, जंगलों और मिजोरम के कृषि संसाधनों को राज्य की महत्वपूर्ण पर्यटन संपत्ति बताया। उन्होंने भविष्य में इसी तरह के ग्रीन और पर्यावरण-अनुकूल उत्सवों को बढ़ावा देने की बात कही।

किसानों को मिलेगा सीधा बाजार

‘Pluck & Pay’ मॉडल का एक महत्वपूर्ण पहलू किसानों को पर्यटकों से सीधे जोड़ना है। सामान्य पर्यटन में स्थानीय उत्पादों की बिक्री अक्सर बिचौलियों या अलग-अलग बाजार चैनलों के जरिए होती है, लेकिन इस मॉडल में पर्यटक सीधे खेत पर जाकर उत्पाद खरीद सकते हैं।

इससे किसानों को अपने उत्पादों के लिए एक अतिरिक्त बाजार मिल सकता है। साथ ही पर्यटकों को यह समझने का अवसर मिलता है कि स्थानीय भोजन और कृषि उत्पाद खेत से उनके हाथों तक कैसे पहुंचते हैं।

होमस्टे, गाइड और स्थानीय कारोबार को भी फायदा

ग्रामीण पर्यटन केवल किसानों तक सीमित आर्थिक गतिविधि नहीं पैदा करता। यदि पर्यटकों की संख्या बढ़ती है तो होमस्टे, स्थानीय परिवहन, गाइड, भोजन, हस्तशिल्प और छोटे ग्रामीण व्यवसायों के लिए भी अवसर पैदा हो सकते हैं।

इसी वजह से मिजोरम सरकार इस पहल को समुदाय आधारित पर्यटन से जोड़ रही है। उद्देश्य यह है कि पर्यटन से होने वाला आर्थिक लाभ उन ग्रामीण समुदायों तक भी पहुंचे जहां पर्यटक जाते हैं।

मिजोरम के 2026 पर्यटन कैलेंडर की शुरुआत

पहले ‘Pluck & Pay Festival’ को मिजोरम के 2026 पर्यटन एवं उत्सव सीजन की शुरुआत के रूप में भी देखा जा रहा है। राज्य में आगे Anthurium Festival, Hnahsin Kût, Mizoram Travel Fest, Leitlangpui Music Festival, Winter Festival, Tlaizawng Paradise Festival और Sakawrhmuituai Sunset Event जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाने हैं।

News On AIR के अनुसार, राज्य में पर्यटकों की संख्या भी बढ़ी है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक पर्यटकों की संख्या 2024 में 4,27,302 से बढ़कर 2025 में 8,41,322 हो गई।

ग्रामीण पर्यटन को मिलेगा नया मॉडल

‘Pluck & Pay Festival’ मिजोरम के ग्रामीण क्षेत्रों को पारंपरिक पर्यटन स्थलों से आगे बढ़ाकर खेत, बागान और गांवों को ही पर्यटन अनुभव बनाने की कोशिश है।

इस मॉडल में पर्यटक केवल किसी स्थान को देखकर वापस नहीं जाते, बल्कि स्थानीय कृषि गतिविधियों में भाग लेते हैं, किसान से सीधे उत्पाद खरीदते हैं, स्थानीय भोजन का अनुभव लेते हैं और गांव की संस्कृति से जुड़ते हैं।

निष्कर्ष

मिजोरम का पहला ‘Pluck & Pay Festival’ ग्रामीण पर्यटन और कृषि को एक साथ जोड़ने की अनोखी पहल है। 23 से 25 सितंबर तक खावजॉल जिले के तुआलते और चावंगलताई गांवों में आयोजित इस महोत्सव में पर्यटकों को खेतों में जाकर फल-सब्जियां खुद तोड़ने और सीधे किसानों से खरीदने का मौका मिल रहा है।

कृषि, पर्यटन, स्थानीय भोजन, संस्कृति और ग्रामीण उद्यमों को जोड़ने वाली यह पहल मिजोरम के गांवों को पर्यटन अर्थव्यवस्था में सीधे शामिल करने का प्रयास है।

 

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