Haryana Blood Donation:- रक्तदान में हरियाणा देश का शीर्ष राज्य, लगातार तीसरी बार हासिल किया पहला स्थान

रक्तदान में हरियाणा लगातार तीसरी बार देश में नंबर-1, 5.89 लाख यूनिट रक्त संग्रह....

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 रक्तदान के क्षेत्र में हरियाणा ने एक बार फिर देशभर में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। वर्ष 2025-26 में प्रति 10 लाख आबादी पर रक्तदान के मामले में हरियाणा लगातार तीसरे वर्ष देश में पहले स्थान पर रहा है। सत्यापित e-RaktKosh आंकड़ों के आधार पर राज्य ने 5.89 लाख यूनिट रक्त एकत्र किया और 8,189 रक्तदान शिविर आयोजित किए।

लगातार तीसरी बार बना नंबर-1

हरियाणा की यह उपलब्धि इसलिए खास है क्योंकि राज्य ने लगातार तीसरे साल राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष स्थान हासिल किया है। इससे पहले भी 2024 और 2025 में हरियाणा को राष्ट्रीय स्तर पर रक्तदान के लिए सम्मान मिल चुका है।

राज्य की रैंकिंग प्रति दस लाख आबादी पर रक्तदान के आधार पर तय की गई है। यानी केवल कुल रक्त संग्रह नहीं, बल्कि राज्य की आबादी के अनुपात में रक्तदान को भी इसमें महत्वपूर्ण माना गया है। आंकड़े केंद्र सरकार के e-RaktKosh पोर्टल पर दर्ज सत्यापित वार्षिक डेटा पर आधारित हैं।

2025-26 में 5.89 लाख यूनिट रक्त एकत्र

हरियाणा में वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कुल 5.89 लाख यूनिट रक्त एकत्र किया गया। इसके लिए पूरे राज्य में 8,189 रक्तदान शिविर आयोजित किए गए। बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी ने राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष स्थान हासिल करने में मदद की।

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक यह उपलब्धि सिर्फ सरकारी प्रयासों का परिणाम नहीं है, बल्कि आम लोगों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न संस्थाओं की लगातार भागीदारी भी इसमें अहम रही है।

1 अक्टूबर को मिलेगा राष्ट्रीय सम्मान

हरियाणा की इस उपलब्धि को केंद्र सरकार की ओर से राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। 1 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली स्थित लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस कार्यक्रम के दौरान हरियाणा को सम्मानित किए जाने की जानकारी दी गई है।

यह सम्मान हरियाणा के लिए लगातार तीसरे वर्ष राष्ट्रीय पहचान हासिल करने का प्रतीक होगा।

स्वैच्छिक रक्तदान की दर भी बढ़ी

हरियाणा में रक्तदान के साथ-साथ स्वैच्छिक रक्तदान की हिस्सेदारी में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार राज्य में स्वैच्छिक रक्तदान की दर 79 प्रतिशत से बढ़कर 92 प्रतिशत हो गई है। यह राज्य को राष्ट्रीय 95 प्रतिशत मानक के और करीब ले जाती है।

स्वैच्छिक रक्तदान का महत्व इसलिए अधिक है क्योंकि इससे अस्पतालों में जरूरतमंद मरीजों के लिए सुरक्षित और नियमित रक्त उपलब्ध कराने में मदद मिलती है।

163 ब्लड सेंटरों का नेटवर्क

हरियाणा ने रक्त आधान यानी ब्लड ट्रांसफ्यूजन इंफ्रास्ट्रक्चर को भी मजबूत किया है। राज्य में लाइसेंस प्राप्त ब्लड सेंटरों की संख्या बढ़कर 163 हो गई है। इनमें 34 सरकारी और 129 निजी ब्लड सेंटर शामिल हैं।

चरखी दादरी जिला नागरिक अस्पताल में ब्लड सेंटर को लाइसेंस मिलने के बाद राज्य के सभी 22 जिलों में कम से कम एक कार्यशील लाइसेंस प्राप्त सरकारी ब्लड सेंटर उपलब्ध होने की बात कही गई है।

ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन से मरीजों को फायदा

राज्य के 150 ब्लड सेंटरों में ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन की सुविधा उपलब्ध है। इसका फायदा यह होता है कि एक यूनिट रक्त को अलग-अलग घटकों में विभाजित कर जरूरत के मुताबिक मरीजों को दिया जा सकता है।

इससे ऐसे मरीजों को विशेष लाभ मिलता है जिन्हें पूरे रक्त की बजाय केवल किसी खास रक्त अवयव की जरूरत होती है।

डिजिटल सिस्टम से भी जुड़ रही व्यवस्था

हरियाणा में रक्त आधान सेवाओं को डिजिटल स्वास्थ्य प्रणालियों से जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है। राज्य के कई ब्लड सेंटर डिजिटल सिस्टम के साथ एकीकृत किए गए हैं, जिससे रक्त की उपलब्धता, दान और मरीजों से संबंधित सेवाओं की निगरानी को बेहतर बनाने में मदद मिल रही है।

रक्तदान से बचाई जा सकती हैं जिंदगियां

रक्त की जरूरत दुर्घटना पीड़ितों, ऑपरेशन कराने वाले मरीजों, प्रसव के दौरान गंभीर रक्तस्राव झेलने वाली महिलाओं और कई गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को पड़ सकती है।

इसी वजह से नियमित स्वैच्छिक रक्तदान को स्वास्थ्य व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। केंद्र सरकार की स्वैच्छिक रक्तदान गाइडलाइन भी सुरक्षित और पर्याप्त रक्त आपूर्ति के लिए स्वैच्छिक, बिना पारिश्रमिक वाले रक्तदाताओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताती है।

हरियाणा की उपलब्धि क्यों महत्वपूर्ण?

हरियाणा का लगातार तीसरी बार देश में शीर्ष स्थान हासिल करना कई स्तरों पर महत्वपूर्ण है—

  • प्रति 10 लाख आबादी पर देश में सबसे बेहतर प्रदर्शन
  • 2025-26 में 5.89 लाख यूनिट रक्त संग्रह
  • 8,189 रक्तदान शिविर
  • स्वैच्छिक रक्तदान दर 92 प्रतिशत
  • सभी 22 जिलों में सरकारी लाइसेंस प्राप्त ब्लड सेंटर की उपलब्धता
  • 163 लाइसेंस प्राप्त ब्लड सेंटरों का नेटवर्क
  • रक्त सेवाओं में डिजिटल तकनीक का बढ़ता इस्तेमाल

इन उपलब्धियों से राज्य में सुरक्षित रक्त की उपलब्धता और जरूरतमंद मरीजों तक समय पर रक्त पहुंचाने की क्षमता मजबूत होने की उम्मीद है।

निष्कर्ष

रक्तदान में हरियाणा लगातार तीसरे साल देश का नंबर-1 राज्य बना है। 2025-26 में 5.89 लाख यूनिट रक्त संग्रह और 8,189 रक्तदान शिविरों के साथ राज्य ने प्रति 10 लाख आबादी पर रक्तदान में शीर्ष स्थान हासिल किया। अब केंद्र सरकार 1 अक्टूबर को नई दिल्ली में हरियाणा को राष्ट्रीय सम्मान देने जा रही है।

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