एशिया कप फाइनल में विकेट लेने के बाद पवेलियन की ओर इशारा करना क्रांति गौड़ को पड़ा भारी, ICC ने 10% मैच फीस का जुर्माना लगाया???
भारतीय खिलाड़ी के लिए 'गम' में बदली एशिया कप की खुशी, ICC ने सुनाई कड़ी सजा....
Kranti Gaud: महिला एशिया कप फाइनल में क्रांति गौड़ ने 1 विकेट लिया. इसके साथ उन्होंने एक नियम का भी उल्लंघन किया, जिसके चलते ICC ने उन्हें अगले दिन सजा सुनाई.
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने श्रीलंका को हराकर महिला एशिया कप 2026 का खिताब अपने नाम किया, लेकिन इस शानदार जीत के अगले ही दिन टीम इंडिया की तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ को ICC की कार्रवाई का सामना करना पड़ा। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने उन्हें मैच फीस का 10 फीसदी जुर्माना लगाया है। इसके अलावा उनके अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में एक डिमेरिट पॉइंट भी जोड़ा गया है।
ICC ने यह कार्रवाई महिला एशिया कप के फाइनल मुकाबले में उनके एक जश्न मनाने के तरीके को लेकर की है। आइए जानते हैं कि आखिर मैदान पर क्रांति गौड़ ने ऐसा क्या किया, जिसके कारण उन्हें यह सजा मिली।
फाइनल में क्रांति गौड़ ने लिया था अहम विकेट
महिला एशिया कप 2026 का फाइनल दुबई में भारत और श्रीलंका के बीच खेला गया। भारतीय टीम ने मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए श्रीलंका को 72 रन से हराकर खिताब अपने नाम किया। यह भारत का महिला एशिया कप में रिकॉर्ड आठवां खिताब रहा।
इस मुकाबले में क्रांति गौड़ ने गेंदबाजी के दौरान श्रीलंका की ओपनर इमेशा दुलानी को आउट किया। यह विकेट मैच के शुरुआती चरण में आया था और क्रांति के लिए महत्वपूर्ण रहा।
लेकिन इसी विकेट के बाद उनके जश्न मनाने के तरीके ने ICC का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
विकेट लेने के बाद पवेलियन की तरफ किया इशारा
ICC के आधिकारिक बयान के मुताबिक, श्रीलंका की पारी के पहले ओवर में इमेशा दुलानी को आउट करने के बाद क्रांति गौड़ ने पवेलियन की दिशा में इशारा किया। ICC ने इस gesture को खिलाड़ियों की आचार संहिता के नियमों के तहत अनुचित माना।
क्रांति गौड़ पर ICC Code of Conduct के Article 2.5 के तहत Level-1 उल्लंघन का आरोप लगा। यह नियम ऐसे शब्दों, हरकतों या इशारों से संबंधित है जो आउट होने वाले बल्लेबाज को अपमानित करें या उसके खिलाफ आक्रामक प्रतिक्रिया को उकसा सकते हों।
क्रांति गौड़ को कितनी सजा मिली?
ICC ने क्रांति गौड़ पर उनकी मैच फीस का 10 फीसदी जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही उनके रिकॉर्ड में एक डिमेरिट पॉइंट भी जोड़ दिया गया।
ICC के मुताबिक यह क्रांति गौड़ का पिछले 24 महीनों में पहला अपराध है। उन्होंने अपना अपराध स्वीकार कर लिया और मैच रेफरी द्वारा प्रस्तावित सजा को भी मान लिया। इसलिए मामले में किसी औपचारिक सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी।
सजा एक नजर में
| कार्रवाई | विवरण |
|---|---|
| खिलाड़ी | क्रांति गौड़ |
| मुकाबला | भारत vs श्रीलंका, महिला एशिया कप फाइनल |
| उल्लंघन | ICC Code of Conduct Level 1 |
| नियम | Article 2.5 |
| जुर्माना | मैच फीस का 10% |
| डिमेरिट पॉइंट | 1 |
| पिछले 24 महीनों में अपराध | पहला |
| सुनवाई | जरूरत नहीं पड़ी |
Level-1 अपराध में क्या सजा हो सकती है?
ICC के नियमों के अनुसार Level-1 Code of Conduct उल्लंघन में आधिकारिक फटकार से लेकर मैच फीस के 50 फीसदी तक जुर्माना और एक या दो डिमेरिट पॉइंट दिए जा सकते हैं। क्रांति गौड़ के मामले में 10 फीसदी मैच फीस और एक डिमेरिट पॉइंट की सजा दी गई।
डिमेरिट पॉइंट खिलाड़ी के रिकॉर्ड में 24 महीने तक रहते हैं। अगर कोई खिलाड़ी इस अवधि में चार या उससे अधिक डिमेरिट पॉइंट हासिल करता है, तो वे suspension points में बदल सकते हैं और इसके बाद मैचों से प्रतिबंध का रास्ता खुल सकता है।
एशिया कप जीतने के बाद भी चर्चा में क्यों आईं क्रांति?
क्रांति गौड़ के लिए एशिया कप अभियान कई मायनों में खास रहा। वह भारतीय महिला टीम की तेज गेंदबाजी इकाई का हिस्सा थीं और टूर्नामेंट के दौरान चर्चा में भी रहीं।
इससे पहले एशिया कप में भारत-पाकिस्तान मुकाबले के दौरान भी क्रांति गौड़ से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया था, जिसमें कुछ दर्शकों द्वारा कथित तौर पर उनके खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई थीं। हालांकि उस वीडियो में मौजूद लोगों की पहचान स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुई थी।
अब फाइनल के बाद ICC की कार्रवाई के कारण उनका नाम एक बार फिर सुर्खियों में है।
भारत ने शानदार अंदाज में जीता एशिया कप
ICC की कार्रवाई के बावजूद भारतीय टीम के लिए टूर्नामेंट का अंत शानदार रहा। भारत ने फाइनल में श्रीलंका के खिलाफ मजबूत बल्लेबाजी और शानदार गेंदबाजी का प्रदर्शन किया। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 183/5 का स्कोर बनाया, जबकि श्रीलंकाई टीम जवाब में 111 रन पर सिमट गई। भारत ने मुकाबला 72 रन से जीता।
इस जीत के साथ भारतीय महिला टीम ने एशिया कप का अपना आठवां खिताब हासिल किया।
क्रांति गौड़ के मामले में आगे क्या?
फिलहाल क्रांति गौड़ को सिर्फ 10 फीसदी मैच फीस के जुर्माने और एक डिमेरिट पॉइंट की सजा मिली है। यह किसी मैच से प्रतिबंध नहीं है। लेकिन आगे यदि उनके अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में और डिमेरिट पॉइंट जुड़ते हैं, तो ICC के नियमों के तहत स्थिति गंभीर हो सकती है।
इसलिए यह मामला खिलाड़ियों के लिए एक बार फिर यह संदेश देता है कि विकेट लेने के बाद जश्न मनाते समय भी ICC के Code of Conduct का ध्यान रखना जरूरी है।
निष्कर्ष
क्रांति गौड़ ने महिला एशिया कप फाइनल में विकेट लेकर भारत की जीत में योगदान दिया, लेकिन उसी विकेट के बाद किया गया पवेलियन की ओर इशारा उन्हें महंगा पड़ गया। ICC ने इसे Level-1 Code of Conduct का उल्लंघन माना और 10 फीसदी मैच फीस का जुर्माना तथा एक डिमेरिट पॉइंट दिया। क्रांति ने गलती स्वीकार कर सजा मान ली, जिससे मामले में औपचारिक सुनवाई नहीं हुई।





