21 जून को NEET-UG री-टेस्ट, सरकार की सबसे बड़ी परीक्षा चुनौती
21 जून को होगा NEET-UG री-टेस्ट, सुरक्षा में सेना-एयरफोर्स और PM मोदी की बड़ी भूमिका
NEET-UG पेपर लीक मामले के बाद केंद्र सरकार 21 जून 2026 को दोबारा परीक्षा कराने जा रही है। इस बार सरकार किसी भी तरह की चूक से बचना चाहती है। यही वजह है कि री-एग्जाम को पूरी तरह सुरक्षित और फूलप्रूफ बनाने के लिए युद्धस्तर पर तैयारियां की जा रही हैं।

सूत्रों के मुताबिक परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था में कई केंद्रीय एजेंसियों के साथ भारतीय वायुसेना (IAF) की मदद लेने पर भी विचार किया जा रहा है। सरकार का फोकस इस बार पेपर की गोपनीयता, सुरक्षित ट्रांसपोर्टेशन और परीक्षा केंद्रों की निगरानी पर है।
क्यों अहम है यह NEET री-टेस्ट?
देशभर के लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी NEET-UG परीक्षा इस बार विवादों में आ गई थी। पेपर लीक के आरोपों के बाद परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठे, जिसके बाद केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) पर दबाव बढ़ गया।
अब 21 जून को होने वाला री-टेस्ट सरकार और एजेंसियों के लिए भरोसा बहाल करने की बड़ी परीक्षा माना जा रहा है।
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सुरक्षा के लिए सेना और एयरफोर्स की भूमिका क्या हो सकती है?
सूत्रों के अनुसार सरकार प्रश्नपत्रों को सुरक्षित तरीके से विभिन्न राज्यों तक पहुंचाने के लिए एयरफोर्स की लॉजिस्टिक मदद लेने पर विचार कर रही है। इसके तहत संवेदनशील राज्यों और दूरदराज इलाकों में प्रश्नपत्रों की एयर ट्रांसपोर्ट व्यवस्था की जा सकती है।
इसके अलावा कई स्तरों पर निगरानी की तैयारी की जा रही है:
- परीक्षा केंद्रों पर कड़ी पुलिस सुरक्षा
- CCTV और लाइव मॉनिटरिंग
- डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम
- पेपर ट्रांसपोर्ट के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था
- संवेदनशील केंद्रों पर केंद्रीय बलों की तैनाती
सरकार चाहती है कि इस बार किसी भी स्तर पर पेपर लीक या गड़बड़ी की संभावना पूरी तरह खत्म की जाए।
PM मोदी भी लगातार ले रहे अपडेट
सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री Narendra Modi भी पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं। केंद्र सरकार शिक्षा मंत्रालय और गृह मंत्रालय के साथ मिलकर सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा कर रही है।
सरकार का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि छात्रों का विश्वास दोबारा कायम हो और परीक्षा निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो सके।
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सुप्रीम कोर्ट में आज अहम सुनवाई
इसी बीच NEET-UG पेपर लीक मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई भी होनी है। कोर्ट में परीक्षा की पारदर्शिता, री-टेस्ट की प्रक्रिया और जांच एजेंसियों की कार्रवाई को लेकर कई याचिकाओं पर सुनवाई की जाएगी।
छात्रों और अभिभावकों की नजर अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले और सरकार की तैयारियों पर टिकी हुई है।
छात्रों के लिए क्या जरूरी?
विशेषज्ञों का कहना है कि छात्र अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें। NTA की वेबसाइट और आधिकारिक नोटिस पर नजर बनाए रखना जरूरी है।
छात्रों के लिए सलाह
- एडमिट कार्ड और परीक्षा निर्देश समय पर चेक करें
- परीक्षा केंद्र पर तय समय से पहले पहुंचें
- किसी भी फर्जी खबर या सोशल मीडिया अफवाह से बचें
- केवल आधिकारिक अपडेट पर भरोसा करें
21 जून का NEET-UG री-टेस्ट केवल एक परीक्षा नहीं बल्कि देश की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता की बड़ी कसौटी माना जा रहा है।





